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Bhopal/Madhya Pradesh: दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना के कहर से लगातार जूझ रही है। इस वायरस से प्राण गवाने वालों की संख्या 3 लाख 43 हजार से ज्यादा हो गई है और संक्रमितों की संख्या 54 लाख को पार कर गई है। जबकि 22 लाख 47 हजार से ज्यादा लोगों ने कोरोना जीत हासिल की है। दुनिया में सबसे ज्यादा प्रभावित देश अमेरिका में जान जाने की संख्या 98 हजार को पार कर गई है और 16 लाख 66 हजार से ज्यादा लोग COVID-19 संक्रमित हैं।
अमेरिका में पास्ता बनाने वाली एक कंपनी ने स्पोकेन शहर में स्थित अपनी फैक्टरी में कोरोना वायरस फैलने की घोषणा की है। यह खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिकी सरकार अर्थव्यवस्था को फिर से खोलने की तैयारी कर रही है। अखबार ‘द स्पोक्समैन-रिव्यू’ की खबर के मुताबिक फिलाडेल्फिया मैक्रोनी कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में बताया कि उसके 72 कर्मचारियों की कोविड-19 के लिए जांच की गई और 24 कर्मी संक्रमित पाए गए हैं। दुनिया में अमेरिका में कोरोना वायरस के सबसे ज्यादा 16 लाख से अधिक मामले आए हैं।
इससे पहले सोशल डिस्टन्सिंग के चलते पूरी दुनिया में भारतीय नमस्ते को अपनाया था। आज कोरोना वायरस के चलते पूरी दुनिया ने भारत से नमस्ते करना सीख लिया है। भारतीय संस्कृति का नमस्ते आज सुर्ख़ियों में है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर से हाथ मिलाने के बजाय नमस्ते (Namaste) कहा था। विदेशी और पश्चिमी देशों में हाथ मिलाकर अभिवादन किया जाता है, किन्तु कोरोना वायरस की महामारी से बचने के लिए वहां के लोगों ने अब हाथ मिलाना बंद कर दिया है।
असल में भारतीय संस्कृति में नमस्ते कहकर अभिवादन करते हैं और कोरोना के संक्रमण के डर से आज नमस्ते दुनियाभर में सबसे लोकप्रिय बन गया है। मीडिया ने जब ट्रंप से पूछा कि उन्होंने हाथ मिलाने के बजाय नमस्ते क्यों किया तो उन्होंने पिछले महीने की अपनी भारत यात्रा को याद दिलाते हुए और कहा, “मैं अभी इंडिया से वापस आया हूं और मैंने वहां किसी से भी हाथ नहीं मिलाया। नमस्ते करना बहुत आसान होता है। आप भी नमस्ते करना बहुत पसंद करेंगे। भारत के लोग इस मामले में काफी आगे हैं।” बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप और आयरलैंड के प्रधानमंत्री लियो वराडकर ने एक साथ नमस्ते किया।
दुनियां कर रही है "नमस्ते"। एक दिन ये तो होना ही था… सनातन का आधार ही वैज्ञानिक पद्धति है। बस सनातन औरों की तरह “मार्केटिंग” नहीं करता,ज़बरदस्ती धर्मान्तरण नहीं करवाता। #सनातनधर्म🚩 pic.twitter.com/8INQi735UE
— हरि मांझी (@HariManjhi) March 12, 2020
अब लोग कहने लगे है की दुनियां भारतीय संस्कृति में “नमस्ते” (Namaste) कर रही है। एक दिन ये तो होना ही था। सनातन का आधार ही वैज्ञानिक पद्धति है। बस सनातन औरों की तरह “मार्केटिंग” नहीं करता,ज़बरदस्ती धर्मान्तरण नहीं करवाता। इतना ही नहीं अब ऐसा अनुमान नहीं लगाया जा रहा है की कोरोना वायरस का तोड़ तुलसी में छिपा हो सकता है। आपने कभी आम सर्दी होने पर तुलसी की चाये या काढ़ा पीकर लोगो को ठीक होते देखा और सुना हो होगा। तो कोरोना को भी ख़त्म करने की क्षमता तुलसी में हो सकती है।
अभी कोरोना वायरस के डर से पूरी दुनिया ने नमस्ते को अपनाया है। बहुत जल्द पूरी दुनिया के घर घर में तुलसी लगाके पूजी जायेंगी।
……भारतीय संस्कृति औऱ सनातन हिन्दू धर्म विज्ञान पर आधारित है।
…… जो समझदार हैं वह समझते है। जो राक्षस हैं, वो मज़ाक बनाते हैं। #CoronavirusPandemic pic.twitter.com/hPpFAd3alL— sanatanpath (@sanatanpath) March 13, 2020
Tulsi Leaves For Corona Virus: One of our viewer said I strongly feel that if a Corona patient surrounding maintained at a temp around 38 degrees and patient administer only warm water with tulsi leaves and ginger,the patient will be surely cured. The Hindus used to keep a Tulsi tree to drive away the germs, viruses. They also wore a Tulsi garland. Also, light some incense in an incenser and give it in all the rooms,to keep the viruses away. You may keep a Tulsi tree.
आपको बता दें की डोनाल्ड ट्रम्प के अलावा विश्व के दूसरे बड़े नेता भी नमस्ते करते हुए नजर आ चुके हैं। जिसमें इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, फ्रांस के प्रधानमंत्री इमैनुएल मैक्रों और ब्रिटेन के प्रिंस चार्ल्स शामिल हैं। आज नमस्ते का लोग पूरी दुनिया ने नेता और लोग मान रहे हैं।
https://twitter.com/smaotra39/status/1235820237926191106
Corona Virus Ka Desi Indian Ilaz Tulsi Leaves Main Ho Sakta Hai.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी नमस्ते की तारीफ में कहा था की, ‘हाथ मिलाना बंद कीजिए। इसके बजाय आप भारतीय संस्कृति का नमस्ते कर सकते हैं या फिर शलोम कर सकते हैं या फिर और कुछ करें लेकिन हाथ न मिलाएं।’ इजरायल में अभिवादन के लिए शलोम कहते हैं। इसके अलावा फ्रांस के प्रधानमंत्री इमैनुएल मैक्रों ने भी नमस्ते करने का निर्णय लिया था। पिछले दिनों उन्होंने स्पेन के राजा को नमस्ते किया था।
आपको बता दे की भारत में पूजी जाने वाली तुलसी (Tulsi Leaves) में बहुत सी मेडिकल खुबिया होती है और आपने सर्दी व ज़ुखाम होने पर तुलसी की चाय या तुलसी का काढ़ा जरूर पिया होग। इससे बहुत आराम मिलता है। ऐसे में अब कोरोना महामारी संकट में तुलसी का सेवन मानव की इम्युनिटी बढ़ाने का काम करेगा और भारतीय हिन्दू धर्म में तुलसी को विष्णु भगवान् की सबसे प्रिय मानी गई है। असल में हिन्दू ग्रंथो के अनुसार तुलसी मानव के लिए देवी देवताओ की ओर से एक वरदान है। आज सच में तुलसी बहुत कारगर है।





