
Barmer: ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति अपनी जन्मभूमि से कितनी ही दूर क्यों ना चला जाए परंतु सफल होने के बाद उसे सबसे पहले अपनी जन्म भूमि की ही याद आती है। दोस्तों लाखों युवा हर वर्ष अपने निजी निवास से देश विदेश में जाकर नौकरी करता है या शिक्षा प्राप्त करता है, परंतु ज्यादातर युवा अपने देश लौट आए उन्हें विदेश में अच्छा नहीं लगता अपने वतन की याद आती है।
वर्तमान में हर युवा का सपना होता है कि वह अच्छी तरह से पढ़ लिखकर विदेश में सेटल हो जाए, जिससे अच्छी आए होगी और अच्छा जीवन जी पाएंगे। सोच के साथ युवा विदेश तो चला जाता है परंतु कुछ ही समय के बाद वह अपने मुल्क को याद करने लगता है और वापस लौट आता है ऐसी ही एक कहानी है राजस्थान के बाड़मेर जिले के एक व्यक्ति की जो नौकरी की तलाश में विदेश पहुंच गए और कई वर्षों के बाद सफल होकर अपने गांव लौटे।
राजस्थान की प्रसिद्ध घटना
आपको बता दें राजस्थान (Rajasthan) के पश्चिमी इलाके के बाड़मेर (Barmer) जिले के पास के एक छोटे से गांव बूढ़ा तला (Budha Tala Village) के रहने वाले एक व्यक्ति जिनका नाम नवल किशोर गोदारा (Nawal Kishore Godara) है। वे कुछ वर्ष पूर्व कामकाज के लिए विदेश चले गए थे और वहां जाकर उन्होंने मजदूरी की। मजदूरी करते करते उन्होंने अपना खुद का व्यापार प्रारंभ कर दिया। उस व्यापार में उन्होंने खूब तरक्की की।
उन्होंने विदेश में अपना परिवार तो बना लिया परंतु उन्हें हर वक्त अपने गांव की याद आती थी वह हमेशा अपने गांव के दिनों को याद करते थे। उनका मन होता था कि वे अपने देश वापस आ जाए, परंतु अपने व्यापार के चलते वे नही आ सके। फिर उन्हें मौका मिला अपनी बेटी की शादी का।
जी हां दोस्तों हाल ही में नवल किशोर ने अपनी बेटी की शादी (Daughter’s Marriage) राजस्थान आकर की। राजस्थान एक छोटे से गांव के रहने वाले नवल किशोर ने गांव की सूरत बदल दी उनकी बेटी की शादी में गांव पूरा शहर की तरह नजर आ रहा था। राजस्थान का यह किस्सा काफी ज्यादा प्रसिद्ध है।
नवल किशोर कॉस्मेटिक्स का व्यापार करते है
जानकारी के अनुसार आपको बता दें नवल किशोर दक्षिण अफ्रीका के कांगो शहर में उन्होंने अपना कॉस्मेटिक्स का व्यापार प्रारंभ किया और वे सफल रहे। उन्होंने शुरुआत कॉस्मेटिक्स के व्यापार से की थी प्रारंभ में उन्हें कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा, परंतु उसके बाद उनकी पकड़ इस व्यापार में काफी मजबूत हो गई। धीरे-धीरे उनका व्यापार इतना बढ़ गया कि इस व्यापार से वे अपना परिवार अच्छी तरह चलाने लगे।
इसके बाद उन्होंने और भी कई सारे व्यापार करें जिससे वे और भी ज्यादा सफल होते चले गए। एक छोटी सी मजदूरी का काम करते करते नवल किशोर के कुछ कर दिखाने की जुनून ने उन्हें आज उस देश में एक कंपनी का मालिक बना दिया। आसान नहीं होता अपने देश से बाहर किसी अनजान शहर में अपना खुद का व्यापार चलाना परंतु नवल किशोर ने यह करके साबित कर दिया कि हम भारतीय भी किसी से कम नही है।
नवल किशोर अपने देश को याद करते रहे
बताया जा रहा है कि इस व्यापार के माध्यम से नवल किशोर को दक्षिण अफ्रीका के कई बड़े-बड़े दिग्गज व्यापारियों से मिलने का मौका मिला। देखते ही देखते अपने व्यापार के कारण नवल किशोर दक्षिण अफ्रीका में पहचाने जाने लगे। तो नवल किशोर ने न केवल विदेश में जाकर व्यापार प्रारंभ किया बल्कि उस देश में अपनी पहचान बनाई। नाम और शोहरत कमाने के बाद नवल किशोर ने अपनी जन्मभूमि को सवारने का निर्णय लिया वह हर वक्त अपने गांव को याद करते थे, इसीलिए उन्होंने अपनी बेटी की शादी राजस्थान से करने का सोचा।
Every person who contributed to the construction of Lord Shri Ram's temple in Ayodhya is fortunate.
The beneficiary of such a holy occasion has been Shri Nawal Kishore Godara Ji, resident of Barmer, who handed over a check of Rs.1 crore 25 lakh for the construction of the temple pic.twitter.com/WqrAcaRfKX— Om_prakash (@Omprakash2914) January 9, 2021
जब भी अपने देश लौटे गांव पहुंचे तो गांव उनका का वही पुराना और ढेरों सुविधाओ का अभाव था। इसीलिए उन्होंने इस गांव को शहर में तब्दील कर दिया। इस गांव को कुछ इस तरह बदला कि गांव किसी बड़े शहर की तरह लगने लगा। उन्होंने अपने गांव में स्कॉटलैंड का एक किला (Scotland Fort) भी बनवाया जो भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मशहूर है।
इन सुविधाओ की व्यवस्था की इस गांव में
नवल किशोर का मानना है कि गांव के बच्चे शहर की शिक्षा से वंचित है, सबसे पहले उन्होंने एक अच्छा और बेहतरीन एजुकेशन के लिए स्कूल बनवाया साथ ही करोड़ों रुपए का डोनेशन देकर लोगों को सुविधाएं उपलब्ध कराई। उन्होंने अपना व्यापार भारत में भी प्रारंभ करने के लिए विचार किया और यहां भी उन्होंने अपना व्यापार शुरू कर दिया।
उन्होंने उस गांव में एसजे मार्केट नाम से अपना व्यापार प्रारंभ किया। नवल किशोर चाहते तो अपनी इकलौती बिटिया की शादी किसी फाइव स्टार होटल से करते, परंतु उन्होंने राजस्थान की एक छोटे से गांव से शादी की। यदि हर व्यक्ति जो अपनी जन्म भूमि से इसी तरह प्यार करे तो दुनिया की तस्वीर बदलने में समय नहीं लगेगा।




