Delhi: पिछले दो दिनों से दिल्ली में हुए उपद्रव पर कई खुलासे हुए है। पूरे देश में कोरोना संक्रमण फैलाने के मामले में नाम आने के बाद तबलीगी जमात का दिल्ली में हुए सिलसिलेवार उपद्रव से भी लिंक बताया जा रहा है। मीडिया में खबर आ गई है की दिल्ली पुलिस की तरफ से इस केस में दाखिल की गई चार्जशीट में तबलीगी जमात को लेकर बहुत ही अहम् बात सामने आई है। चार्जशीट में कहा गया है कि दिल्ली उपद्रव का मास्टरमाइंड फैजल फारूक तबलीगी जमात के अरगना मौलाना साद के खासम ख़ास अब्दुल अलीम के संपर्क में था।
मीडिया में कहाबत है की दिल्ली पुलिस के सूत्रों का कहना है कि पुलिस ने गहन जांच और इन्वेर्टिगेशन के बाद दिल्ली दहलाने के मामले में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस ने इस मामले में फैजल फारूक क रोल होने की जांच के लिए उसके कॉल रिकॉर्ड को खंगाला था। आरोपी फैजल फारुक के कॉल रिकॉर्ड से यह बाते उजागर हुई है कि वह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया, पिंजरा तोड़ समूह, जामिया समन्वय समिति और तबलीगी जमात के बड़े सदस्यों के संपर्क में था। दिल्ली उत्पात के वक़्त फजल फारूक की इन सभी संगठनों से जुड़े लोगों के साथ कई बार कॉल पर बात किया था।
आपको बता की इसी वर्ष फरवरी में दिल्ली उपद्रव केस में यही के दयालपुर स्थित राजधानी स्कूल (Rajdhani School Delhi) के मालिक फैजल फारुक का नाम पुलिस जाँच में उजागर हुआ था। फैजल फारूक उन 18 लोगों में से एक है, जिन्हें जाँच टीम ने स्कूल के आसपास उपद्रव करने वालो को उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उपद्रवियों का सबसे बड़ा काम बाज़ू में स्थित बीआरपी कान्वेंट स्कूल को नुकसान पहुंचाना था।
खबर है की जाँच के दौरान पता चला कि फैजल (Faisal Farooque) ने अपने राजधानी स्कूल और उसके आसपास के इलाकों में उपद्रव उकसाने का षड्यंत्र रचा। अपने इस षड्यंत्र को अंजाम देने के लिए फैजल ने बहुत तैयारियां की थीं। सूत्रों का कहना है कि फैजल के इशारे पर ही उपद्रवी भीड़ ने बीआरपी कान्वेंट स्कूल को पूरी तरह नुक्सान पहुँचाया था। जांच के दौरान फैजल फारुक के मौलाना साद के करीबी अब्दुल अलीम के साथ मोबाइल कॉल पर हुई बातचीत को भी उजागर किया है।
जानकारों का कहना है कि इस बात का पता चलने के बाद तबलीगी जमात (Tablighi Jamaat) की मुस्किले और बढ़ सकती हैं। देश में कोरोना महामारी संक्रमण (Corona Virus) के प्राम्भिक दिनों में इस वायरस का संक्रमण फैलाने में तबलीगी जमात का नाम सामने आया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मौलाना साद पर लगाम कस दिया। उनके मरकज़ को विदेशों से मिलने वाली फंडिंग की जांच भी की जा रही है। उसके बैंक कहते भी सील किये गए है।
जमात के कार्यक्रम में विदेशों से आने वाले कार्यकर्ताओं को वीजा मानदंडों और विदेशी अधिनियम तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। अनेक जमातियों के पासपोर्ट भी रद्द किये गए है। अभी तक इस मामले में मौलाना साद (Maulana Saad) फरार चल रहा है और पुलिस जाँच से बचने के लिए बहाने बना रहा है। उसने अपने 2 ऑडियो भी जारी किये थे।
दिल्ली पुलिस ने दिल्ली उपद्रव मामले में बुधवार को दो और आरोपपत्र कड़कड़डूमा अदालत में दाखिल किए। पुलिस ने मुख्य आरोप पत्र आईबी अधिकारी अंकित शर्मा केस (Ankit Sharma Case) को लेकर दाखिल किया है। इसमें कहा गया है कि अंकित शर्मा के साथ किये गए उस कृत्य में पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन भी शामिल था और यह इसके नेतृत्व में किया गया। वहीं, दूसरा आरोपपत्र शिव विहार स्थित राजधानी पब्लिक स्कूल के बाहर हुए की गई घटना के संबंध में है। अदालत ने दोनों आरोपपत्र पर संज्ञान के लिए 16 जून की तारीख तय की है।
कड़कड़डूमा स्थित मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के समक्ष दायर इन आरोपपत्रों में आम आदमी पार्टी से निलंबित निगम पार्षद ताहिर हुसैन (Tahir Hussain) के नेतृत्व में भीड़ द्वारा आईबी अधिकारी अंकित शर्मा वाली घटना को अनजान देने की बात है। पुलिस का आरोप है कि 24 और 25 फरवरी 2020 को एक गहरे षड्यंत्र के तहत इस घटना को अंजाम दिया गया। आरोपपत्र में यह भी कहा गया कि चांद बाग इलाके में किये गए उपद्रव का नेतृत्व ताहिर हुसैन द्वारा किया जा रहा था।



