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Hoshangabad, Madhya Pradesh: कोरोना संकट के इस दौर में बहुत से ऐसे लोग भी हैँ, जो अपने परिवार से पहले अपने कर्तव्य को चुन दे रहे हैं। इन्हे ही कोरोना वारियर कहा जा रहा है। ऐसी ही एक कोरोना वारियर (Coorna Warrior) की कहानी मध्यप्रदेश से आई है, जो की एक महिला डॉक्टर है। आपको बता दें की इनको 22 साल बाद बड़ी मुश्किल से बच्चे हुए थे। किन्तु अब जब अपने बच्चो को स्नेह देने का समय आया, तब दश को कोरोना महामारी से जकड़ लिया। अब वे अपने बच्चों को छोड़कर हॉस्पिटल में अपना डॉक्टर होने का कर्तव्य निभा रही है।
इस वक़्त कोरोना वायरस से पूरा मध्यप्रदेश घिरा हुआ है। मिली खबर के अनुसार मध्य प्रदेश के होशंगाबाद की डॉ शोभना चौकसे (Doctor Shobhana Chouksey) को अपने बच्चों के साथ समय बिताने की बहुत तमन्ना थी, परन्तु कोरोना संकट में ड्यूटी को तजब्बो देते होते अब वे काम पर वापस आ गई है।
जानकारी के अनुसार डॉक्टर शोभना चौकसे होशंगाबाद के बाबई के सरकारी अस्पताल में ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। डॉक्टर शोभना चौकसे के अनुसार शादी के दो दशक तक बच्चे नहीं हो पाए थे। फिर सारे जातां के बाद सरोगेसी प्रणाली से मां बनने का फैसला किया। इससे 26 मार्च 2020 को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया। अब ने बहुत ही खिश थी।
यह समय परिवार की खुशि और किलकारियां लेकर आया था। फिर कोरोना संकट देश पर हावी होने लगा। ऐसे में अपने परिवार और देश की सेवा करने के फैसले में से किसी एक को चुनने का था। हो उन्होंने देश सेवा को चुना और काम पर वापस आ गई। अब वे मरीज़ों की सेवा करके अपना कर्तव्य निभा रही है और दूसरों के लिए मिसाल बन रही है।
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Doctor Shobhana Chouksey as a Corona warrior story from Hoshangabad, Madhya Pradesh. She has leaved her twin children to relatives for safe others life in government Hospital of Hoshangabad MP. This is real story of Corona fighter lady Doctor.
डॉ.; शोभना चौकसे बताती है कि बहुत वक़्त के बाद मां बनने का सुख मिला, परन्तु घर रहने की बजाय काम पर लौट आई। नवजात जुड़वा बच्चों देखभाल के लिए अपने भाई निषेश चौकसे व भाभी ज्योति चौकसे को घर बुला लिया गया। वे होशंगाबाद से मेरे घर आ गए। बच्चों की देखभाल वो ही कर रहे हैं। मैं 24 घंटे मुख्यालय पर रहती हूं। उनके भाई-भाभी के भी जुड़वा बच्चे हैं।
आपको बता दे की डॉक्टर साहिबा रोज़ घर नहीं जा पाती हैं। अपने नवजात बच्चों को गोद में लिए कई दिन बीत जाते है। ड्यूटी निभाते हुए वीडियो कॉल के माध्यम से बच्चों को देख पाती हैं। परिजनों में कोरोना संक्रमण ना फेल जाए और अस्पताल में भी जिम्मेदारी निभाने के चलते, यह सब न चाहते हुए भी करना पढता है।
मध्य प्रदेश की डॉक्टर शोभना चौकसे ऐसे डॉक्टरों को मेरा सलाम #डॉकटर pic.twitter.com/3aB9LKn6YI
— ek khoj (@AmjadBhutto20) April 13, 2020
अब वे 10 दिन तक घर नहीं जा पा रही है। डॉ शोभना चौकसे के सरकारी अस्पताल के अधीन होशंगाबाद के 140 गांव आते हैं, जिनमें लगभग 1 लाख 40 हजार की जनता रहती है। इन सभी को कोरेाना वायरस के संक्रमण से बचाने की जिम्मेदारी अब डॉ चौकसे के खन्धो पर आ पड़ी है। ऐसे में अब महिला डॉक्टर पूरी लगन से अपने कर्तव्य का पालन कर रही है। देश और एक नंबर न्यूज़ की टीम ऐसे कोरोना वारियर को नमन करता है।




