
Ajmer: जैसा कि आप जानते हैं कि यूपीएससी की परीक्षा (UPSC Exam) पूरे भारत में सबसे कठिन परीक्षा मानी जाती है। इसका कारण यह है कि यह परीक्षा तीन चरणों में पूरी होती है और खास बात यह है कि तीनों चरण में व्यक्ति का पास होना जरूरी है।
यदि एक भी चरणों में व्यक्ति फेल हो जाता है, तो उसे दोबारा पहले चरण से प्रारंभ करना होता। एक बार फेल होने के बाद दोबारा शुरुआत जीरो से नहीं बल्कि अनुभव से होती है। त्याग और समर्पण से बनी यह सफलता दुनिया भर में मान प्रतिष्ठा दिलाने के लिए काफी होती है।
एक कहावत है व्यक्ति जीवन के 20 साल मेहनत करके 50 साल सुख भोग सकता है, परंतु यदि शुरू के 20 साल मौज मस्ती में जीवन काट दिया तो व्यक्ति को पूरा जीवन संघर्ष में बिताना पड़ता है। आज इस लेख में हम एक ऐसे व्यक्ति की बात करेंगे, जिसने 2 साल तक खुद को घर में कैद कर लिया उसके बाद उसे यह सफलता हासिल हुई।
भविष्य देसाई के समर्पण की कहानी
जानकारी के अनुसार आपको बता दें राजस्थान राज्य के अंतर्गत आने वाला अजमेर (Ajmer) जिले के रहने वाले भविष्य देसाई (Bhavishya Desai) बचपन से ही काफी होनहार विद्यार्थी रहे हैं। उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी करके स्टॉक मार्केटिंग के द्वारा मिलने वाला 5500000 के पैकेज को ठुकरा दिया और सिविल सर्विसेज (Civil Service) को चुनाव किया।

आपको बता दें भविष्य देसाई नई यूपीएससी की परीक्षा में 29 व रैंक हासिल किया है जो काफी सम्मान की बात है। इस 29 वे रैंक को हासिल करने के लिए भविष्य देसाई ने खुद को 2 वर्ष तक एक कमरे में बंद कर लिया। उसी कमरे के अंदर में खाना-पीना और खुद की दुनिया को उतने ही कमरे में सीमित कर लिया। मोबाइल सोशल मीडिया से उन्होंने दूरी बना ली और दिन-रात केबल पढ़ाई में खुद को झोंक दिया।
पहले ही प्रयास में हुई जीत हासिल
भविष्य देसाई बताते हैं कि उन्होंने राजस्थान के अजमेर के सेंट एन्सलम स्कूल से कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कोटा से कक्षा ग्यारहवीं और बारहवीं की शिक्षा पूरी की इसके बाद वर्ष 2016 में आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस से बीटेक की डिग्री प्राप्त की।
उनका ज्ञान और आई क्यू लेवल बहुत ही स्ट्रांग था, जिसकी वजह से उन्हें वर्ष 2020 के में गुड़गांव की QUADEYI स्टॉक मार्केटिंग कंपनी की तरफ से इंटरशिप का मोका मिला, जिसमे कंपनी की तरफ से 55 लाख का पैकेज दिया जाना था, परंतु उन्होंने इस पेकेज की जगह देश सेवा यानी सिविल सर्विसेज को चुना। भविष्य देसाई ने पहले ही प्रयास में 29 व रैंक हासिल किया है अब उनका सपना है कि वे फॉरेन में अपनी सेवा दे सके।
भविष्य के पिता ने कहीं यह बातें
बताया जा रहा है कि भविष्य देसाई के पिता गोपाराम देसाई एमडीएस यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बचपन से ही अपने बेटे को शिक्षा के लिए प्रेरित किया। भविष्य देसाई बताते हैं कि उनके माता-पिता ने उन्हें काफी मोटिवेट किया जब भी वे डिमोटिवेट हुए तब तब उनके माता-पिता ने उनकी काउंसलिंग की। बेटा रात रात भर पढ़ाई करता था तब मां आधी आधी रात में उठकर अपने बेटे को देखती।
माता पिता का कहना है कि हमने अपने बेटे के संघर्ष को देखा ही नहीं बल्कि जिया है। और भविष्य का कहना है कि आज उनके माता-पिता की सपोर्ट के कारण ही वे यह मुकाम हासिल कर पाए और इनके जैसे कई कंपटीशन एग्जाम उन्होंने क्वालीफाई किया।
राईका समाज के श्री भविष्य देसाई को UPSC मे 29 वी रेंक प्राप्त करने पर हार्दिक शुभकामनाएं@bhavishyadesai1 #sojatcity #Pali #Rajasthan #Ajmer #dewasi #desai #raika #rebari pic.twitter.com/o2kaoJL918
— देवासी सरकारी कर्मचारी राजस्थान ✍️ (@Ramchandradewa1) May 31, 2022
भविष्य के पिता कहते हैं कि उनका बेटा पूरी पूरी रात पढ़ाई करता था, उसे आराम करने के लिए बार-बार बोलना पड़ता था। भविष्य की मेहनत से यह साबित होता है कि वह अपने लक्ष्य के प्रति कितने ज्यादा समर्पित थे।
भविष्य की मां ने अपने बेटे के लिए कहीं यह बातें
भविष्य की मां ललिता जी का कहना है कि उनका बेटा जिस चीज के प्रति दृढ़ संकल्पित होता है उसे वह हासिल करके ही रहता है। यूपीएससी की सफलता भविष्य के परिश्रम और हार्ड वर्किंग के कारण ही संभव हो सकती है।
यदि भविष्य चाहता तो 5500000 के पैकेज को अपना कर अपना जीवन सुरक्षित कर सकता था परंतु उसने देश की सेवा के लिए खुद को चुना और अपने लक्ष्य को पाया। ललिता का कहना है कि उनका बेटा बचपन से ही होनहार रहा है और उन्होंने समय-समय पर उसे प्रेरित भी किया।



