फौजी की बेटी ने 22 वर्ष की आयु में IAS बनकर कमाल किया। सबसे अलग है इनके काम करने का अंदाज।

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IAS Smita Story
Meet The Youngest IAS Officer Smita Sabharwal to Be Appointed to a CM's Office. Story Of IAS officer Smita Sabharwal as the additional secretary.

Image Credits: Twitter(@Collector_WGLU)

आज के समय में देश की बेटियाँ धूम मचा रही हैं। बेटियाँ हर फील्ड में उच्च पदों पर आसीन हो रही हैं। ऐसे ही एक बेटी है जो अपने काम और मेहनत की वजह से सुर्ख़ियों में आई थीं। स्मिता सभरवाल देश की सबसे युवा IAS अधिकारी बनी हैं। इन्हें “जनता का अधिकारी” के नाम से भी पहचाना जाता है। स्मिता का जन्म पश्चिम बंगाल में हुआ था। ये स्मिता दार्जिलिंग से संबंध रखती हैं।

स्मिता के पिता आर्मी अफसर थे। आर्मी अफसर रहते हुए स्मिता के पिता देश के कई क्षेत्रों पर तैनात रहे, इसलिए स्मिता ने अपनी पढ़ाई भी देश के कई शहरों में रहकर कंपलीट की है। स्मिता ने ICSE स्‍टैंडर्ड में टॉप किया था। जिसके बाद से स्मिता के पेरेंट्स ने भी सिविल सर्विस में जाने के लिए स्मिता का प्रोत्साहन बढ़ाया।

स्मिता ने 22 वर्ष की उम्र में UPSC की परीक्षा क्लियर की

जिसके बाद स्मिता ने ईमानदारी और कर्मनिष्ठा के साथ बहुत मेहनत के दम पर देश में चौथा स्थान प्राप्त किया। तब वह महज 22 वर्ष की थीं। तो वहीं UPSC की परीक्षा क्लियर करने वालीं वे सबसे कम उम्र की छात्र बनी। स्मिता ने तेलंगाना कैडर के IAS का प्रशक्षिण लिया। स्मिता के चयन के बाद वह चितूर में सब-कलेक्‍टर, वारंगल की नगर निगम कमिश्‍नर, कड़प्‍पा रूरल डेवलपमेंट एजेंसी की प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर और कुरनूल की संयुक्‍त कलेक्‍टर के पद पर नियुक्त रही हैं।

अपने कार्यकाल में उन्‍होंने कई बड़ी जिम्‍मेदारियां अपने हाथों में ली थी, उनको पूरा भी किया, जिसके लिए लोगों ने उनकी बहुत तारीफ की। तेलंगाना के पिछड़े जिले करीमनगर में भी वे नियुक्त रही हैं। महत्वपूर्ण बात ये है कि लोग उन्हें जनता की आवाज के नाम से जानते है। स्मिता को उनके काम-काज के लिए ही पहचाना जाता है। वह सरकारी स्क्रीम को ईमानदारी से जनता के बीच पहुंचाने के लिए भी पहचानी जाती हैं। उनका अपना काम करने का अलग ही अंदाज है।

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