गुरुग्राम में बनेगा देश का प्रथम वेद विश्वविद्यालय। इन सुविधाओं से होगी लैस Ved University

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Ved university in Gurugram
VHP to open first Ved university in Gurugram. Vishwa Hindu Parishad will open India's first Ved university in Gurugram Haryana: Ek Number News

साइबर सिटी में विश्व हिंदू परिषद वेद विश्वविद्यालय की स्थापना की जा रही है। विहिप वेद विश्वविद्यालय में सभी देश विदेश के स्टूडेंट्स न केवल शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे, बल्कि वेदों पर शोध करने में तत्तपर होंगे। एयरपोर्ट के समीप सिहरौल बॉर्डर के नजदीक इस विश्वविद्यालय को प्रारम्भ करने प्रक्रिया Start हो गई है।

इसके लिए भूमि पूजन का शुभारंभ भी हो चुका है। चूंकि विश्वविद्यालय के भवन को बनाने में टाइम लगेगा ऐसे में फिलहाल गुरुग्राम में इसे Start करवाने के लिए रेंट के भवन को खोजने की प्रक्रिया चल रही है। विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने इस बात की इन्फॉर्मेशन देते हुए कहा कि आने वाले साल से विश्वविद्यालय की शुरुआत कर दी जाएगी। इसमें आधुनिक वैदिक विज्ञान व प्रौद्योगिकी की शिक्षा प्रदान की जाएगी।

विश्वविद्यालय का नाम अशोक सिंघल के नाम पर होगा

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक विहिप वेद विश्वविद्यालय का नाम विश्व हिंदू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष रहे चुके अशोक सिंघल के नाम पर रखा जाएगा। इसका नामकरण वेद विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय रखा जाएगा। डॉ. सुरेंद्र जैन से मिली जानकारी के अनुसार इस विश्वविद्यालय का नाम व स्थान निश्चित कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद में इस वेद विश्वविद्यालय को लेकर प्लानिंग काफी टाइम से चल रही थी।

वैदिक विज्ञान और विज्ञान प्रौघोगिकी के संसाधनों से लैस होगा विश्वविद्यालय

डॉ. सुरेंद्र जैन ने बताया कि इस विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए ऐसा जगह की खोज की जा रही थी, जहां पर राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्टूडेंट्स के लिए कोई परेशानी न हो व देश के केंद्र में हो। गुरुग्राम में स्थित सिहरौल बॉर्डर के समीप यह विश्वविद्यालय बनाने का मुख्य कारण यह है कि यहां पर सभी संस्कृतियों का समावेश और एयरपोर्ट से समीप है।

इस विश्वविद्यालय को लेकर कई तरह की प्लानिंग की गई हैं जिसमें स्टूडेंट्स को वैदिक और आधुनिक विधि से शिक्षा प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त विवि में वैदिक टावर का भी निर्माण किया जाएगा, यहां ऑडियो-विजुअल स्टूडियो के साथ हर कमरे में वेद और उससे जुड़ा साहित्य और पौराणिक ग्रंथ भी उपलब्ध होंगे।

विश्वविद्यालय में मंदिर, सुरभि सदन यानि गौशाला और मेडिटेशन हॉल के अतिरिक्त यज्ञ शाला उपलब्ध होगी। यहां पर पौराणिक शैली में शिक्षा प्रदान करवाने के लिए ओपन एयर कक्षाएं भी लगाए जाने की प्लांनिग हैं। इस विश्वविद्यालय में Starting में वास्तु तन्त्रम, लिपि विज्ञान, कृषि तंत्रम, पर्यावरण विज्ञान और युद्धतंत्रम सहित कुल बीस विषयों में शिक्षा प्रदान की जाएगी।

देश का प्रथम वेद विश्वविद्यालय

देश में वेद विद्यालय तो देखने मिलते हैं लेकिन वेद विश्वविद्यालय की कमी दिखाई देने को मिलती है। सम्पूर्ण देश में कुल तीस वेद विश्वविद्यालय हैं। ऐसे में अशोक सिंघल वेद विश्वविद्यालय इंसानो को प्रौद्योगिकी के साथ-साथ अपनी पौराणिक, सांस्कृतिक और वैदिक जड़ों से जोड़ेगा। स्टूडेंट्स इस विश्वविद्यालय में वेदों के अध्ययन के साथ-साथ उनपर शोध कर सकेंगे।

वेद विश्वविद्यालय के देश के केंद्र में स्थापित होने से यजुर्वेद, ऋग्वेद, अथर्ववेद व सामवेद की टफ भाषा का सरलीकरण हो सकेगा और इसके व्यवहारिक ज्ञान की गहराई लोगों तक पहुंच सकेगी। इस वेद विश्वविद्यालय में स्नात्कोत्तर तक की शिक्षा प्रदान की जाएगी।

आने वाले सत्र से गूंजेगी वेदों की भाषा

इस विश्वविद्यालय को अभी से प्रारम्भ करने के लिए रेंट के भवन की खोज की जा रही है। डॉ. सुरेंद्र जैन ने कहा कि बहुत जल्द ही जगह को सुनिश्चित कर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जाएगी और आने वाले सत्र 2020-21 से इसमें प्रवेश हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि इस विवि का लक्ष्य वैदिक विज्ञान और आधुनिक विज्ञान को एक साथ एक मंच पर लाकर भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने की योजना है।

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