
Jodhpur: दोस्तों राजस्थान (Rajasthan) हमेशा से टूरिस्टो की आकर्षण का विषय रहा है। राजस्थान के अंतर्गत आने वाले ढेरों छोटे बड़े जिले जैसे जयपुर, उदयपुर, जोधपुर इत्यादि में स्थित शाही महल, पुश्तैनी किले एवं राजपूत इतिहास से जुड़े शिल्पकारों के द्वारा तराशे गए खूबसूरत आर्ट को देखने हर साल लाखों पर्यटक देश विदेश से यहां आते हैं।
राजस्थान का वस्त्रों से जुड़ा हुआ फैशन भी दुनियाभर में काफी चर्चित है। यहां का भोजन, बोली भाषा का भी अपना ही अलग महत्व है। कुल मिलाकर हम कह सकते हैं, राजस्थान ऐसा गौरवशाली इतिहास के साथ सदियों से खड़ा है, जिसके संपर्क में आते ही व्यक्ति आनंद से भावविभोर हो जाता है।
अब सरकार ने यहां के पर्यटन को बढ़ाने के उद्देश्य से कुछ और नए स्थान डिवेलप करने की कवायद तेज कर दी है। जिसमें सुनने आ रहा है की बोटैनिकल गार्डन (Botanical garden) को भी डिवेलप किया जाना है। आपको बता दें अभी भारत में सबसे प्रसिद्ध बोटैनिकल गार्डन के रूप में ऊटी का नाम पहले आता है।
अब उसी की तर्ज पर राजस्थान में भी पर्यटकों को एक नया बोटैनिकल गार्डन जल्द ही देखने मिलेगा आइए जानते हैं। कहा बन रहा है और क्या लागत आने वाली है, इस नए बोटैनिकल गार्डन की।
क्या होता है बोटैनिकल गार्डन जानिए इसका अर्थ
दोस्तों बोटैनिकल गार्डन जिसे हम हिंदी में वनस्पति उद्यान कहते हैं, इसे बनाने का मुख्य देश होता है कि देश में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के सिर्फ पौधे एवं फूलों के पौधों को प्रदर्शित करना एवं संरक्षित करना। यहां इन पौधों के जरिए तरह-तरह के एक्सपेरिमेंट भी किए जाते हैं और उनके द्वारा तैयार किए गए नए पौधों की नस्लों को भी प्रदर्शित किया जाता है।
हम यू कह सकते हैं की वनस्पति उद्यान का उद्देश होता है, हमारे आसपास स्थित सभी प्रकार के फूलों, पौधों का विस्तृत जानकारियों के साथ प्रदर्शन करना ताकि लोग उससे शिक्षित हो सके। दुनिया भर में ढेरों बोटैनिकल गार्डन है, वहीं भारत में पहला बोटैनिकल गार्डन 1786 में कर्नल रॉबर्ट कीव के द्वारा स्थापित किया गया था।
इस गार्डन में आज भी 1787 पर स्थापित किया गया एक पीपल का वृक्ष है जिसकी जड़ें और पत्तियां इतनी दूर तक फैली है कि, उसको देखने के दौरान वह अपने आप में किसी छोटे जंगल की तरह प्रतीत होता है।
राजस्थान जोधपुर के इस हिस्से को चुना गया है बोटेनिकल गार्डन हेतु
दोस्तों राजस्थान में जो बोटैनिकल गार्डन तैयार किया जाना है, उसके लिए जोधपुर में स्थित माचिया बायोलॉजिकल पार्क को चुना गया है। इसके लिए सरकार ने 5 करोड रुपए की राशि को ऑलरेडी स्वीकृत कर दिया है। जिसकी मदद से अगले 1 साल के अंदर ही इस वनस्पति उद्यान को पूर्ण रूप से डेवलप कर लिया जाएगा।
Aerial View of Botanical Garden, Ooty. Pc – Isaac pic.twitter.com/XifAGj7reO
— Kishore Chandran🇮🇳 (@tweetKishorec) May 25, 2022
इसके अंदर भारत देश के विभिन्न प्रकार के पौधे एवं फूलों की प्रजातियों को कुछ इस तरीके से स्थापित किया जाना है कि पर्यटक इसे घूमने का लुफ्त उठा सके। वैसे इसे और अट्रैक्टिव बनाने के लिए भारत के सुप्रसिद्ध ऊटी बोटैनिकल गार्डन की थीम पर ही डिवेलप किया जाना तय किया गया है।
दुनिया भर में फेमस है ऊटी का ये बोटैनिकल गार्डन
बताना चाहेंगे ऐसे ही एक बोटैनिकल गार्डन (Botanical Gardens, Ooty) के बारे में जो तमिलनाडु के उटी क्षेत्र में स्थित है। यह 1847 में खोला गया था। और ये करीब 55 एकड़ के क्षेत्र में फैला है। दोस्तों यहां पर पौधे, झाड़ियां, पेड़, फर्न, बोनसाई के विदेशी एवं देसी दोनों ही तरह की किस्में देखने मिलती है।
2. Government Botanical Garden in Ooty, Tamil Nadu. pic.twitter.com/p1PpgRj4Do
— Raghu (@IndiaTales7) November 5, 2022
कुल मिलाकर यहां 1000 से भी अधिक किस्म के पौधे आपको देखने मिलते हैं। जिनमें दोस्तों सबसे बड़ा अट्रैक्शन का पॉइंट है इसके मध्य में स्थित एक पेड़ के जीवाश्म जो वैज्ञानिकों के अनुसार करीब 20 मिलियन साल पुराना है।
जोधपुर का ही माचिया जैविक उद्यान
दोस्तों जोधपुर का माचिया जैविक उद्यान 2016 में दर्शकों के लिए खोला गया था, जिसमें देश विदेश के सैकड़ों छोटे-बड़े पशु पक्षी एवं जीव जंतुओं को बेहतर ढंग से प्रदर्शन के लिए रखा गया है, जिसे देख कर के आप इनका आनंद ले सकते हैं।
Euro International School, Jodhpur celebrated Earth Day by taking kids to Botanical Garden visit.#eurointernationaljodhpur #WednesdayMotivation #EarthDay pic.twitter.com/I0Rq4ZAOmM
— Eurointernationaljodhpur (@eurojodhpur) April 25, 2018
आपको माचिया जैविक उद्यान में गुजराती और हिमालयन शेर, तेंदुआ, बाघ, चीतल, बारहसिंगा, हिरण, धारीदार लकड़बग्घा, भालू, इंडियन बिल्ली, इंडियन लोमड़ी, मरूबिल्ली, कछुआ, बिच्छू, बतख, सही, हंस, चूहा, मगरमच्छ, अजगर, घड़ियाल आदि मौजूद हैं।




