Delhi : लोकसभा चुनाव के रिजल्ट्स आ चुके हैं और नरेंद्र मोदी दोबारा प्रधानमंत्री बन चुके हैं। किन्तु एक सच यह भी है की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हार कर अपनी फजियत भी करवा चुके हैं। किन्तु अपनी हार स्वीकार करने के वजाए राहुल गांधी अपने पार्टी के शीर्ष नेताओ पर हार की ज़िम्मेदारी थोपने में लगा हुआ है।
राहुल गांधी ने कांग्रेस की ज़बरदस्त हार के बाद कहा कि कमलनाथ, अशोक गहलोत और पी. चिदंबरम जैसे कांग्रेस पार्टी नेताओं ने अपने अपने बेटों को पार्टी की जीत के ऊपर रखा है। आपको बता दें की यह ख़बर टाइम्स ऑफ़ इंडिया में छापी गई है।
अपनी हार को नहीं पचाते हुए राहुल गांधी ने पार्टी की हार से मुह मोड़ते हुए कहा कि पार्टी के नेता उनके द्वारा उठाए गए मुद्दों को जनता तक ले जाने में असफल रहे हैं। मतलब अब राहुल गांधी अपनी हार और अपना फैलाया रायता खुद नहीं बल्कि दूसरों को उठाने को बोल रहे हैं।
आज राहुल गांधी एक चौथी क्लास के रोतलु बच्चे की तरह हरकत कर गए। एक चौकाने वाली बात यह है की राहुल गांधी ने कहा कि इस बार के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की सरकार होते हुए मध्य प्रदेश और राजस्थान में पार्टी का बहुत खराब प्रदर्शन देखने को मिला है।
आपको बता दें की ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हार के बाद अपने बयान में कहा था की कांग्रेस को मज़बूत लोकल नेताओं की ज़रूरत है। यह बात उस सिंधिया ने कही जो अपनी खुद की पारिवारिक सीट गुना को नहीं बचा पाया और सवा लाख वोटों से भारी अंतर से हार गया। यह सब बयान अपनी हार से पल्ला झाड़ने के लिए दिए जा रहे हैं। अब कांग्रेस में खटास साफ़ देखि जा सकती हैं। मध्यप्रदेश में कमलनाथ का पलड़ा भारी है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के हारने के वाद अब कमलनाथ ही मध्यप्रदेश में कांग्रेस के सबसे बड़े और ताकतवर नेता हैं। ऐसे में राहुल गांधी और सिंधिया को दिक्कत होने के बात सामने आ रही हैं। अव कभी भी राहुल गांधी के इशारों पर कमलनाथ की जगह ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री बना दिया जाये तो कोई आश्चर्य की बात ना होगी।



