नागरिकता कानून CAA के खिलाफ हुए प्रदर्शन के बाद सभी नेता और वरिष्ठ लोग CAA के समर्थन में उतर गए है। बिना किसी बात की गहराई जांचे लोगो ने CAA के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया ये प्रदर्शन देखते ही देखते उपद्रव का रूप ले लिया। प्रदर्शन को देखकर कई राज्यो में अफरा तफरी मच गई। रेल सेवा को रोककर उनको नुकसान पहुचाया गया। बसों को आग के हवाले कर दिया कि राज्यो में प्रदर्शन कारियो ने बहुत अधिक नुकसान पहुचाया है।
दक्षिणपंथी नेता संभाजीराव भिडे गुरुजी एकबार फिर सुर्खियों में छा गए। भिडे ने इस बार किसी व्यक्ति को नही बल्कि कांग्रेस पर ही तीर छोड़ दिया। उन्होंने बताया है कि गांधीवाद देश के लिए घातक रोग है। महाराष्ट्र के सांगली में संभाजीराव भिडे के नेतृत्व में शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्थान ने रैली निकाली, जिसमे भारी संख्या में लोगो ने हिस्सा लिया। एक बड़ा जनसैलाब देखने को मिला।
दक्षिणपंथी नेता संभाजीराव भिडे CAA के साथ खड़े हैं
ये सभी नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर का समर्थन में शामिल हुए। रैली के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए संभाजी गुरुजी के तौर पर मशहूर भिडे ने कहा कि गांधीवाद हमारे देश के लिए घातक रोग है। उन्होंने CAA और NRC कानून का विरोध प्रदर्शन करने वालो को नही छोड़ा उनको भी अपना निशाना बनाया।
शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्थान की रैली में उठी आवाज़
प्रदर्शन कारियो की घोर निंदा की। विपक्ष के लोग भी प्रदर्शन कारियो का समर्थन करके लोगो मे फुट डालने का काम कर रहे थे। संभाजीराव भिडे के नेतृत्व में निकली शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्थान की रैली सांगली शहर का भ्रमण करने के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के सामने पहुंचकर बड़ी भारी जनसंख्या में बदल गई।
रैली में उपस्थित लोगो ने भिड़े का जमकर समर्थन किया। इस रैली में पार्टी के बड़े कार्यकर्ता और नेता भी शामिल हुए। इस रैली में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता और महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार में वित्त मंत्री जयंत पाटिल के साले मनोज शिंदे, विधायक सुधीर गाडगिल, विधायक संजय काका पाटिल, सुरेश खाडे, कणेरी मठ के मठाधीश काडसिद्धेश्वर महाराज के साथ ही बड़ी संख्या में लोगो ने अपनी उपस्थिति दर्ज की।
संभाजीराव भिडे को प्रधानमंत्री मोदी का भी करीबी बताया जाता है
संभाजीराव भिडे ने प्रधानमंत्री के संयुक्त राष्ट्र के अधिवेशन में दिए गए भाषण में बुद्ध की बात को भी सही नही बताया है, उन्होंने कहा कि बुद्ध का शांति और सहिष्णुता का संदेश अब उपयोगी नहीं है। हमें छत्रपति शिवाजी महाराज और उनके पुत्र संभाजी महाराज चाहिए, न कि बुद्ध। प्रधानमंत्री इस बात पर गलत थे।
महाराष्ट्र के प्रभावशाली वरिष्ठ लोगों में से एक है संभाजीराव भिडे। पुणे की संभाजी यूनिवर्सिटी से एटॉमिक साइंस से MSC में गोल्ड मेडलिस्ट भिडे फर्ग्युसन कॉलेज में फिजिक्स के प्रोफेसर थे। भिंडे ने जो भी बात कही लोग उससे सहमत थे। सभी ने उनका भरपूर समर्थन किया।



