आपने नहीं देखी थी कैप्टन एमएस धोनी संग साक्षी सिंह रावत की विवाह की यह तस्वीरें, देखिये

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Dhoni sakshi marriage
MS Dhoni And Sakshi Singh Rawat Photo Source Twitter

Ranchi: दोस्तों आज हम एक ऐसे सितारे की बात करने वाले हैं जिन्होंने अपने फील्ड में बहुत नाम कमाया। जब बात क्रिकेट की हो तो हर जुबां पर सबसे सफल कैप्टन के तौर पर महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) का ही नाम लिया जाता है। हम सब जानते हैं कि महेंद्र सिंह धोनी बहुत ही संघर्ष के बाद भारतीय टीम में अपनी जगह बना पाए थे। परंतु धीरे-धीरे उन्होंने अपने खेल को इस कदर निखारा कि भारतीय टीम के कप्तान बन गए।

इन्हें भारतीय क्रिकेट (Indian Cricket) जगत का सबसे बेस्ट फिनिशर भी बोला जाता है, जिनके हेलीकॉप्टर शॉट के दुनिया भर में दीवाने हैं। अपनी खेल की जिंदगी में इन्होंने बहुत सारे रिकॉर्ड्स बनाएं और देश के उच्चतम नागरिक पुरस्कार तक पहुंचे।

बाद में विवाह उपरांत एक बहुत ही सुखद और आइडियल जिंदगी जी रहे हैं। परंतु क्या आप जानते हैं महेंद्र सिंह धोनी और साक्षी (Sakshi Singh Rawat) का विवाह कब और कैसे हुआ। दोस्तों यह एक लव मैरिज थी जो, काफी लंबे समय के अफेयर के बाद 2010 में संपन्न हुई। आज हम आपको बताएंगे धोनी और साक्षी पहली बार कैसे मिले और इनकी जिंदगी में नज़दीकियां कब आई और कैसे विवाह के गठबंधन में बंधे।

एम एस धोनी देश के इस राज्य में जन्मे और उनका पारिवारिक बैकग्राउंड

दोस्तों महेंद्र सिंह धोनी का जन्म 7 जुलाई 1981 में उस समय के विहार स्थित रांची जिले में हुआ था। इनके पिताजी का नाम पान सिंह है, वही माता देवकी सिंह एक ग्रहणी थी। महेंद्र सिंह मुख्य तौर पर राजपूत घराने से ताल्लुक रखते हैं।

Dhoni Family family

अग्रिम के पिता के पैतृक बैकग्राउंड की तरफ ध्यान दें तो वह उत्तराखंड के अंतर्गत अल्मोड़ा जिले में आने वाले जयंती तहसील के रहने वाले हैं। परंतु वह बिहार सरकार के अंतर्गत जूनिया मैनेजमेंट में पंप ऑपरेटर के तौर पर कार्यरत थे, जिस वजह से वह अपने पैतृक गांव से दूर रांची में बस गए। एमएस धोनी तीन भाई बहन है जिसमें महेंद्र सिंह सबसे छोटे है।

एम एस धोनी का क्रिकेट सफर एक नजर में

महेंद्र सिंह धोनी को पहली बार 1998 में बिहार के कोल फील्ड लिमिटेड की क्रिकेट टीम के अंतर्गत खेलने का मौका मिला, तब वो 12वीं कक्षा की पढ़ाई कर रहे थे और बहुत ही लंबा सफर तय करते हुए पहली बार भारतीय क्रिकेट टीम की ओर से 2004 में बांग्लादेश के ऑपोजिट अपने मैच का डेब्यू किया था।

भारतीय टीम में विकेटकीपिंग और बैट्समैन के तौर पर जल्द ही इन्होंने अपने जलवे बिखेरने शुरू कर दिए। नतीजा एक समय बाद महेंद्र सिंह धोनी को देश का सबसे बेहतरीन मैच फिनिशर का खिताब मिल गया। दोस्तों भारतीय टीम ने अपना दूसरा वनडे वर्ल्ड कप का खिताब और 20-20 मैच का वर्ल्ड कप का खिताब भी महेंद्र सिंह धोनी की ही कैप्टंसी में जीता है।

विवाह से पहले कुछ यूं मिले थे धोनी अपनी पत्नी साक्षी से

दोस्तों पहली बार धोनी और साक्षी की मुलाकात धोनी के मैनेजर युद्धजित दत्ता के जरिए हुई थी। उस वक्त साक्षी ताज होटल बंगाल में एक ट्रेनी के तौर पर कार्य कर रही थी। इनकी मुलाकात के बाद धोनी अपने क्रिकेट करियर में मशगूल हो गए परंतु, इनकी फोन वा मैसेज, कॉल के जरिए बातचीत होने लगी।

ऑस्ट्रेलिया टूर के दौरान धोनी ने सबसे अधिक साक्षी से मैसेज के जरिए बात की उस समय भी साक्षी को यकीन नहीं था कि यह महेंद्र सिंह धोनी ही हैं, जो उनके साथ बातें कर रहे हैं। परंतु बाद में धोनी ने उन्हें अपने रिश्ते में कंफर्टेबल करने के साथ इस दोस्ती को अगले पायदान पर ले जाकर जीवनसाथी बनाने का निर्णय लेते हुए उन्हें प्रपोज किया। आपको बता दें साक्षी ने औरंगाबाद के एक इंस्टीट्यूट से होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया है।

स्टार क्रिकेटर होते हुए भी गुपचुप तरीके से साधारण शादी की

दोस्तों जानकारी के अनुसार महेंद्र सिंह और साक्षी रावत ने 2008 से ऑफिशियल तौर पर एक दूसरे के साथ डेट करना शुरू कर दिया था। 2010 में जब इन्होंने इंगेजमेंट की तो तुरंत ही गुपचुप तरीके से इंगेजमेंट के दूसरे दिन ही शादी करने का फैसला ले लिया।

चंडीगढ़ के एक प्राइवेट फॉर्म हाउस में 4 जुलाई 2010 में परिवार के कुछ चुनिंदा लोगों के साथ बेहद साधारण और गुपचुप तरीके से संपन्न हो गई। यहां से उन्होंने अपने विवाहित जीवन में कदम रखा। आज इनकी एक 7 वर्ष की बेटी जीवा है और यह तीनों बहुत ही सुखद पारिवारिक जीवन एंजॉय कर रहे हैं।

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