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देश में एक बात तेज़ी से फ़ैल रही है की देश में मंडी का दौर चल रहा है। मार्किट में यह भ्रम लोगो में है की व्यापारियों के पास पैसा ख़त्म हो गया है। इस बीच, देश की अर्थव्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक हैरान कर देने वाला बयान दिया है। IMF की प्रमुख क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा था कि भारतीय अर्थव्यवस्था में मंदी नहीं आई है, बल्कि सुस्ती है।
क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने GST और नोटबंदी के फैसले को सही बताया है। IMF की जॉर्जीवा के बयान के अनुसार भारतीय अर्थव्यवस्था ने 2019 में गैर–बैंकिंग वित्तीय संस्थानों में कुछ हलचल के अलावा GST और नोटबंदी जैसे कठिन सुधार कार्यों के कारण अचानक मंदी का अनुभव किया, किन्तु यह मंदी में है।
जॉर्जीवा के अनुसार ये सुस्ती अस्थाई और काम समय के लिए है और आने वाले भविष्य में इसमें सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। जॉर्जीवा ने कहा, यह सच है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने 2019 में अचानक मंदी का अनुभव किया गया है। यही कारण है कि हमें अपने GDP ग्रोथ अनुमानों को संशोधित करना पड़ा, जो पिछले साल के मुकाबले कम है और आने वाले दिनों में यह बढ़ने के पूरे आसार है।
Slowdown in Indian economy due to GST, demonetisation: IMF chief https://t.co/ls5YHmYlXp via @indiatoday
— Sanjay Gupta (@SanjayG63174199) February 1, 2020
Slowdown in Indian economy due to GST, demonetisation: IMF chief.
जॉर्जीवा ने बताया था कि भारत ने कुछ काम के विशेष सुधार किए हैं, जो आने वाले समय में देश के लिए फायदेमंद होंगे, लेकिन ऐसे कठिन फैसलों का कुछ काम समय के लिए प्रभाव पड़ता है। जॉर्जीवा ने जिन सुधारों का उल्लेख किया, उनमें खास तौर पर GST और नोटबंदी शामिल हैं। जॉर्जीवा के अनुसार ये ऐसे कदम हैं, जो समय के साथ लाभकारी हैं, किन्तु निश्चित रूप से यह कुछ समय के लिए नुकसान दायक भी हो सकते हैं।



