भाखड़ा नहर में ही जिंदगी खत्म हो गई। कैमरे में कैद हुईं युवक के डूबने की Live तस्वीरे।

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Boy drowned in Bhakra canal in Patiala. Cameraman captured live pictures while a man drowned in bhakra canal in Patiala. Guy dead in Bhakra canal because of drown.

पटियाला स्थित संगरूर रोड भाखड़ा नहर पर एक युवक नहर के समीप पहुंचा और देखते ही देखते उस युवक ने अपनी चप्पलें उतार कर रखी और नहर में छलांग लगा दी। चंद मिनटों में देखते ही देखते उसकी नहर में डूबने से मौत हो गई। हैरान कर देने वाली बात तो यह थी, कि उस वक्त वहां कुछ और व्यक्ति पहले से ही नहर में नहा रहे थे।

मीडिया की खबरो के मुताविक कुछ जर्नलिस्ट नहर में उन व्यक्तियों की फ़ोटो खींचने गए थे। जो प्रशासन द्वारा रोक लगाने पर भी वहाँ सरेआम नहर में नहा रहे थे। कैमरे की इन फ़ोटो में नहर में कूद रहा वह व्यक्ति भी दिखाई दे रहा है। सूत्रों की खवरो के मुताविक फोटो जर्नलिस्ट ने उस व्यक्ति की हेल्प के लिए लोगों को आवाज दी।

आवाज सुनकर लोग उस व्यक्ति की मदद के लिए भी आगे आये लेकिन जबतक लोग आए तब तक उस व्यक्ति की मौत हो चुकी थी। नहर में डूब रहा युवक करीब तीन मिनट तक मदद के लिए गुहार लगता रहा आपने हाथ पानी से बाहर निकाल इशारे भी करता रहा। लेकिन जब तक लोग उसकी मदद के लिए आते तब तक वह नहर में डूब गया था।सही समय पर मदद न मिलने के कारण उस युवक की जान चली गई.

खबरो के मुताबिक वहीं नहर के दूसरे किनारे बने पुल के पास एकत्रित कुछ व्यक्ति इस घटनाक्रम को अपने मोबाइल पर वीडियो बनाकर कैद कर रहे थे। एक ओर जहां अपनी मस्ती के लिए युवक नहर में प्रशाशनिक नियम को तोड़कर नहाने के लिए उत्साहित हो रहे थे। वहीं दूसरी ओर एक युवक अपनी जिंदगी से हार रहा था।


इस मामले के बारे में जब पसियाणा थाना पुलिस को जानकारी दी गई उसके बाद गोताखोर शंकर भारद्वाज को वहाँ बुलाया गया। लेकिन गोताखोर भी एक घंटे की प्रयास के बावजूद भी उस युवक की बॉडी नही खोज पाए। भासड़ा नहर में युवक को मौत के मुंह मे जाता देख कुछ लोग हेल्प करने के लिए पुलिस थाना पसियाणा गए।

लेकिन यहां पर तैनात ड्यूटी अफसर ने हेल्प करने के बजाय वहाँ आये लोगों से कहा कि डूबने वाले युबक की चप्पल भी नहर में फेंक दो। ऐसे तो बहुत लोग आते हैं जो नहर में कूद कर मजा मस्ती करते हैं। पुलिस वहाँ पर आए किस-किस व्यक्ति को मना करेगी। बाद में गोताखोरों ने नहर में डूबने वाले युबक की खोज करने के बाद उसकी चप्पलों को थाना पसियाणा पुलिस को सौप दी।

गोताखोर शंकर भारद्वाज का कहना है कि हर साल नहर में छलांग लगने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। कभी खुदकुशी का नाम लेकर तो कभी नहर में हादसे का शिकार होकर लोग नहर में डूब रहे हैं।

पिछले साल 2018 में नहर में डूबने वालों की संख्या 100 से अधिक थी। जिला प्रशासन नहर में नहाने पर रोक तो लगा देती है लेकिन नियमो का पालन करवाने के लिए सख्त बंदोवश न होने की बजह से लोगों के नहर में कूदने की प्रकिया बढ़ती ही जा रही है थमने का नाम नहीं ले रही है।

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