अध्भुत: भारत की यह नदी शीशे जैसी साफ है, बहते पानी में आईने की तरह खुद की तस्वीर देख सकते हैं

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Umngot river Dawki
Cleanest river of India in Meghalaya known as Umngot river or Dawki River. This river is cleanest river in Asia with its crystal clear water.

Dawki: दोस्तों भारत नदियों का देश माना जाता है। पूरब से लेकर पश्चिम तक और उत्तर से लेकर दक्षिण तक हमारे देश के लगभग हर एक कोने में एक बड़ी एवं पवित्र नदी बहती है। गंगा, जमुना, गोदावरी एवं नर्मदा यह कुछ प्रमुख नदियां है। जो धार्मिक दृष्टिकोण से भी बहुत पवित्र मानी जाती है।

कहने को तो हमारे देश में नदियों को मां या देवी का दर्जा दिया जाता है और दिन रात हजारों लोग इनकी पूजा करते हैं, फूल चढ़ाते हैं एवं हर साल मेले भरते हैं। परंतु हकीकत बिल्कुल अलग है। वास्तविकता में यह नदियां प्रदूषण के चलते पिछले कुछ दशकों से इतनी प्रदूषित हो चुकी है कि, किसी किसी हिस्से में इन नदियों का पानी पीना जहर के समान माना जाता है।

भारत देश में आज भी एक नदी ऐसी है जो, स्वच्छता के मामले में सारे रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। आप इसकी शुद्धता या पवित्रता का अंदाजा इस बात से लगा सकते हैं कि, यदि इस पानी को छेड़ा ना जाए तो देखने में लगता है पानी है ही नहीं। इस पर तैरने वाली नाव आपको लगेगा जैसे किसी कांच के शीशे के प्लेटफार्म पर रखी हुई है। आप भी चौक गए ना तो आइए आज हम इसकी संपूर्ण जानकारी आपको देने वाले हैं।

भारत के इस राज्य में बहती है ये नदी

दोस्तों हम जिस शुद्ध एवं पवित्र नदी की आज बात कर रहे हैं वह भारत के पूर्व भर्ती राज्य मेघालय (Meghalaya) में स्थित है। इस नदी को उमनगोट नदी (Umngot River) कहते हैं। एवं कुछ स्थानों पर से डॉकी रिवर (Dawki River) के नाम से भी जाना जाता है। जैसा कि हम ऊपर चर्चा कर रहे थे यह नदी शीशे की तरह एकदम ट्रांसपेरेंट और स्वच्छ (Crystal Clear Water) दिखाई देती है।

इस वजह से हर साल हजारों पर्यटक इस नदी को देखने के उद्देश्य से आते हैं। जिस वजह से यहां का प्रशासन भी बहुत स्ट्रिक्ट है टूरिस्ट के नियमों को लेकर के, पर्यटक इस में गंदगी ना फैलाएं इसके लिए बहुत ही कठोर नियम बनाए गए हैं।

नियम का पालन ना करने पर कड़ी सजा का प्रावधान भी रखा गया है। जिस वजह से यह नदी आज भी एकदम स्वच्छ बनी हुई है। इसी के साथ सटा हुआ मैं मॉयलननोंग गांव भी एशिया का सबसे स्वच्छ गांव के नाम से नवाजा जा चुका है।

हवा में उड़ती हुई प्रतीत होती है नदी में तैरती हुई नाव

पर्यटक इस नदी में नौका विहार का आनंद जरूर लेते हैं। जब आप नदी के बाहर खड़े होकर के नदी के पानी की ओर निहारते हैं तो, आपको नदी की गहराइयों में अर्थात उसकी तली पर पड़े हुए पत्थर, पेड़ या फूल सारी चीज एकदम साफ साफ दिखाई देती है।

जिसे देख कर ऐसा प्रतीत होता है कि, हम किसी चित्र को शीशे में देख रहे हैं। वहीं पानी में तैरती हुई नाव की तरफ नजर डालने पर आपको लगेगा जैसे वह हवा में है, क्योंकि उसकी परछाई पानी की गहराइयों में नीचे तक देखने मिल जाती है। यह नजारा यात्रियों को प्रफुल्लित कर देता है।

भारत से निकल के बांग्लादेश तक बहती है ये नदी

आगे आपको बताना चाहेंगे कि उमंगोट नदी मेघालय के पूर्व भर्ती क्षेत्र से निकलती है और जैंतिया से होती हुई फलाना हिल्स के मध्य से बहते बहते भारत की सीमा को लांग कर बांग्लादेश पहुंचती है और वही से समुद्र में मिलकर यह अपना सफर पूरा करती है।

वैसे तो कहते हैं नदियों और हवाओं पे किसी सरहद का जोर नहीं चलता वह अपनी ही आनंद में बहती है। पर ध्यान देने वाली बात यह है की उमंगोट नदी का सबसे स्वच्छ एवं साफ जल सिर्फ मेघालय एवं इससे जुड़े हुए क्षेत्रों में ही देखने मिलता है। क्योंकि यहां के गांव वालों ने इसे स्वच्छ बनाए रखने के लिए कई दशकों से प्रयास जारी रखा है।

इंटरनेट पे खूब वायरल हुए इसकी तस्वीरें

अभी हाल ही में कुछ युवा पर्यटक जब इस नदी तक पहुंचे तो उन्हें महसूस हुआ कि इस नदी की सुंदरता पूरे देश तक पहुंचने चाहिए। तो उन्होंने अलग-अलग एंगल से कई तरह की फोटोग्राफ निकाले और इंस्टाग्राम एवं फेसबुक पर पोस्ट किए, जिसमें लोगों के कई तरह के कमेंट आए।

फिर देखते ही देखते यह पोस्ट वायरल हो गई। इसी दौरान एक यूजर के द्वारा जानकारी पोस्ट की गई कि जिस गांव से यह नदी गुजरती है वहां 100 प्रतिशत साक्षरता है, जिस वजह से वहां के लोग नदी की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखते हैं।

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