यहाँ अस्पताल में हिंदू और मुस्लिम COVID-19 मरीजों को अलग वार्ड दिया गया, फिर भी दिक्कत

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Ahmedabad: भारत में कोरोनावायरस (Coronavirus) का कहर ज़बरदस्त तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार भारत में कोरोनावायरस से संक्रमितों की संख्या 11,439 हो गई है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1079 नए मामले सामने आए हैं और 38 लोगों की जान गई है। देश में कोरोना से अब तक 377 लोगों के प्राण कोरोना की वजह से जा चुके है, हालांकि 1306 मरीज इस बीमारी को हराने में सफल भी हुए हैं। कोरोना से जंग को लेकर देश 3 मई तक लॉकडाउन जारी है।

पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमितों की संख्या 132 हो गई है। राज्य में बीते 24 घंटे में कोरोना के 17 नए मामले सामने आए। वहीं, यहां 7 लोगों की अबतक COVID-19 की वजह से जान गंवाई है। गुजरात में अहमदाबाद के पुराने शहर और दाणीलीमडा इलाके में कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिये बुधवार सुबह 6 बजे से 7 दिनों के लिये कर्फ्यू लगा दिया गया है।

गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक अस्पताल का मामला

इस बीच गुजरात के अहमदाबाद स्थित एक अस्पताल में कोरोना के मरीजों को धार्मिक आधार पर अलग अलग रखने का मामला सामने आया है। यहां हिंदू और मुस्लिम मरीजों के लिए अलग-अलग कोविड वार्ड (COVID-19 Ward) बनाए गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि सरकार के फैसले के तहत ही ये व्यवस्था की गई है।

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Indian Express की रिपोर्ट के अनुसार यह मामला अहमदाबाद के सिविल अस्पताल का है। यहां कोरोना संक्रमित मरीजों और संदिग्धों को धर्म के आधार पर बेड मुहैया किए जा रहे हैं। इस अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 1200 बेड उपलब्ध है। इसे अब हिंदू-मुसलमान मरीजों में बांट दिया गया है। यानी 600 बेड हिंदू मरीजों के लिए और बाकी 600 मुस्लिम कोरोना मरीजों के लिए फिक्स किये गए हैं।

रात में अलग अलग वार्डों में शिफ्ट किया गया था

इस अस्पताल में 186 कोरोना संदिग्ध एडमिट कराए गए हैं। अब तक इनमें से 150 लोग कोरोना टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए हैं, जिनमें 40 मुस्लिम कोरोना मरीज़ हैं। एक मरीज ने जानकारी दी, रविवार रात को फर्स्ट वार्ड (A-4) में भर्ती 28 मरीजों को दूसरे वार्ड C-4 में शिफ्ट कर दिया गया। हमें ये नहीं बताया गया कि क्यों शिफ्ट किया जा रहा है।

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आगे कहा गया की जितने भी मरीज अलग अलग वार्ड में शिफ्ट किए गए, वे सभी एक ही समुदाय के थे। हमने अपने वार्ड में ड्यूटी कर रहे एक स्टाफ से इस बारे में जानने की कोशिश की। उसने बस इतना कहा कि दोनों धर्मों के मरीजों की सुविधा के लिए ये कदम उठाया गया है। यह खबर अब मीडिया में आने से लोगो की अलग अलग राय सामने आ रही है।

मीडिया में बतया गया की अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ गुणवंत राठौड़ ने मीडिया में बताया कीअस्पताल में कोविड-19 के हिुंदू-मुस्लिम मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड की व्यवस्था की गई है। ये काम राज्य सरकार के आदेश पर ही किया गया है। इस कदम मरीज़ो की सहूलियत को देखते हुए उठाया गया है। इसी में कोरोना संक्रमित मरीज़ों की भलाई है।

अब गुजरात के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने इस पूरे मामले से इंकार किया है। जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने मामले की छानबीन कराने की बात कही। वहीं, अहमदाबाद के कलेक्टर ने भी इसकी जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। खैर मामला जो भी हो, अभी हम इसकी पुष्टी नहीं करते है, किन्तु सोशल मीडिया यूजर कह रहे है की अस्पतालों में इस प्रकार की ही व्यवस्था होनी चाहिए। इस तरह के अलग अलग वार्ड से काफी फायदा हो सकता है।

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