उत्तरप्रदेश हरदोई: दिवाली मनाने भारत आईं दो रूसी लड़कियां, भारत की संस्कृति को महान बताया।

0
618
yana and Natasha in India
Russian yoga trainer girls Yana and Natasha enamoured by Indian culture, don't want to go back. Both celebrated Diwali In Hardoi Uttar Pradesh.

Yana and Natasha Image Credits: mynation

छह वर्ष बाद मॉस्को की नतालिया स्तर्कोवा उर्फ नताशा दीपावली के अवसर पर हरदोई पहुँची। यहां इस रूसी इंजीनियर पर भारतीय संस्कृति ने अपनी गहरी छाप छोड़ी। भारत संस्कृति मन को इतनी भा गई कि वो हर साल भारत आने लगीं। इस बार निश्चित किये समय से पहले दिवाली उन्हें भारत खींच लाई है।

नताशा ने हरदोई में अपनी दोस्त याना के साथ दीपोत्सव उत्साह के साथ मनाया। दोनों शुक्रवार को ही हरदोई पहुंची हैं। दोनों भारतीय संस्कृति को सर्वश्रेष्ठ बताती हैं। भारत मे वो सरायथोक निवासी दोस्त अभिनव द्विवेदी के घर रुकी हैं। शनिवार सुबह घुमते हुए नताशा और याना पास के गांव सवायजपुर पहुंचीं। यहां नताशा ने प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को योग अभ्यास की शिक्षा दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित है

2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रभावित होकर योग सीखने वाली नताशा की रूस में भी योग का प्रशिक्षण देने की प्लांनिग है। भारत आकर याना और नताशा दोनों बेहद उत्साहित हैं। लगभग पौने छह हजार किलोमीटर दूर जिस हर्षोल्लास को वो अपने अंदर जीने आई हैं, उन्होंने दिवाली का त्यौहार का हर्षोल्लास के साथ सभी के साथ मनाया जो अब उनके सिर चढ़ने लगा है।

अभिनव द्विवेदी प्राथमिक स्कूल में टीचर हैं। उन्होंने बताया कि जब नताशा से मुलाकात हुई थी तब उन्होंने 2013 में बातों-बातों में नताशा को अपने स्कूल के बच्चों के बारे में बताया। उनकी प्रतिभा की बात सुनकर वो हैरान में पड़ गई कि इतने सीमित संसाधन में गांव के बच्चे ऐसा कैसे कर रहे हैं। नताशा ने मेरे स्कूल को देखने की इच्छा जाहिर की।

कुछ दिन बाद वो सर्दियों में हरदोई पहुची। फिर में नताशा को अपने गाव के प्राथमिक विद्यालय नागामऊ और मुड़रामऊ लेकर गया। उन दिनों बच्चों को सर्दियों में स्वेटर नहीं मिलते थे। वो तरह-तरह का स्कूल बैग लेकर स्कूल आते थे। नताशा ने बच्चों को ऐसा देखकर उनके लिए कुछ करने की इच्छा जताते हुए स्कूल बैग और स्वेटर मंगाए गए। इसके बाद हर उनको बच्चों का प्यार उन्हें यहाँ खींच लाता है।

नताशा को भारतीय संस्कृति से प्यार हो गया

नताशा ने भारतीय संस्कृति से इतना प्यार हो गया कि उन्होंने इसको और कारोब से जानने-समझने के लिए रूस में एथेलीना प्रोनीना से हिंदी का अध्ययन किया। अब वह न सिर्फ फर्राटेदार हिंदी बोलती हैं बल्कि लिखने में भी एक्सपर्ट हो गई हैं। उनकी सहेली याना को हिंदी बोलना नहीं आती लेकिन, नताशा के साथ होने के कारण उन्हें किसी भी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आती।

नताशा का सहारा लेकर याना लोगों से बहुत बातें करती हैं। ऐसे ही बातों-बातों में बिंदी और सिंदूर का महत्व जाना कि ये सुहाग की निशानी होती है, तो याना ने माथे पर बिंदी और माग में सिंदूर सजा लिया। गले में रुद्राक्ष की माला पहने पारंपरिक ड्रेस वाली नताशा और याना को स्कूल के मैदान में बच्चों के साथ ध्यानमग्न देखकर हर कोई उनको देखकर चकित रह जरा है, उनके बारे में जानने को उत्सुक हो जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here