
Nagour: दोस्तों जैसा कि हम सब जानते हैं रोजमर्रा की जिंदगी में हम कई ऐसे काम करते हैं, जिसमें आत्म सुरक्षा एवं सावधानी की अत्यंत जरूरत होती है। जैसे वाहन ड्राइव करना जिसके लिए सरकार ने विभिन्न नियम और मानक तय किए हैं कि, हमें गाड़ी चलाते वक्त किस दिशा से चलानी है, आते वक्त किस साइड पर हमारी गाड़ी होनी चाहिए।
उसकी स्पीड लिमिट एवं अगली गाड़ी को ओवरटेक करने जैसे कई नियम ट्रैफिक (Traffic Rules) विभाग द्वारा तय किए गए हैं। इससे ड्राइविंग सुरक्षित होती है और हम आसानी से अपनी मंजिल तक पहुंच सकते हैं। उसी तरह यदि आप किसी बस या ट्रेन में सफर कर रहे हैं।
यात्री के तौर पर उसमें बैठने के भी अपने नियम होते हैं। जैसे खिड़की से हाथ या सर बाहर निकाल लेना ट्रैफिक नियम के हिसाब से अनैतिक माना गया है। परंतु बात बच्चों की हो तो उन्हे लाख समझाओ वह खिड़की से तो हाथ बाहर निकालेंगे ही और कभी-कभी यह बड़ी दुर्घटना के कारण बन जाते हैं। ऐसे में 11वीं कक्षा की छात्रा ने एक ऐसा सेंसर अलार्म (Sensor Alarm) डिवेलप किया है, जो खिड़की से हाथ या सिर बाहर निकालने पर ड्राइवर को तुरंत अलर्ट कर देता है।
यह होनार छात्रा राजस्थान की इस शहर से रखती है ताल्लुक
हम जिस अलार्म की बात कर रहे हैं उसे बनाने वाली बालिका का नाम उर्मी डेगाना (Urmi Degana) है। यह अभी महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में 11वीं कक्षा की छात्रा है एवं राजस्थान राज्य के नागौर जिले के अंतर्गत आने वाले इडवा ग्राम की रहने वाली हैं।
उर्वी ने जो अलार्म बनाया है वह बस में यात्रा के दौरान जैसे ही कोई यात्री अपना हाथ या शरीर का कोई भी अंग खिड़की से बाहर निकालता है, तो ड्राइवर के पास लगा हुआ अलार्म तुरंत बज उठेगा जिससे वह ड्राइवर यात्री को ऐसा करने से रोक सकता है।
इस तरह जाने-अनजाने होने वाले कई तरह की दुर्घटनाओं को पहले ही रोका जा सकता है। यह देखने में भले ही है बहुत छोटी सी बात लगे परंतु इस तरह बच्चों के साथ आए दिन दुर्घटनाओं के कई मामले सुनने में आते हैं।
बस यात्रा के दौरान हुई एक घटना ने दीया इसे बनाने का आईडिया
और भी बताती हैं कि मैं एक छोटे से गांव की रहने वाली है और अक्सर एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए सार्वजनिक बस से यात्रा करना पड़ता है। ऐसे ही कुछ दिन पूर्व बस के द्वारा एक छोटे से गांव से शहर की ओर जा रही थी और उनके ठीक आगे बैठे हुए यात्री का छोटा बच्चा लगातार किसी ने किसी एक्टिविटीज के चलते हांथ एवं सिर बाहर निकाल लेता था जिस वजह से उनके माता-पिता भी चिंतित थे।
बस यही से उन्हें आईडिया आया कि क्यों ना कोई ऐसा सिक्योरिटी अलार्म गाड़ी में हो जो ड्राइवर को समय-समय पर खिड़की से हाथ निकालने वालों की एक्टिविटीज की जानकारी प्रदान करता रहे। इससे जाने अनजाने होने वाले कई तरह के एक्सीडेंट से छुटकारा मिल सकता है।
अलार्म को बनाने में लगी है यह सामग्री एवं करता है कुछ इस तरह काम
उर्मि ने बातचीत के दौरान बताया कि, इस अलार्म ( Alerting Aensor System) को डिवेलप करने के लिए उन्होंने एक माइक्रोचिप का इस्तेमाल किया है। जिससे ह्यूमन बॉडी सेंसर, कपलर, कुछ इलेक्ट्रॉनिक सर्किट एवं अलार्म जैसे छोटे-छोटे कंपोनेंट्स को आपस में जोड़ा गया है।
सेंसर ह्यूमन एक्टिविटीज को महसूस करने के बाद अपने सर्किट से कमांड को प्रोसेस करते हुए अलार्म को बजाने का कार्य करता है। इस पूरी डिवाइस को तैयार करने में इन्हें करीब 2 दिनों का समय लगा और अब वह चाहती है कि इसे बस की प्रत्येक खिड़की पर इंस्टॉल किया जाए जिससे दुर्घटनाओं को टाला जा सके।
उर्मी के द्वारा किया गया इस महत्वपूर्ण अविष्कार की चर्चा है हर जगह
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार उर्मि ने अपने नया अविष्कार को स्कूल के माध्यम से कई जगह प्रदर्शित किया है। जिसे देखकर लोगों ने डिवाइस एवं इस से होने वाले फायदे को देखते हुए उर्मि की बेहद तारीफ की।
सोशल मीडिया में भी इस खबर ने अच्छा खासा लोगों को आकर्षित किया। जिससे यह न्यूज़ कुछ दिनों में ही देश में राष्ट्रीय स्तर तक वायरल हो चुकी है। हम उर्वी को उसके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं कि, वह ऐसे ही नए आइडियाज पर काम करती रहे।



