
मध्य प्रदेश में इस वक़्त वंदेमातरम् शब्द ऐसा छाया है कियाः पुरे देश के मीडिया और सोशल मीडिया पर बना हुआ है। यह मुद्दा मध्यप्रदेश में कांग्रेस की कमलनाथ सरकार बनने के बाद तब शुरू हुआ, जब 1 जनवरी को वंदेमातरम् का गायन कांग्रेस सरकार ने नहीं करवाया था। और सोशल मीडिया पर ऐसी बाते तेज़ हो गई थी की अब कांग्रेस सरकार मध्य प्रदेश में राष्ट्रिय गीत वन्देमातरम नहीं करवाएगी।
फिर शिवराज सिंह चौहान ने जमकर कांग्रेस का विरोध किया और सम्पूर्ण भाजपा ने कांग्रेस और कमलनाथ का विरोध शुरू कर दिया। मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दनादन कहना चालू किया की “अगर कांग्रेस को राष्ट्र गीत के शब्द नहीं आते हैं या फिर राष्ट्र गीत के गायन में शर्म आती है, तो मुझे बता दें। हर महीने की पहली तारीख़ को वल्लभ भवन के प्रांगण में जनता के साथ वंदे मातरम् मैं गाऊँगा।”
शिवराज सिंह चौहान ने कहा की “कांग्रेस शायद यह भूल गई है कि सरकारें आती है, जाती है लेकिन देश और देशभक्ति से ऊपर कुछ नहीं है। मैं माँग करता हूँ कि वंदे मातरम् का गान हमेशा की तरह हर कैबिनेट की मीटिंग से पहले और हर महीने की पहली तारीख़ को हमेशा की तरह वल्लभ भवन के प्रांगण में हो। वंदे मातरम् के कारण लोगों के हृदय में प्रज्वलित देशभक्ति की भावनाओं में नयी ऊर्जा का संचार होता था। अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस की सरकार ने यह परंपरा आज तोड़ दी। आज पहली तारीख़ को वंदे मातरम् नहीं गाया गया।”
इसके बाद भोपाल और जबलपुर समेत मध्यप्रदेश के अन्न शहरों में कमलनाथ के विरोध में कमलनाथ के पुतले भारतीय जनता युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं द्वारा फूंके गए और प्रदर्शन किया गया। इसके बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ सिंह ने निर्णय लिया की “भोपाल में अब आकर्षक स्वरूप में पुलिस बैंड और आम लोगों की सहभागिता के साथ वंदे मातरम् का गायन होग। हर महीने के प्रथम कार्यदिवस पर सुबह 10:45 बजे पुलिस बैंड राष्ट्र भावना जागृत करने वाले धुन बजाते हुए शौर्य स्मारक से वल्लभ भवन तक मार्च करेंगे।”
मध्यप्रदेश कांग्रेस सरकार के वन्देमातरम पर इस कदम पर शिवराज चौहान ने कहा की “राष्ट्रगीत वंदेमातरम् और राष्ट्रगान जन गण मन के सम्मानजनक गायन का निर्णय लेना ही पड़ा। ये हमारे मध्यप्रदेश के निवासियों की जीत है, जिनकी राष्ट्रभक्ति के सामने कांग्रेस सरकार झुकी है। राष्ट्रगीत व राष्ट्रगान देश और हम सभी की आत्मा-अस्मिता है। इससे खिलवाड़ नहीं होने देंगे।
शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके एक ऐसा सवाल पूछा जिसका जवाब अब तब कांग्रेस की तरफ से नहीं आया है और आने की कोई गुंजाईश भी नहीं जान पढ़ रही हैं शिवराज ने ट्वीट किया की “वंदेमातरम् गायन पर कांग्रेस सरकार ने जनदबाव में निर्णय ले लिया है, लेकिन ये सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि वंदे-मातरम् रोकने के पीछे राहुल गाँधी की मंशा थी या खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ का निर्णय? इसका जवाब प्रदेश को मिलना ही चाहिए। मेरा मध्यप्रदेश सब देख रहा है।”
वंदेमातरम् गायन पर कांग्रेस सरकार ने जनदबाव में निर्णय ले लिया है, लेकिन ये सवाल अभी भी अनुत्तरित है कि #वंदेमातरम् रोकने के पीछे @RahulGandhi की मंशा थी या खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ का निर्णय? इसका जवाब प्रदेश को मिलना ही चाहिए। मेरा मध्यप्रदेश सब देख रहा है।
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) January 3, 2019
शिवराज सिंह चौहान ने ट्वीट करके एक और जानकारी दी और कहा की “हम सभी 7 जनवरी को मंत्रालय परिसर में वंदेमातरम् का गायन करेंगे। आप सभी इसमें अवश्य शामिल हों। हमारी नजर अगले महीने की एक तारीख पर भी बनी रहेगी। कांग्रेस को समझना होगा कि वंदेमातरम् दलीय राजनीति से ऊपर है। सरकारों के आने-जाने से इसे प्रभावित नहीं किया जाना चाहिए।”



