
Lucknow, Uttar Pradesh: भारत एक बाद एक कामयाबी के शिखर छूते जा रहा गया। हर देश को पछाड़ भारत सबसे आगे आ रहा है। यही काम अब भारत ने फिर से जार दिखाया। जेवर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट दुनिया में चौथा सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। देश में यह सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा। दिल्ली एयरपोर्ट का जो क्षेत्र है, वो इससे हाफ है। आधुनिक सुविधाओं से लैस होने के साथ एयरपोर्ट पर हवाई जहाजों की पार्किंग के लिए भी बहुत स्पेस होगा।
इस मामले में चीन भी पीछे रह गया है। इसका अब चीन से कोई मुकाबला नही है। सऊदी अरब और अमेरिका के दो एयरपोर्ट के बाद इसकी जगह होगी। जब भी कभी दुनिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट को बात होती थी, तो सबसे पहले इन्ही दोनो देशो का जिक्र होता था। इन दोनो देशों के एयरपोर्ट को सबसे बड़े एयरपोर्ट के रूप में पहचाना जाता था।
https://twitter.com/BarhSonu/status/1200392089709744128
IGI के बाद दिल्ली-एनसीआर के जेवर एरिया में दूसरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का बनने का प्रस्तावित है। संचालन प्रारंभ होने के साथ जेवर एयरपोर्ट के नाम देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होने का रिकॉर्ड भी दर्ज हो जाएगा। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट का क्षेत्रफल जेवर एयरपोर्ट से कम होगा।
जेवर एयरपोर्ट बनेगा विश्व का सबसे बड़ा हवाई अड्डा
जेवर एयरपोर्ट क्षेत्रफल के मामले में सभी को पीछे छोड़ आगे निकल जाएगा। IJI का क्षेत्रफल 2066 हेक्टेयर है। नवी मुंबई में बनने जा रहे एयरपोर्ट का क्षेत्रफल भी 2320 हेक्टेयर है, जबकि जेवर एयरपोर्ट 5000 हेक्टेयर में बनकर तैयार होगा। जेवर एयरपोर्ट की खास बात यह है कि इसमें 2050 तक सालाना बीस करोड़ यात्री हवाई सफर का लुप्त उठा पाएंगे।
जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट होगा, सैमसंग को दोबारा प्रदेश में निवेश करने के प्रस्ताव से उसने 4,915 करोड़ का निवेश किया और नोएडा प्लांट अब दोगुना उत्पादन और निर्यात करेगा,और इन्ही सब कारणों से होगा..#उत्तरप्रदेश_74पार #FirEkBarModiSarkar pic.twitter.com/sKoAaLMqxZ
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 31, 2019
इस मामले में भी जेवर एयरपोर्ट IJI से आगे निकल जायेगा। जानकारी जे मुताबिक IJI से वर्तमान में छह करोड़ यात्री सालाना हवाई सफर का लुप्त उठाते हैं। लेकिन 2022-23 तक यात्री संख्या बढ़कर दस करोड़ सालाना से अधिक होने की उम्मीद जताई है। इसके बाद यहां यात्री संख्या बढ़ाने की जितना भी अनुमान है वो कम हो जाएगा।
एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश के जेवर में बनने जा रहा है। विश्वस्तरीय कंपनी को इसके निर्माण की जिम्मेदारी दी गई है।
मात्र एक एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश को अगले 30 वर्ष में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि प्राप्त होगी। : मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी pic.twitter.com/jfzgj16aGW
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) December 4, 2019
जेवर एयरपोर्ट से विमान सेवाओं का संचालन भी 2023-24 में प्रारंभ होने का अनुमान लगाया जा रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि प्रारंभ में जेवर से आठ करोड़ सालाना यात्रियों के हवाई यात्रा करने की उम्मीद जताई जा रही है। साल दर साल यात्री संख्या में बढ़ोतरी होती जाएगी। IJI की क्षमता पूरी होने के बाद जेवर एयरपोर्ट पर उड़ान सेवाओं के बढ़ने के साथ यात्री संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।



