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जीव विज्ञान के क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित करने के लिए भारतीय महिला वैज्ञानिक को इन्फोसिस पुरुस्कार से सम्मानित किया गया है। CCMB की वैज्ञानिक मंजूला रेड्डी को 2019 के इन्फोसिस पुरुस्कार से नवाजा गया है। उन्हें यह पुरुस्कार जीव विज्ञान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका देने के लिए दिया गया है।
सेन्टर फॉर सेल्यूलर एंड मॉलेक्यूलर बायोलॉज में वैज्ञानिक के रूप में कार्य कर रही मंजूला ने बैक्टेरियल सेल वॉल की संरचना और सिंथेसिस को समझने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है। यह बैक्टेरियल सेल वॉल नए एंटाबॉयोटिक के विकास में मुश्किलें उत्पन्न करते हैं।
मंजूला के वैज्ञानिक समर्पण और काम के कारण ही इस नामुमकीन से दिखने वाले प्रोसेस में सफलता हासिल की हैं। उनके इस सफल परीक्षण के लिए ही उन्हें विश्व के इस प्रतिष्ठित पुरुस्कार से सम्मानित किया गया है।
Congratulations from entire CSIR family to Dr Manjula Reddy for winning Infosys Prize 2019 in Life Sciences. @InfosysPrize @ccmb_csir @drharshvardhan pic.twitter.com/BdBddyXVay
— CSIR (@CSIR_IND) November 7, 2019
मंजूला के प्रयोगशाला ने ही सबसे पहले इंजाइम्स जो कि बैक्टेरियल सेल वॉल को Control करते हैं, इसकी Searching की है। हर साल इन्फोसिस पुरुस्कार विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले वैज्ञानिकों को इस आवर्ड से सम्मानित करती है।
यह पुरुस्कार उन वैज्ञानिकों का सम्मान बढ़ाती हैं जिन्होंने पूरा जीवन ही विज्ञान के क्षेत्र में समर्पित कर दिया हो। पूरी दुनिया भर में इस पुरुस्कार को लेकर वैज्ञानिकों में होड़ लगी रहती है। हर साल होने वाले इस जंग में इस बार एक भारतीय ने जीत के झंडे गाड़ दिए है।
Many many congratulations, Manjula for the Infosys Prize for Life Sciences, 2019. All celebrations and jubiliatikns. Much love from all of us in CCMB! pic.twitter.com/gQGCZuqkMl
— CCMB (@ccmb_csir) November 7, 2019
CSIR Dr Manjula Reddy wins Infosys Prize 2019 in Life Sciences.
महिला वैज्ञानिक के रूप में मंजूला रेड्डी की यह उपलब्धि बहुत महत्वपूर्ण है। यह उन लोगों के मुंह में करारा जवाब है जो यह मानते हैं कि विज्ञान के क्षेत्र में कार्य करना महिलाओं के बस की बात नहीं है। लेकिन मंजुला ने इसको गलत साबित कर दिया है।



