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दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने दिल्ली के सभी जिलों के डीसीपी को सख्त आदेश दिया है की हालत कंट्रोल में रखे, पथराव आगजनी न हो। इसके अलावा दिल्ली की सभी फोर्स को अलर्ट पर रखा गया है। सभी धार्मिक स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के आदेश दिए गए हैं। दिल्ली पुलिस ने अपनी फोर्स को उपद्रवियों से सख्ती से निपटने के आदेश जारी किए हैं।
दिल्ली मे सोमवार से जारी उपद्रव में एक कॉन्सेटबल समेत 10 लोग अपने प्राण गया चुकें है। उत्पाटियों ने पार्षद के दफ्तर को पेट्रोल बम से उड़ा दिया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक उपद्रव में अभी तक 54 पुलिसकर्मी और 130 लोगों को चोट लगी है।
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली में हालात तनावपूर्ण हैं, इलाके में बड़ी तादाद में पुलिस बल तैनात है। मंगलवार सुबह 5-6 मोटरसाइकिल को आग के हवाले कर दिया गया। वहीं रात से सुबह तक मौजपुर और उसके आस-पास इलाकों में आगजनी के 45 कॉल आए, जिसमें दमकल की एक गाड़ी पर पथराव किया गया, जबकि एक दमकल की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया।
करावल नगर रोड स्थित चांदबाग में हालात तब बिगड़ गए, निगम पार्षद ताहिर हसन के दफ्तर में दंगाइयों ने आग लगा दी। उनके दफ्तर पर पेट्रोल बम से हमला किया गया। इसी दफ्तर की चार मंजिला इमारत की छत पर चढ़कर कई लोग पथराव कर रहे थे। पुलिस टीम ने दोनों गुटों से बातचीत की कोशिश की।
वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर पूर्वी दिल्ली में हिंसा के बाद राष्ट्रीय राजधानी में हालात पर चर्चा करने के लिए एक बैठक की। गृह मंत्री की बैठक में उप राज्यपाल अनिल बैजल, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, दिल्ली के पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक, कांग्रेस नेता सुभाष चोपड़ा, भाजपा के नेता मनोज तिवारी और रामवीर बिधूड़ी शामिल हुए। अरविंद केजरीवाल सहित कई आप नेताओं ने दिल्ली में शांति के लिए राजघाट पर जाकर प्रार्थना की।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह बैठक दलगत राजनीति की भावना से ऊपर उठकर हुई। हर कोई चाहता है कि हिंसा को रोका जाए। गृह मंत्री की बैठक सकारात्मक थी। यह निर्णय लिया गया कि सभी राजनीतिक दल यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे शहर में शांति आए। दिल्ली से सटे नोएडा में अलर्ट जारी कर दिया गया है। वहीं गाजियाबाद के कई इलाकों में छापेमारी की गई है।
मीडीया मे आ रही खबर के मुताबिक पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उत्तर भारत में सक्रिय भीम आर्मी संगठन हालही में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) हिंसा में प्रमुख संदिग्ध के तौर पर उभरकर सामने आए हैं। पीएफआई जहां कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनों से संबद्ध है वहीं भीम आर्मी एक अंबेडकरवादी संगठन है।
Intel: Delhi, Aligarh CAA violence linked; PFI, Bhim Army key suspects https://t.co/CGQ9pesx2j pic.twitter.com/y1VTnqzPOR
— News8Plus (@news8_plus) February 25, 2020
खुफिया विभाग ने कुछ प्रमुख मोबाइल फोन नंबरों की कॉल डिटेल के आधार पर खुलासा किया है कि दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले में पिछले दो दिनों में आगजनी और गोलीबारी की। विभिन्न घटनाओं का संबंध भी इसी समय अलीगढ़ में हुए उग्र विरोध प्रदर्शन से जुड़ा हुआ है।
अलीगढ़ के अंबेडकर पार्क में विरोध प्रदर्शन करने वाले भीम आर्मी के पदाधिकारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को एक ज्ञापन सौंपने के बाद PFI अधिकारियों से मुलाकात की। इसी दौरान एएमयू के छात्रों के एक संगठन ने भी भीम आर्मी और PFI नेताओं से मुलाकात की। रिपोर्ट में कहा गया कि भीम आर्मी की अगुआई में एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल शहर के बीच एक धार्मिक स्थान पर पहुंचा, जहां उन्होंने पोस्टर हटाने शुरू कर दिए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली और अलीगढ़ में CAA संबंधित उपद्रव के समय और पैटर्न में काफी समानताएं हैं, दोनों स्थानों पर उपद्रव की शुरुआत पत्थरबाजी से हुई। भीड़ बढ़ने के बाद उपद्रव करने वालों, जिनमें ज्यादातर हथियारों से लैस थे, ने आगजनी करना और दुकाने लूटना शुरू कर दिया।
रिपोर्ट के अनुसार, अलीगढ़ में खैर मार्ग क्षेत्र में दुकानों में लूटपाट हुई, वहीं दिल्ली के जाफराबाद क्षेत्र में एक पेट्रोल पंप में आग लगा दी गई और कई दुकानों को लूट लिया गया। रिपोर्ट में आगे लिखा है, उग्र प्रदर्शनकारियों ने पुलिसकर्मियों को निशाना बनाकर हमला किया। निशाना बनाकर किए गए उपद्रव में दिल्ली में हेड कांस्टेबल रतनलाल ने अपने प्राण गवा दिए, वहीं पुलिस उपायुक्त अमित शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए।




