अरुणाचल का “तवांग” बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है, इन सभी खासियत के चलते चाइना की बुरी नजर पड़ी

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Tawang tourist destination
Tawang in Arunachal is best tourist destination in India. Nature lovers must visit Tawang. This is how China wants this beautiful land.

Tawang: दोस्तों हम सब जानते हैं कि चाइना एक विस्तार वादी नीति पर काम करने वाला देश। जो कई छोटे-मोटे देशों को आर्थिक मदद करके या अपनी इंडस्ट्रीज को उन देशों में स्थापित करके धीरे-धीरे उन्हें चाइना का मोहताज बना देता है और फिर अपनी जरूरत अनुसार उनकी धरती का इस्तेमाल करता है।

इसी विस्तार वादी नीति के चलते चाइना ने हिमालय से सटे तिब्बत जैसे क्षेत्र को भी सालों पहले अपने कब्जे में ले लिया था और अब चाइना आए दिन कोशिश करता है भारत और तिब्बत से सटे भारतीय क्षेत्रों में अपना अधिकार जमाने का। जिस वजह से भारतीय सैनिक एवं चीनी सैनिकों के बीच तकरार और लड़ाई की खबर हम अक्सर न्यूज़ चैनल में सुनते रहते हैं।

अपनी इसी सोच के चलते चाइना ने अब अपनी नजरें अरुणाचल प्रदेश के तवांग (Tawang) क्षेत्र पर डाली है और अब वह धीरे से इस क्षेत्र पर कब्जा करना चाह रहा है। परंतु भारतीय सैनिकों की मुस्तैदी के चलते अब चाइना के लिए ये कब्जा करना असंभव हो गया है। आइए चलते हैं तवांग क्षेत्र जिसकी सुंदरता किसी जन्नत से कम नहीं।

तवांग, हिमालय की एक अनटच्ड ब्यूटी

दोस्तों तवांग क्षेत्र अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) के हिमालय पर्वत श्रृंखला में आने वाला एक छोटा सा हिल स्टेशन है। इसकी ऊंचाई समुद्र तल से करीब 3000 मीटर है। यह साल के अधिकतर महीनों में बर्फ की चादरों से ढका रहता है। पिछले कुछ महीनों से चाइना की नजर तवांग क्षेत्र पर डाली जा रही है, जिसके चलते भारतीय सैनिक की एक्टिविटी काफी तेज हो गई है।

इस खूबसूरत घाटी में अब एक बकायदा मिलिट्री छावनी भी बना दी गई है। परंतु इसके बावजूद भी यहां पर्यटकों का पहले की तरह आज भी आना जाना जारी है। यह क्षेत्र बौद्ध धर्म के स्वाबलंबीयों के लिए भी काफी पवित्र एवं महत्वपूर्ण मानी जाती है। तवांग अधिकतर बर्फ की चादरों से ढका होता है।

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यदि आप बर्फीले मौसम का आनंद लेना चाहते हैं, तो सर्दियों के दिनों में आए। यदि तवांग एवं उसके आसपास के सभी प्लेसेस को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो मार्च से सितंबर तक का मौसम सबसे अनुकूल माना जाता है।

यहां है दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध मठ

जैसा कि हम सब जानते हैं कि दुनिया के बहुत सारे देशों में बौद्ध धर्म को माना जाता है। जबकि बौद्ध धर्म की शुरुआत हमारे भारत के ही बिहार राज्य से हुई थी। पूरी दुनिया में बौद्ध धर्म के ढेर सारे मठ प्रचलित हैं जिनमें से कुछ मठ बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

आपको बता दें, तवांग को दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध मठ माना जाता है। उसे गोल्डन नामग्याल ल्हात्से मठ (Tawang Monastery) के नाम से जाना जाता है। दुनिया भर से बौद्ध अनुयाई हर साल हजारों की संख्या में यहां आते हैं। यहां आने वाले यात्री बताते हैं कि बौद्ध की शिक्षा लेने के लिए यह सबसे अनुकूल स्थान माना जाता है।

इसके करीब जंगलों में है ढेरो प्राकृतिक सुंदरता के प्रतीक

तवांग के आसपास घने जंगलों में प्रकृति के एक से एक अजूबे एवं सुंदर स्थान बने हुए हैं। जिससे ज्यादातर यात्री अनजान रहते हैं। जैसे इन घने जंगलों में गहरे अंदर तक घुसने के बाद आपको नूरनांग (Nuranang Waterfall) नाम का एक वाटरफॉल मिलता है।

किसी दूध की नदी की तरह पहाड़ की ऊंचाई से नीचे तक फैला हुआ नजर आता है। यह झरना करीब 100 मीटर ऊपर से गिर रहा है। यहां आने के बाद पर्यटक प्रकृति की खूबसूरत वादियों में कुछ यूं गुम हो जाते हैं कि उन्हें समय का पता ही नहीं चलता।

तवांग जाना है तो तय करना होगा यह रास्ता

दोस्तों हम आपको रिकमेंड करेंगे कि अपनी छुट्टियों की लिस्ट में तमांग का नाम भी जोड़ दें। यहां जाने के लिए (How To Reach Tawang) सीधे तौर पर कोई भी ट्रेन या एयरपोर्ट उपलब्ध नहीं है। इसलिए यहां सिर्फ सड़क मार्ग से ही जाया जा सकता है। इसका सबसे करीबी एयरपोर्ट आसाम है, जो लगभग 317 किलोमीटर दूर पड़ता है।

गोवा हटी एयरपोर्ट तवांग से लगभग 500 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दोनों में से कोई भी एयरपोर्ट अपनी सुविधानुसार चुन सकते हैं। जब आप एयरपोर्ट से तवांग का सफर तय करेंगे तो पूरा रास्ता प्रकृति की खूबसूरत वादियों से होकर गुजरता है। यहां को खूबसूरत छटा आपको मोहित कर देंगी।

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