यहाँ महिला स्वास्थ्यकर्मियों पर घटना को अंजाम दिया, आदिवासी निकले जमातियों को खोजने

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Image Credits: Twitter

Rourkela/Odisha: पूरे देश में कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में कोरोना पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 49,391 हो गई है। जिसमें 33,514 सक्रिय हैं, 14,183 लोग स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है और 1694 लोगों के प्राण जा चुके है। वहीं, आज आंध्र प्रदेश में 60, राजस्थान में 35 और कर्नाटक में 19 नए मामले दर्ज किए गए हैं।

सीमा सुरक्षा बल (BSF) की ओर से बताया गया है कि सभी प्रोटोकॉल का पालन करने के बाद दिल्ली में सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय में आज से काम शुरू कर दिया गया है। जबकि परिचालन और आवश्यक कर्तव्यों का पालन करते हुए 85 से अधिक BSF जवान कोरोना संक्रमण पॉजिटिव पाए गए हैं। कुछ दिन पहले मुख्यालय को सैनिटाइजेशन के लिए सील किया गया था।

कोरोना संक्रमण के मरीज़ बढ़ रहे है

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के सूत्र के मुताबिक बीएसएफ के 30 जवान जो दिल्ली में कानून और व्यवस्था कायम रखने के लिए तैनात किए गए थे, उन्हें बाद में जोधपुर शिफ्ट किया गया जहां वो कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

अब ओडिशा से एक खबर आ रही है। ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के नाला रोड में सोमवार को स्वास्थ्यकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार की घटना सामने आई थी। यहाँ पर कोरोना पॉजिटिव मरीज़ के संपर्क में आए कुछ लोगों को लेने के लिए गए स्वास्थ्य विभाग की गाड़ी पर पत्थर-बाजी की घटना को अंजाम दिया गया।

महिला स्वास्थ्यकर्मियों की टीम पर घटना को अंजाम दिया

मीडिया की जानकारी के मुताबिक़, नाला रोड में एक 29 वर्षीय महिला कोरोना पॉजिटिव मिली थी। उक्त महिला को राउरकेला स्थित हाइटेक कोविड हॉस्पिटल में भर्ती करने के बाद स्वास्थ्यकर्मी उसके सम्पर्क में आने वालों को जाँच कर क्वारंटाइन करने के लिए गए थे। महिला स्वास्थ्यकर्मियों की टीम के आते ही स्थानीय लोगों ने आने और जाने के गेट बंद कर शर्मनाक घटना को अंजाम दिया।

इसके बाद पुलिस को पूरे क्षेत्र के लोगो के साथ बैठक करनी पड़ी, इसके बात यह मामला कंट्रोल हुआ। ऐसा कहा जाता है की नाला रोड विशेष कौमी लोगो के प्रभाव वाला इलाक़ा है। इससे पहले इंदौर,भोपाल और जबलपुर सहित कई स्थानों से पुलिस और स्वाथ्यकर्मियों पर इस प्रकार की घटना की ख़बर आ आई थी।

ऐसी घटना रुकने का नाम नहीं ले रही हैं

आपको बता दे की केंद्र सरकार द्वारा कड़े नियम बनाए जाने के बाद भी स्वास्थ्यकर्मियों पर ऐसी घटना रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ओडिशा के राउरकेला के कन्टेनमेंट एरिया में 50 आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ब्लड सैम्पल इकठ्ठा करने के लिए रखा गया था। इस घटना के बाद से ही उन्होंने म्युनिसिपल कमिश्नर के सामने धरना दिया है। उनकी माँग है कि उन्हें उचित सुरक्षा-व्यवस्था प्रदान की जाए। उन्होंने कहा है की जाँच और सैम्पल कलेक्शन के दौरान उन पर थूक की हरकत भी हो रही हैं।

फिर से गंभीरता से लेते हुए पुलिस और म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन ने उन्हें आश्वासन दिया कि उन्हें उचित सुरक्षा-व्यवस्था प्रदान की जाएगी, तब जाकर उन्होंने अपना धरना समाप्त किया। सैम्पल कलेक्शन के दौरान इन महिला स्वास्थ्यकर्मियों के साथ गलत भाषा का प्रयोग जमाती दुर्व्यवहार करने की ख़बर आ रही है।

ओडिशा के अधिकारियों ने अंदेशा जताया

अब ओडिशा के अधिकारियों ने अंदेशा जताया है कि अगर ऐसी स्थिति आती है, तो राज्य में बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन चालू हो जाएगा, जिससे क़ानून-व्यवस्था की समस्याएँ पैदा हो सकती हैं। ओडिशा सरकार ने सभी जिलों की पुलिस को इस बाबत अलर्ट में रहने की सलाह दी है।

आपको बता दे की मीडिया में खबर है की राउरकेला के आशियाँ कॉलनी में 2 मुसलमान कोरोना पॉजिटिव मिले थे। इसके बाद से ही सुदूर आदिवासियों, ईसाइयों और मुसलमानों की बहुतायत वाले इस क्षेत्र में अफवाहों का दौर गर्म हो गया है। कुछ समुदायों के बीच ये अफवाह फ़ैल गई है कि जमाती अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छिपा रहे हैं और मरकज़ में जाने को लेकर सरकार से इसकी जानकारी छुपा रहे है।

इसके बाद 13 अप्रैल की रात स्थानीय आदिवासी समुदाय के लोग मशाल और टॉर्च लेकर निकले ताकि गाँव में छिपे जमातियों को ढूँढ़ा जा सके। उनका कहना था कि दिल्ली स्थित निजामुद्दीन जमात मरकज से आए तबलीगी जमात के लोग गाँव में छिपे हुए हैं, जिससे कोरोना फैलने का भय है। प्रधान सचिव का कहना है कि उन इलाक़ों में लोगो के मन में भय समां गया है, इसलिए उन्होंने पुलिस गश्ती बढ़ाने की माँग की है।

उधर कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में सोनिया गांधी ने कहा कि 17 मई के बाद क्या होगा। लॉकडाउन कब तक चलेगा, इसके लिए केंद्र सरकार क्या मापदंड अपना रही है वहीं, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि हमें यह जानने की जरूरत है कि लॉकडाउन 3 के बाद क्या होगा। बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जब तक व्यापक प्रोत्साहन पैकेज नहीं दिया जाता, तब तक राज्य, देश कैसे चलेंगे हमने 10,000 करोड़ रुपये का राजस्व गंवाया है।

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