बिहार का परेब पीतल व्यवसाय का हब बनेगा, देश-विदेश में यहां बने पीतल बर्तन चमकेंगे, सब्सिडी का ऐलान

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Bihar brass business hub
Bihar made brass will shine across the country. Parab will be made as of brass business hub. Parab will become the hub of brass industry.

Patna: दोस्तों भारत एक विकासशील देश है। यहां आज भी कई ऐसी इंडस्ट्री है, जिसमें क्रांतिकारी तेजी आनी बाकी है। जिस वजह से सरकार भी छोटी-छोटी जगहों को टारगेट कर किसी खास व्यवसाय से जोड़ने की तैयारी में लगी है।

केंद्र सरकार का भी एक नारा है वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट अर्थात किसी एक जिले को किसी खास वस्तु, प्रोडक्ट की मैन्युफैक्चरिंग के लिए जाना जाएगा। इस व्यवस्था से जहां एक और व्यवसाय तो बढ़ेगा ही दूसरी तरफ लोकल आम नागरिकों के लिए रोजगार भी तेजी से बढ़ेगा। जहां वह अपनी छोटे-मोटे इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक अच्छी-खासी आमदनी कर सकेंगे।

इससे लोग आत्मनिर्भर होंगे और सरकार पर नौकरी या बेरोजगारी का दबाव भी कम होगा। बिल्कुल इसी सोच के साथ बिहार सरकार ने बेहटा के ग्राम को पीतल हब (Brass Hub) बनाने का निर्णय लिया है। जिसके अंतर्गत ग्राम वासी को पीतल के बर्तन बनाने के लिए आधुनिक ट्रेनिंग जरूरी मशीन और इन्वेस्टमेंट के लिए सब्सिडी (Subsidy) लोन की व्यवस्था भी मिलने वाली है। आइए जानते हैं यह क्या योजना है और इससे लोगों को क्या लाभ मिलने वाले हैं।

आज मुरादाबाद को कहा जाता है पीतल की नगरी

दोस्तों मुरादाबाद (Moradabad) उत्तर प्रदेश का एक व्यवसायिक जिला है जिसे दुनिया भर में पीतल नगरी (Brass City) के नाम से भी जाना जाता है। यहां के कारीगर अपनी कुशल हस्त कला के जरिए पीतल के सुंदर बर्तन, डेकोरेटिव आइटम, ट्रॉफी एवं अन्य चीजों की मैन्युफैक्चरिंग करते हैं। जिस वजह से यहां बने पीतल के सामान कनाडा, अमेरिका जैसे देशों तक निर्यात किए जाते हैं।

आपको जानकार हैरानी होगी कि पीतल इंडस्ट्री (Brass Industry) के जरिए मुरादाबाद दुनियाभर में प्रतिवर्ष करीब 4500 करोड़ रुपए से ज्यादा का कारोबार कर रहा है। यह केंद्र सरकार की वन डिस्टिक वन प्रोडक्ट योजना के अंतर्गत भी आता है।

मुरादाबाद के तर्ज पर ही परेब बनेगा पीतल हब

आपको बताना चाहेंगे जिस तरह उत्तर प्रदेश में मुरादाबाद पीतल नगरी के नाम से जाना जाता है। उसी तर्ज पर बिहार सरकार आने वाले समय में पटना के करीब बेहटा के अंतर्गत आने वाले ग्राम परेब को पीतल हब बनाने की तैयारी में जुट गई है।

दरअसल परेब में सालों से पीतल का कारोबार हो रहा है कई कारीगर यहां पर उम्दा हस्तशिल्प वाले पीतल के बर्तन बनाने का काम करते हैं परंतु, अभी उन्हें बड़ी पहचान नहीं मिल सकी। जिस वजह से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जी ने राज्य सरकार की ओर से एक खास परियोजना निकाली जिससे यहां के पीतल कारोबार को उसकी पहचान दिलाई जा सके।

करोड़ों रुपए इन्वेस्ट करेगी सरकार मशीनों और अन्य सुविधाओं पे

परेब गांव की पीतल इंडस्ट्री को चमकाने के लिए सरकार ने करीब 960 लाख रुपए इन्वेस्ट करने का प्रावधान रखा है। सॉफ्ट इंटरवेंशन बनाने के लिए करीब 31 लाख RS का खर्च आएगा। वही हार्ड इंटरवेंशन अर्थात रॉ मटेरियल के बैंक बनाने के लिए 73 लाख रुपए की रकम तय की गई है।

कारीगरों को एडवांस टेक्नोलॉजी से जोड़ते हुए अत्याधुनिक मशीनों की खरीदी में करीब 660 लाख रुपए खर्च होंगे। वही कारीगरों एवं खरीदने बेचने वाले व्यापारियों के मध्य एक प्लेटफार्म के तौर पे 166 RS लाख में सुविधा केंद्र भी डिवेलप किया जाएगा।

500 से अधिक परिवार को मिलेगा रोजगार एवं आधुनिक प्रशिक्षण

वैसे तो परेब ग्राम में पीतल के बर्तन बनाने के हजारों कारीगर है, जो अलग-अलग तरह के हस्तशिल्प में माहिर है। परंतु सरकार ने 11 अलग-अलग तरह के बर्तन एवं क्राफ्ट को चुना है, जिनके प्रोरक्शन का काम किया जाएगा। यहां के 500 परिवार जो मुख्य तौर पर सिर्फ पीतल आर्ट का काम करते हैं।

उन्हें आधुनिक मशीनों का प्रशिक्षण दिया जाएगा और इन्हे खरीदने के लिए सब्सिडी भी। जिससे उनका उत्पादन कई गुना बढ़ेगा। आने वाले समय में इनकी आए 5 गुना तक बढ़ सकेगी। बिहार सीएम के द्वारा इस पूरी परियोजना का मुआयना किया गया, जिससे परेब गांव के कारीगरों का जोश देखते ही बनता है।

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