जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद सरकार का प्रथम दरबार सोमवार से जम्मू में पूरी तरह से सज जाएगा। सुबह साढ़े नौ बजे उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू सचिवालय पहुचकर और गार्ड ऑफ ऑनर का निगरानी करेंगे। अहम बात यह होगी कि सामान्य लोगों के लिए सोमवार से दरबार दो घंटे के लिए खुला होगा।
समय सीमा दोपहर दो बजे से शाम चार बजे तक कोई भी व्यक्ति अपनी परेशानी लेकर दरबार में हाजिर हो सकता है। हॉलीडे के दिनों के अतिरिक्त अन्य दिनों में यह व्यवस्था प्रभावी रहेगी। अनुच्छेद 370 समाप्त हो जाने के बाद दरबार प्रथम बार जम्मू आया है।
अब जम्मू कश्मीर में नई व्यवस्था लागू
इस दौरान सामान्य लोग अपनी परेशानियों को लेकर विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों से बातचीत कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें कुछ फॉर्मेलिटी पूरा करना होगा। सचिवालय गेट पर पास बनवाकर भीतर प्रवेश करने की परमिशन मिलेगी। बिना पास बनवाये एंट्री नही दी जाएगी।
दरबार सजने से एक दिन पहले रविवार को नागरिक सचिवालय में दिन भर अधिकारियों और कर्मचारियों की चहलपहल रही। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए खासा व्यवस्था की गई। जिससे किसी भी प्रकार की कोई घटना को अंजाम ना दिया जा सके।
नागरिक सचिवालय के सामने वाले रास्ते को व्यक्ति की आवाजाही के लिए रोक दिया गया। सुरक्षा घेरे को स्ट्रोंग बना दिया गया। मुर्मू गार्ड ऑफ ऑनर का निरीक्षण करने के बाद सचिवालय परिसर में विभिन्न विभागों के कार्यालयों का जायजा करेंगे। सचिवालय में काम कर रहे कर्मचारियों से बातचीत कर जम्मू में उनके लिए बन्दोबस्त की इन्फॉर्मेशन भी प्राप्त करेंगे। उपराज्यपाल प्रशासनिक सचिवों के साथ भी मीटिंग कर सकते हैं।
विधानसभा सचिवालय में नहीं रहेगी चहलपहल
विधानसभा सचिवालय में इस बार नेताओं की चहलपहल नहीं दिखाई देगी। विधानसभा पहले ही भंग हो गई है। विधान परिषद का अस्तित्व भी केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ खत्म हो गया है। ऐसे में राजनीतिक दलों से तालुकात रखने वाले व्यक्तियो की कम तादात में पहुंचने की आशा है। पहले जब निर्वाचित सरकार होती थी, तब सीएम के साथ मंत्रियों व अन्य नेताओं की रौनक देखने को मिलती थी।




