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Kolkata/West Bengal: कोरोना महामारी के चलते पूरे देश में लॉकडाउन है। इस कारण से सबसे अधिक दिक्कतें प्रवासी मजदूरों को हो रही है। मजदूरों को उनके घर पहुंचाने के लिए रेलवे द्वारा रोज़ कई ट्रेनें चला रही है। इन दिनों सबसे पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच तनातनी देखने को मिल रही है। बंगाल सरकार पर कोरोना संक्रमण के सही आंकड़े भी ना बताने के आरोप लगते रहे हैं।
अभी अभी केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ममता सरकार को पत्र लिखकर कोरोना महामारी से जुड़े कई मुद्दों पर नाराजगी जाहिर की थी, वहीं अब रेल मंत्री पीयूष गोयल ने भी पश्चिम बंगाल सरकार को कोसना शुरू कर दिया है। रेल मंत्री ने कहा है कि मेरे कल के बयान के बाद पश्चिम बंगाल सरकार कुछ हरकत में आई है और 7 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की अनुमति दी गई है।
उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में बंगाल के मजदूर दूसरे राज्यों में फंसे हुए हैं। मैं वहां की सरकार से अपील करता हूं कि अधिक संख्या में ट्रेन चलाने की अनुमति दे। मंत्री ने कहा कि बंगाल के लिए रोजाना लगभग 105 ट्रेन चलाने की आवश्यकता है। जहां तक मेरी जानकारी है, वहां की सरकार पूरे 30 दिन में 105 ट्रेन चलाने की अनुमति देने जा रही है। यह पश्चिम बंगाल के मजदूरों के साथ क्रूर मजाक है।
मीडिया में खबर आई थी की पिछले दिनों पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंती नरेंद्र मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक के दौरान कहा था, ‘एक राज्य के तौर पर हमले कोरोना संक्रमण से लड़ने में अपनी ओर से बेहतर कर रहे हैं। केन्द्र को इस मुश्किल घड़ी में राजनीति नहीं करनी चाहिए।’ ममता बनर्जी ने कहा था कि हम अंतरराष्ट्रीय सीमाओं और अन्य बड़े राज्यों घिरे हुए हैं और इसका सामना करना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को बराबर का महत्व मिलना चाहिए और हमें टीम इंडिया की तरह काम करना चाहिए।
West Bengal is required to run 105 trains daily, while there's unconfirmed news that they've prepared list of permission for only 105 trains for next 30 days. It's cruel joke with workers of West Bengal that govt there's not giving them facility to go to their homes: Piyush Goyal https://t.co/tk4mLZ5M8s
— ANI (@ANI) May 14, 2020
West Bengal is required to run 105 trains daily, while there’s unconfirmed news that they’ve prepared list of permission for only 105 trains for next 30 days. It’s cruel joke with workers of West Bengal that govt there’s not giving them facility to go to their homes: Piyush Goyal
इससे पहले कल भी ममता सरकार पर एक गंभीर आरोप लगाया गया था। ममता के पश्चिम बंगाल से एक हैरान करने वाली खबर आई है। केंद्र सरकार में राज्य मंत्री और पश्चिम बंगाल की रायगंज सीट से सांसद देबाश्री चौधरी (Debasree Chaudhuri) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर बड़ा आरोप लगाया है। देबाश्री चौधरी ने हैरान करने वाला दावा करते हुए कहा है कि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को बांग्लादेश से जोड़ना चाहतीं हैं। यही कारण है कि वह पश्चिम बंगाल को इस्लामिक स्टेट बनाने में लगी हुई हैं।
मोदी सरकार में केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्य मंत्री और बंगाल से सांसद देबाश्री चौधरी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तुष्टीकरण और कौमी नीतियों के कारण पश्चिम बंगाल आज बर्बादी की राह पर आ गया है। आपको बता दे की देबाश्री चौधरी का नाम पश्चिम बंगाल की ताकतवर नेताओं में आता है। 2019 में पहली बार सांसद बनते ही मोदी सरकार में मंत्री का दर्ज़ा पाने वाली सांसद ने आज ममता पर बड़ा आरोप लगाया है।
तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ पहले भी यह महिला सांसद आवाज़ उठती रही हैं। पश्चिम बंगाल के हालिया माहौल पर उन्होंने खुलकर चर्चा की है। केंद्रीय राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी ने ममता बनर्जी सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया है। उन्होंने मीडिया में बताया, “अगर पश्चिम बंगाल को नहीं बचाया गया, तो ममता उसे बांग्लादेश से जोड़ देंगी। एक षड्यंत्र के ज़रिये रोहिंग्या, बांग्लादेशियों और जेहादियों को राज्य में शह दी जा रागी है।
Mounting a scathing attack on #WestBengal CM @MamataOfficial, Union Minister Of State for Women and Child Development Debasree Chaudhuri (@DebasreeBJP) has said that #MamataBanerjee wants to convert #Bengal into Islamic State and merge with #Bangladesh.@BJP4Bengal pic.twitter.com/SxOhRg3q88
— IANS (@ians_india) May 13, 2020
आगे भाजपा संसद ने कहा की “कश्मीर से लेकर वर्मा तक से देशविरोधी तत्वों को ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस सरकार बंगाल में ठिकाना दे रही है। वह पश्चिम बंगाल को ‘पश्चिम बांग्लादेश’ बनाकर बांग्लादेश से जोड़ना चाहतीं हैं।” आपको बता दें की पश्चिम बंगाल के हुगली जि़ले के तेलिनीपाड़ा इलाके में फैले उत्पात को लेकर केंद्रीय राज्य मंत्री देबाश्री चौधरी ने ममता बनर्जी सरकार को आड़े हांथो लिया है।
RT Must @TheDeepak2020 pic.twitter.com/9F0b6pL7Ne
— पंकज फौगाट (@Pankajphogat01) May 15, 2020
उन्होंने कहा, “जिस प्रकर से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के घर और मंदिर को नुक्सान पहुँचाया जाता हैं, उसी प्रकार से अब ममता दीदी के राज़ में पश्चिम बंगाल में बहुसंख्यकों हिंदुओं के घर और दुकानें जलाईं जा रहीं है। पुलिस मूकदर्शक बनी देख रही है। क्योंकि पुलिस को चुपचाप तमाशा देखने के लिए कहा गया है। पश्चिम बंगाल में हिंदुओं को दबा कर अल्पसंख्यक बनाने की कोशिश हो रही है।” इस पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कहना है कि चुनावी फायदे के लिए भाजपा यह सब करवा रही है।
This is so horrible! Dirty Politics#ममता_का_जंगलराज pic.twitter.com/xU4hRzfYAP
— Abhishek Kaushik🇮🇳 (@iKaushikAbhi) May 15, 2020
इस पर आज सोशिकाल मीडिया यूजरस ने ममता बनर्जी सरकार की आँखे खोलने के लिए एक सोशल मीडिया ट्रेंड चला दिया। यह ट्रेंड #ममता_का_जंगलराज आज टॉप ट्विटर ट्रेंड रहा है। इस पोस्ट को लिखे जाने तक यह ट्रेंड (ममता का जंगलराज) टॉप पर अर्थात एक नंबर पर कायम है। इस ट्रेंड ‘Mamata Ka Jungle Raaz’ पर लोग ममता बनर्जी से सवाल कर रहे है और भारत की मोदी सरकार से बंगाल में आपातकाल लगाने की मांग कर रहे है। आपको बता दें की जी कुश बंगाल के हुगली में हुआ, उससे भारतीय यूजर खफा है।



