उत्तराखंड के व्यक्ति ने लगाए 53000 पेड़ कर पर्यावरण की रक्षा रहे, ट्री मैन के नाम से प्रसिद्धि मिल रही

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Chandan Nayal
Chandan Nayal is known as tree man of Uttarakhand. He protects the green cover in his state and educate people about conserving nature.

Nainital: पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए पारिस्थितिक तंत्र का संतुलित होना बेहद जरूरी है। पर्यावरण में कई प्रकार के प्रदूषण पाए जा रहे हैं। इस प्रदूषण का जिम्मेदार मानव स्वयं है। जैसा कि हम जानते हैं ऑक्सीजन मानव शरीर की जीवनदायिनी गैस है।

वर्तमान समय में वायु प्रदूषण इतना ज्यादा बढ़ गया है कि हवाओं में कई प्रकार के विषाणु घूम रहे हैं, जो व्यक्ति को बीमार और बहुत बीमार बनाने के लिए पर्याप्त होते हैं। इन सब का कारण वनों की कटाई है। बढ़ती जनसंख्या के कारण लोग जंगलों की कटाई करके रहने के लिए आवास की व्यवस्था कर रहे हैं। वनों की कटाई से वातावरण काफी ज्यादा प्रदूषित हो रहा है। सबसे पहले तो वायु प्रदूषण बढ़ रहा है साथ ही मौसम में भी काफी ज्यादा परिवर्तन देखने मिल रहा है।

हम देख सकते हैं कि कई बार बेमौसम बारिश होने लगती है, तो कई बार बारिश के मौसम में सूखा पड़ा रहता है। यह स्थिति लगातार वनों की कटाई के चलते हो रही है। बड़े-बड़े शहरों में हवाओं में काफी ज्यादा प्रदूषण है, हवाओं मैं प्रदूषण का कारण सड़कों पर चलने वाले वाहन है, जो प्रदूषककारी धुआं छोड़ते हैं।

पर्यावरण की सुरक्षा की जिम्मेदारी मानव समाज की है

हम जानते हैं कि हम पृथ्वी वासी हैं और पृथ्वी की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी हमारी ही होनी चाहिए। बनो कि लगातार कटाई और उससे होने वाले प्रदूषण का अगर हम बीते सालों से देखते आ रहे हैं। कई प्रकार के बैक्टीरिया और वायरस हवाओं में फैल रहे हैं। व्यक्ति को पर्यावरण की सुरक्षा का ध्यान स्वयं रखना होगा इसकी पहल उत्तराखंड के रहने वाले एक युवक ने की है।

इस व्यक्ति को लोग ट्री मैन (Tree Man) के नाम से जानते हैं। इन्होंने उत्तराखंड के जंगलों में करीब 53000 वृक्ष लगाकर पर्यावरण की सुरक्षा के लिए मुहिम चालू की है। आज हम बात करेंगे पहाड़ों में रहने वाले चंदन नयाल की। जिन्होंने वन संरक्षण और जल संरक्षण की मुहिम चालू की है आइए जाने विस्तार से।

जाने 29 वर्षीय चंदन सिंह नयाल की कहानी

जानकारी के अनुसार उत्तराखंड Uttarakhand) राज्य के अंतर्गत आने वाले नैनीताल (Nainital) जिले के एक दूरवर्ती गांव जिसका नाम ओखलकांडा के नाई है। इस गांव के रहने वाले चंदन सिंह नयाल (Chandan Singh Nayal) की उम्र 29 वर्ष है और यह पिछले 10 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहे। चंदन सिंह नयाल एक बहुत बड़े प्रकृति प्रेमी है।

उन्हें हरियाली से काफी प्रेम है, जिसके चलते उन्होंने अपने हाथों से पिछले 10 वर्षों से 53000 वृक्षों का रोपण किया है। साथ ही 3280 तलाब बनाए हैं। अक्सर उनके गांव में भीषण गर्मी के कारण जलस्रोत सूख जाते थे, इसीलिए उन्होंने दो नए जल स्रोतों को पुनर्जीवित किया है। यह नेक काम ओखलकांडा ब्लॉक के पंटोली ग्राम सभा क्षेत्र में हो रहा है।

प्रधान मंत्री मोदी जी ने किया सम्मानित

चंदन नयाल के इस काम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी काफी खुश नजर आए उन्होंने भी उनके इस नेक काम की प्रशंसा अपने ट्विटर अकाउंट पर की। साथ ही वर्ष 2020 में उन्हें जल शक्ति मंत्रालय के द्वारा वॉटर हीरो की उपाधि से नवाजा गया।

चंदन नयाल का कहना है की वनों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। चंदन नयाल ने अपने कर्तव्य को समझे हुए स्वयं 53000 बांझ के वृक्ष लगाए साथ ही और लोगो से 60’000 से ज्यादा व्रक्षो का रोपण कराया। चंदन बताते है की उन्होंने वर्ष 2012 से एक जंगल में बलूत के पेड़ लगा कर शुरुआत की।

बलुत के पेड़ की खास बात यह है की यह जमीन में नमी बनाए रहते है और अन्य प्रजाति के वृक्षों की सुरक्षा करते है। इसी प्रकार का बांझ का पेड़ है, जो जमीन में नमी बनाता है और अन्य पेड़ो को पनपने में मदद करता है।

पर्वतीय क्षेत्र की सुरक्षा के लिए शुरू हुई यह मुहिम

चंदन नयाल बताते हैं कि पर्वतीय क्षेत्र पानी और बढ़ते तापमान की बेहद ज्यादा समस्या है। इस समस्या के निदान के लिए पर्वतीय क्षेत्र में वृक्षों का होना बेहद जरूरी है इसीलिए चंदन पर्वतीय इलाके में वृक्षारोपण करके जमीन को नमी प्रदान कर रहे हैं, साथ ही वृक्षों के होने से तापमान में भी नियंत्रण बना रहेगा।

इसी के साथ में जल संरक्षण के लिए बारिश के पानी को संरक्षित कर रहे हैं, इसके लिए वे बावडिय़ां, खाल, खंटिया, जलकुंड आदि का निर्माण कर जल को एकत्रित कर रहे हैं। इसी के साथ में जंगलों में लगने वाली आग में नियंत्रण पाने के लिए चौड़ी पत्ती वाले वृक्षों का रोपण कर रहे है।

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