Presentation Image Of Tablighi Jamaat
Delhi: दिल्ली से एक चौका देने वाली खबर आ रही है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करके लगभग 700 जमातियों के पासपोर्ट व अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए है। मीडिया में औ खबर के अनुसार दिल्ली पुलिस के सूत्रों से पता चला है की जमातियों पर शक है कि वह गलत तरीके से वीजा लेकर भारत आए थे और इनकी ट्रेवल हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है।
मीडिया की खबर के अनुसार ये सभी जमाती भारत टूरिस्ट वीजा पर आए थे और जमात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे। ऐसे में यह वीजा नियमों का उल्लंघन है और भारत सरकार ने सभी के वीजा रद्द कर दिए। इसके अलावा सरकार ने अन्न नियम भी सख्त कर दिए है, इससे कोई भी देश से बाहर ना जा सकता और गिरफ्त में आ जायेगा।
मलेशिया के कुछ मुस्लिम नागरिक झूठ बोल कर देश से जाना चाहते थे
प्राप्त जानकरी के मुताबिक, मलेशिया के कुछ मुस्लिम नागरिक झूठ बोल कर उनके देश की स्पेशल फ्लाइट से जाना चाहते थे। उसी वक़्त दिल्ली एयरपोर्ट पर उन्हें पकड़ा गया था। इन सभी के खिलाफ विदेशी अधिनियम और वीजा धोकाधड़ी का केस दर्ज किया गया है।
आपको बता दे की पूरी दुनिया से हजारों की संख्या में निजामुद्दीन स्थित तब्लीग़ी जमात मरकज में शामिल होने आये जामतियों ने यहां से निकल कर पूरे देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) फैलाने का काम किया। निजामुद्दीन मरकज का मौलाना साद अभी भी फरार चल रहा है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच मौलाना साद की खोजने में लगी हुई है।
आपको बता दें कि कुछ समय पहले दिल्ली पुलिस ने जामात के मौलाना साद को नोटिस के जरिए एम्स या किसी सरकारी अस्पताल से कोरोना टेस्ट करवाकर अपनी रिपोर्ट भेजने का निर्दश दिया था। मौलाना साद ने दावा किया था कि वह कोविड-19 की जाँच करवा चुका है और उसकी रिपोर्ट निगेटिव मिली है। उसने नोटिस के रिप्लाई में कहा था कि उसने सरकारी नहीं बल्कि प्राइवेट लैब में कोरोना टेस्ट कराया है।
इससे पहले दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज मामले में जाँच में जुटी क्राइम ब्रांच टीम ने फरार मौलाना साद के बेटे को अपने कार्यालय में बुलाकर लगभग 2 घंटे पूछताछ की थी। इस पूछताछ में टीम ने मौलाना साद के बेटे से 20 लोगों की जानकारी माँगी थी, जो दिल्ली के मरकज में शामिल थे, बल्कि मरकज़ प्रबंधन टीम का हिस्सा भी थे।
क्राइम ब्रांच को जाँच में कई अहम् जानकारी मिली थी
क्राइम ब्रांच को जाँच में पता चला था कि तब्लीग़ी मरकज के 20 ऐसे वर्कर हैं, जो मरकज़ में आने-जाने वाले जमातियों की व्यवस्था और मैनेजमेंट से जुड़े थे। अब ये सभी जमाती केस दर्ज होने के बाद से गायब हैं अर्थात फरार है। अब साद का एक बेटा इन कामों में ज़ादा सक्रिय है और यही मैनेजमेंट से जुड़े अन्न पदाधिकारियों के साथ बैठक भी करता था, इसलिए क्राइम ब्रांच ने उसे बुलाकर पूछताछ की और तबलीगी जमात मुख्यालय की गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी माँगी थी।
क्राइम ब्राँच ने मौलाना साद की कोरोना जाँच कराने के एक बार फिर निर्देश दिए थे। पुलिस ने मौलाना के बेटे से स्पष्ट कहा था कि वह मौलाना साद की एम्स या मान्यता प्राप्त सरकारी लैब से कोरोना जाँच कराए और क्राइम ब्रांच को रिपोर्ट सौंपे, अन्यथा कड़ी कार्यवाही ले लिए तैयार रहे। आपको बता दे की मौलाना साद के एक ऐसे बैंक अकाउंट का भी पता चला था, जिससे कथित तौर पर 48 घंटों के अंदर करोड़ों रुपए ट्रांसफर होते थे।
इस अकाउंट को साद का बेटा ही हैंडल करता था। मौलाना साद ने ड्रामा करते हुए खुद को क्वारंटाइन करने की बाद कही थी, किन्तु अब क्वारंटाइन पीरियड खत्म होने के बाद भी साद सामने नहीं आया है। उसका वकील ही उसकी ओर से मीडिया और पुलिस को जवाब दे रहा है। इसके अलावा साद के दो ऑडियो भी आ चुके है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तब्लीग़ी ज़मात और फरार मौलाना के सभी खाते सील कर शिकंजा भी कस दिया है।





