Gurugram: आज एक वायरल खबर का पोस्ट मार्टम हो गया और झूठ सबके सामने आ गया. हरियाणा गुरुग्राम के सदर बाजार में जामा मस्जिद के पास शनिवार को एक मुस्लिम लड़के की टोपी फेंकने, उसकी शर्ट फाड़ने और उससे ज़बरदस्ती ‘जय श्रीराम’ बुलवाने वाले केस से आज पर्दा उठ गया है. हरयाणा पुलिस ने अपनी खोजबीन में पाया, कि वह मुस्लिम लड़का जिसका नाम मोहम्मद बरकत अली है, उसके साथ झगड़ा ज़रूर हुआ है, किन्तु उसकी टोपी नहीं फेंकी गई और न ही उसकी शर्ट फाड़ी गई.
आपको बता दें की इस मसले पर हरियाणा पुलिस की जांच में उक्त मुस्लिम लड़के के आरोप सही नहीं पाए गए हैं. पुलिस के अनुसार CCTV फुटेज देखने के बात पता चला कि उस मुस्लिम युवक को आरोपी ने नहीं, बल्कि किसी दूसरे युवक ने रोका था. देखी गई CCTV फुटेज में यह बताया गया है की, मुस्लिम युवक की टोपी नहीं फेंकी गई है और न ही उसके कपड़े फाड़ें गए हैं. ऐसी कोई घटना नहीं हुई.
मीडिया में आई खबर के अनुसार पुलिस ने CCTV के आधार पर बताया कि बाद विवाद के बाद दोनों युवकों में हाथापाई की घटना हुई और उसके चलते मुस्लिम युवक की टोपी नीचे गिर गई, फिर ‘उस गिरी हुई टोपी को मुस्लिम युवक ने स्वयं ही उठाकर अपनी जेब में रख लिया. फुटेजमें देखा गया की किसी दूसरे ने टोपी को छुआ भी नहीं था.
गौतम जी ट्वीट करना अच्छी बात है पर ट्वीट से पहले तथ्य ज़रूर पता होने चाहिए,आपकी ज़िम्मेदारी इसलिए और ज़्यादा बढ़ जाती है क्योंकि कब आप जनप्रतिनिधि हो गुरुग्राम में वैसा कुछ नहीं हुआ जैसे आप बता रहे है और कोई एक शराबी समाज का प्रतिनिधि नही होता।वो आरोपी है जिसे पुलिस तलाश रही है https://t.co/xysF4b6NiS
— Jawahar Yadav (@jawaharyadavbjp) May 28, 2019
मतलब दो लोगो की आपसी बहस और झगडे को टोपी और धर्म से जोड़कर बेमतलब बवाल बनाया गया और अभी अभी भाजपा नेता बने और सांसद का चुनाव जीते गौतम गंभीर भी बिना परखे मुस्लिम लड़के और सेक्युलर राग के समर्थकों की लाइन में खड़े हो गए. अब गौतम गंभीर खुद के गलत साबित होने पर ट्विटर से लेकर फेसबुक पर भक्तों द्वारा ही ट्रोल किये जा रहे हैं.



