ICMR ने चेताया की बंगाल में कोरोना भयावह रूप लेगा, ममता बनर्जी हलके में ले रही हैं: VIDEO देखे

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Kolkata, West Bengal: कोरोना वायरस (Coronavirus) महामारी दुनिया पर कहर बनकर टूट रही है। कोरोना से लोगो की जान बचा रहे डॉक्टरों-नर्सों के लिए भी अब COVID19 टूट पड़ा है। देश में इस भयावह स्थिति का नज़ारा अब ममता के बंगाल से कोलकाता (Kolkata) और हावड़ा (Howrah) में देखने को मिल रहा है। यहां मरीजों और डॉक्टरों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद 6 अस्पतालों को बंद करना पड़ा है।

मीडिया कंपनी इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार कोलकाता और हावड़ा में 4 अस्पताल और 2 नर्सिंग होम को कोरोना वायरस के कारण बंद कर दिया गया हैं। इन 6 अस्पतालों में मरीजों का कोरोना संक्रमण डॉक्टरों और नर्सों तक चला गया था। इन 6 अस्पतालों के संपर्क में आने वाले लगभग 300 मरीजों, डॉक्टरों, नर्सों और अन्न स्टाफ मेंबर्स अब को क्वारंटाइन करना पड़ गया है।

कोलकाता के निजी नर्सिग होम पार्क सर्कस एसएस चटर्जी हार्ट क्लीनिक में सोमवार को एक मरीज की कोविड-19 की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। एक दिन पहले एक अन्य प्राइवेट नर्सिंग होम चर्नोक हॉस्पिटल में डायलिसिस करा रहे 5 मरीज की कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी।

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इसके बाद इन दोनों नर्सिंग होम को बंद कर दिया गया। इसके अलावा हावड़ा के हावड़ा जनरल हॉस्पिटल, एनआरएस मेडिल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, आरजी कर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल और कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में भी कुछ मरीजों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया था।

भारत में कोरोना वायरस के मामले 10000 के पार चले गए है, फिर भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु मध्यप्रदेश, ओड़िशा, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक जैसे राज्य पूरी तरह से जुटकर काम कर रहे हैं। किन्तु भारत का एक राज्य इस महामारी को नज़रअंदाज़ कर रहा है।

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हम बात कर रहे हैं पश्चिम बंगाल की जहां कोरोना के मामले छुपाये जा रहे हैं और मरीजों एवं डॉक्टरों की जान के साथ समझौता किया जा रहा है। अब ICMR की ने खबर दी है की बंगाल आने वाले दिनों में महाराष्ट्र और दिल्ली को भी कोरोना मामलपन में पीछे छोड़ देगा। ICMR के मुताबिक़ बनर्जी के बंगाल की हालिया स्थिति किसी फिक्स किये बॉम्ब के सामान है।

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ICMR के कोलकाता स्थित टेस्टिंग सेंटर के निदेशक डॉ शांता दत्ता मीडिया से बताया की कैसे बंगाल की राज्य सरकार यह तय कर रही है कि कितने सैंपल भेजे जाएं। जबकि हम प्रतिदिन 20 सैंपल भी टेस्ट नहीं कर पाते है। हम जो सुझाव देते हैं, उस हिसाब से सैंपल इकट्ठा किए ही नहीं जाते। पहले तो केवल हम ही बंगाल में टेस्टिंग कर रहे थे, किन्तु अब अन्य सेंटर भी खुल गए हैं, इसलिए हमारे सेंटर को प्राप्त होने वाले सैंपल बहुत कम हैं। ऐसा डॉ शांता दत्ता ने राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल को बताया।

उधर ममता बनर्जी मानती है कि बंगाल की स्थिति नियंत्रण में है, परन्तु जानकार लोग इससे उलट बता रहे है। एक अन्न खबर के अनुसार तब्लीगी जमात के सदस्य ममता के बंगाल में छुपे हुए हैं। इसके पीछे स्वप्न दासगुप्ता ने भी सवाल उठाए हैं, और वे पूछ रहे हैं कि आखिर सरकार के वेब पोर्टल में मामले अपडेट क्यों नहीं हो रहे। एक और समस्या है की बंगाल में जो भी व्यक्ति कोरोना वायरस से जान दवा रहा है, उसकी खबर सही से पुख्ता नहीं की जा रही है।

बंगाल सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार पूर्व कमेटी ही तय करेगी कि कोरोना वायरस के कारण किसके प्राण गए हैं। यहाँ पर कुछ लोगो ने ममता बनर्जी सरकार पर सवाल भी उठाये हैं। सवाल करने वाले कह रहे है की कही ममता बेनर्जी तबलीगजी जमातियों और बांग्लादेशियों को छुपा तो नहीं रही हैं। अपना वोट बैंक बचाने के लिए लोगो की जान क्गात्रे में डालना ठीक नहीं है।

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