
Mohali: सफलता पाना हर किसी के जीवन का एक लक्ष्य होता। हर युवा चाहता है कि वह बड़ा होकर अच्छी पोस्ट पर नौकरी कर अपने मां-बाप का सीना गर्व से चौड़ा कर सकें। जब एक पिता का सपना पूरा होता है, तो पिता अपने बच्चे से परिवार के साथ साथ समाज में भी सिर ऊंचा करके चलना शुरू कर देता है।
आज इस लेख के माध्यम से हम एक ऐसे ही बेटे की बात करेंगे जिसने अपने पिता की बात को मान कर पिता के सपने के लिए तैयारी शुरू की और आज वे पूरे राज्य में अपने पिता का नाम रोशन कर रहे हैं हम बात कर रहे हैं, चंडीगढ़ के नया गांव के रहने वाले देशराज के सुपुत्र कमल चौधरी की।
कमल चौधरी (Kamal Chaudhary) ने हरियाणा सिविल सर्विसेज (Haryana Civil Services Exam) में अपना प्रथम स्थान हासिल किया है। कमल की सफलता से पूरे हरियाणा राज्य में खुशी का माहौल है और कमल का परिवार खुशी से झूम रहा है नाच रहा और गा रहा है। कमल की इस सफलता को परिवार जन काफी अच्छी तरह इंजॉय कर रहे हैं। तो चलिए जाने कमल चौधरी की सफलता का राज।
कमल चौधरी की संक्षिप्त जानकारी
मिली जानकारी के अनुसार बताया जा रहा है कि कमल चौधरी बहुत ही होनहार विद्यार्थी रहे हैं। उनके पिता देशराज चौधरी हमेशा से चाहते थे कि उनके बच्चे अच्छी-अच्छी पोस्ट पर जाकर उनका नाम रोशन करें, और आज उनकी बच्ची उनका नाम रोशन कर रहे हैं।
बताया जा रहा है कि कमल चौधरी के पिता देशराज चौधरी हरियाणा ट्रांसपोर्ट में सहायक के पद पर पदस्थ हैं। उनके ऑफिस में लगातार बड़े-बड़े अधिकारियों का आना जाना लगा रहता है जिन्हें देखकर वे चाहते हैं कि उनके बच्चे भी एक दिन बड़े अधिकारी बनकर शान से अपना जीवन जीए।
कमल चौधरी तीन भाई बहन है कमल से बड़ी एक बहन है जिनका नाम कामिनी चौधरी वे भी बेहद होनहार और मेहनती लड़की है। उन्होंने हरियाणा न्यायकी सेवा की परीक्षा के देखकर जज के लिए सिलेक्ट हो गई थी, परंतु वह इंटरव्यू में फेल हो गई। वर्तमान में वे पंजाब और हरियाणा में वकालत करती है और आगे की तैयारी जारी रखी हुई है।
सोशल मीडिया से डिस्टेंस बनाकर की पढ़ाई
बताया जा रहा है कि कमल चौधरी उनके पिता के दूसरे नंबर के बच्चे हैं। कमल ने बीटेक की पढ़ाई तमिलनाडु से पूरी की उसके बाद अपने पिता के सपने को पूरा करने के लिए पिता की बात मानकर दिल्ली से सिविल सेवा की तैयारी प्रारंभ की।
उन्होंने हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा पहली बार में ही पास कर ली, इतना ही नहीं उन्होंने पूरे हरियाणा राज्य में टॉप किया है याने नंबर वन पोजिशन में कमल चौधरी आए हैं। बताया जा रहा है कि कमल चौधरी ने इस परीक्षा में सफलता पाने के लिए समर्पण के तौर पर सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी।
वह सोशल मीडिया के इंस्टा फेसबुक ट्विटर जैसे प्लेटफार्म का सही इस्तेमाल किया और 12 12 घंटे तक निरंतर पढ़ाई करते रहते। उनकी मेहनत ने कुछ इस प्रकार रंग लाई कि आज से हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा में प्रथम स्थान हासिल कर लिया है।
398.75 फीसदी अंक प्राप्त हुए
जानकारी के अनुसार हरियाणा लोक सेवा आयोग की तरफ से 156 पदों की भर्ती के लिए यह वैकेंसी निकाली गई थी जिसमें 156 पदों में एक पद के लिए कमल चौधरी भी उम्मीदवार थी। कमल चौधरी ने इस परीक्षा में अपना टॉप स्थान हासिल किया है।
उन्होंने 398.75 प्रतिशत अंक हासिल कर हरियाणा राज्य में प्रथम स्थान हासिल किया है। उनकी सफलता ने पूरे परिवार में एक खुशी का माहौल बना दिया है। जा रहा है कि कमल चौधरी मुल्लांपुर (मोहाली) के गांव जयंती माजरी के निवासी है, इसीलिए परिवार वालों ने खुशी से कहा कि उनका बेटा माता जयंती माजरी के आशीर्वाद से सफल हुआ।
साथ ही उनके बेटे की मेहनत का परिणाम है कि आज वह अपने लक्ष्य में सफल हो सका है। कमल कहते हैं कि उन्होंने अपनी स्टडी के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम इंस्टा का इस्तेमाल किया क्योंकि यहां ऐसे प्लेटफार्म है जहां स्टडी के लिए ढेर सारा मटेरियल उपलब्ध होता है।
स्टडी के दौरान लगा लॉकडाउन
कमल बताते हैं कि उन्होंने वर्ष 2019 से ही परीक्षा की तैयारी प्रारंभ कर दी थी। परंतु स्टडी के दौरान ही महामारी का दौर शुरू हुआ और पूरे देश में लॉकडाउन की स्थिति बन गई। ऐसे में उन्होंने अपनी पढ़ाई घर से ही जारी रखी।
कमल कहते हैं कि वह पढ़ाई के साथ-साथ अपने स्वस्थ और सेहत का भी बढ़िया तरीके से ध्यान रखते हैं वे सुबह रनिंग करते जिससे उनका शरीर स्वस्थ रहे। आगे भी बताते हैं कि इस फील्ड में आगे बढ़ने का उद्देश्य उनका महिला सशक्तिकरण और शिक्षा को बढ़ावा देना है।
कमल बताते हैं कि उनका छोटा भाई भी काफी होनहार है। फिलहाल अभी उसका ग्रेजुएशन चल रहा है। इस वर्ष 26 जनवरी में हुई परेड में एनसीसी की तरफ से वह परेड में शामिल हुआ और उसकी टीम को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ। पिता ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट में कार्यरत हैं और माता एक ग्रहणी हैं।



