कमलनाथ सरकार ने कहा, चमगादड़ो के चलते MP में बिजली की परेशानी हुई, भाजपाई बोले…

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस कमलनाथ सरकार के अफसरों ने बिजली की परेशानी की प्रमुख्य बजह चमगादड़ों को बता दिया हैं। खवरो के अनुसार कुछ दिन पहले कमलनाथ सरकार ने भाजपा पर आरोप लगाते हुये कहा था, कि शिवराज सरकार में लगाए गए खराब ट्रांसफार्मरों को इसकी मुख्य बजह बताई थी। मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार के अफसरों ने बिजली कटौती को लेकर कभी भाजपा पर आरोप लगया तो कभी चमगादड़ पर, उनके एक के बाद एक विवादों से भरे बयान सामने आते है।

हद तो तब हो गई जब उन्होंने बिजली कटौती की सारी जिम्मा चमगादड़ों को ठहराया दिया है। किसी न किसी को तो जिम्मेदारी का हकदार बनाना ही था तो क्यो न चमगादड़ को ही चुन लिया जाए।वो बेजुबान जानवर तो अपनी सफाई भी नही दे सकता। इसके साथ ही अपने ऊपर लगे बिजली कटौती के आरोपो से बरी होना चाहते थे।

भीषण गर्मी में मध्य प्रदेश की जनता को बिजली कटौती को झेलना पड़ रहा है। बिजली कटौती को लेकर कमलनाथ सरकार पर लगातार प्रश्न खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के मुताविक मुख्यमंत्री कमलनाथ सरकार ने बिजली कटौती के लिए पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सरकार में लगाय गए बेकार ट्रांसफार्मरों को बजह बताई थी।

अब कमलनाथ सरकार के अफसरो ने अपनी गलती पर पर्दा डालने के लिए, बिजली कटौती की बजह पेड़ों में लटकने वाले चमगादड़ोंं को ठहरा दिया हैं। बिजली संकट से झूझ रहे लोगो की समस्या को लेकर जब ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने बिजली विभाग के अफसरो की मीटिंग रखी तो बिजली विभाग के अधिकारियों ने कहा कि चमगादड़ बिजली के तारों पर उल्टा लटकते है। जिसके कारण से बिजली के कई तार एक साथ जॉइन्ट हो जाते है और फिर falt हो जाते हैं।

अफसरो की ये बात न आम जनता के गले से नीचे नहीं आ रही है। अफसरो की बात सुनकर मंत्रालय के मंत्री प्रियव्रत सिंह भी सोच में पड़ गए। मीडिया से वार्तालाप में ऊर्जा मंत्री प्रियव्रत सिंह ने बताया है कि ‘जब बिजली विभाग के अधिकारियों ने मीटिंग में कहा कि पुराने भोपाल में चमगादड़ की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे बिजली के तार आपस मे जुड़कर फॉल्ट की स्थिति उतपन्न कर देते है।

ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वो चमगादड़ों बिजली के तारो में न चढ़ पाये इसके लिए अल्ट्रासोनिक डिवाइस लगाने पर सलाह करें। लेकिन इससे पहले ट्रांसफॉर्मर पर पड़ने वाले अधिक load न पड़े इसके लिए भी कोई विचार करे। साथ ही बिजली तारों को इन्सुलेट करें। अब अघोषित बिजली कटौती कमलनाथ सरकार के लिए सिर का दर्द बनाते हुये दिखाई दे रही है।

अभी की परिस्थिति उस समय को याद दिला रही है जब 2003 में कांग्रेस की सरकार सत्ता में थी और बिजली कटौती एक बड़ा मामला बनकर कांग्रेस सरकार को ऐसे सत्ता से बाहर फेंका दिया था। जिससे 15 साल तक कांग्रेस सत्ता में नजर भी नहीं आई। अब कांग्रेस के फिर से सत्ता में आते ही बिजली कटौती की परेशानी सामने आने लगी है।

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