
Narsinghpur: कौन कहता है आसमां में छेद नहीं हो सकता, तबीयत से एक पत्थर तो उछालो यारों यह लाइन बहुत ही सार्थक बैठती है, जब कोई अंडरप्रिविलेज्ड या किसी साधारण गरीब परिवार में रहने वाला व्यक्ति आसमान के ख्वाब संजोए और सही खुशी तब मिलती है।
जब उन सपनों को हासिल भी कर ले आपने महसूस किया होगा कि यदि कोई बड़ा आदमी कुछ भी खरीद ले कुछ भी हासिल कर ले, तो हम इतनी खुशी नहीं होती, लेकिन यदि किसी गरीब व्यक्ति कुछ बड़ा कर ले जाता है तो हमें जाने अनजाने ही एक प्राउड फील होने लगता है और वह इंस्पिरेशन हमें भी एनर्जी देती है।
बहुत से स्टूडेंट का सपना होता है कि, बड़े होकर आईएएस (IAS) बनना है, जिसके लिए लाखों लोग हर साल प्रयास करते हैं और अक्सर एक नंबर से ही चूक जाते हैं अर्थात बॉर्डर पर पहुंचकर वापस आना, लेकिन आज की जो खबर हम आपसे शेयर करने वाले हैं, उसमें किसान परिवार की बेटी तपस्या (Tapasya Parihar) ने ना केवल आईएएस किया, बल्कि 23 वी रैंक हासिल करके सभी को प्राउड फील करवा दिया।
मध्य प्रदेश की रहने वाली है तपस्या, बिलॉन्ग करती है इस जिले से
मध्यप्रदेश भारत देश का ह्रदय कहा जाता है। जो बहुत से प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण है, यह राज्य काफी शांत और और रहने के मामले में बहुत ही सुविधाजनक माना जाता है। साल के सभी प्रकार के मौसम अनाज फल एवं नर्मदा नदी जैसी पवित्र नदी के जल से परिपूर्ण इस राज्य से आए दिन नए-नए सफलता के कीर्तिमान बनते रहते हैं।
इसी कड़ी में मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के अंतर्गत आने वाले नरसिंहपुर (Narsinghpur) जिला, जोकि अपनी खेती किसानी के लिए बहुत प्रसिद्ध है, यहां का गेहूं चना और दाल जैसे प्रमुख अनाज पूरे भारत में प्रसिद्ध है और इसी जिले की जाेवा गांव में किसानी करने वाले विश्वास परिहार की पुत्री हैं तपस्या परिहार, जिन्होंने अपनी मेहनत से आईएएस क्वालीफाई किया। 1992 की 22 नवंबर में जन्म लिया इस होनहार ने।
तपस्या की बेसिक एजुकेशन और उनका क्षेत्र
जानकारी के अनुसार तपस्या की शुरुआती एजुकेशन सेंट्रल स्कूल अर्थात केंद्रीय विद्यालय के जरिए हुई। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने अपना लक्ष्य बना लिया था कि भविष्य में आईएएस करना है, परंतु उन्हें कानून में भी इंटरेस्ट था, इसलिए पुणे में इंडियन लॉ सोसाइटी के अंतर्गत आने वाले लॉ कॉलेज से कानूनी शिक्षा में इन्होंने ग्रेजुएशन पूरा किया।

इसके पश्चात उन्होंने लक्ष्य बना लिया कि अब आगे की पढ़ाई सिर्फ यूपीएससी (UPSC) क्वालीफाई करने के लिए करेंगे। हुआ कि 2017 में ही उन्होंने यूपीएससी एग्जाम क्वालीफाई कर लिया, परंतु यह इतना आसान नहीं था।
Self-Study को बनाया हथियार जिसने दिलाई 23वीं रैंक
पुणे लॉ कॉलेज से कानून की डिग्री लेने के बाद से ही तपस्या ने 1 सूत्रीय कार्यक्रम अपना सेट कर लिया कि अब यूपीएससी क्वालीफाई करना है। इसके लिए तरह-तरह की कोचिंग संस्थानों में भी संपर्क किया।
IAS तपस्या परिहार कन्या दान को लेकर आजकल चर्चा मे हैं, उनके द्वारा दिये गये संदेश पर युवा ध्यान दें ..
1. एक चेतना का दान कैसे किया जा सकता है .. लड़की भेड़ बकरी नहीं
2. शादी ब्याह मे जितना ड्रामा कम हो उतना बेहतर है
3. साथी (प्रति – पत्नी) दोस्त रहें यही सबसे अच्छा रिश्ता है pic.twitter.com/4XnlNHCTzJ— राजेंद्र कुमार – सामाजिक सरोकार (@NewsAnalysis12) December 20, 2021
उनके सिलेबस और पैटर्न को समझने के बाद उन्हें यह लगा कि सेल्फ स्टडी करके ही वह इस एग्जाम को क्वालीफाई कर सकती है, तो उन्होंने बिना देर किए दिन रात एक कर दिया पढ़ाई में।
म.प्र.के नरसिंहपुर जिले की तपस्या परिहार की देश में 23वीं रैंक बनी है।पिता विश्वास परिहार मूल रूप से किसान हैं।*आईएएस में चयनित हुई तपस्या*
*तपस्या परिहार नरसिंहपुर जिले से पहली IAS*💐नरसिंहपुर जिले को गौरव प्रदान करने वाली बेटी तपस्या परिहार को कोटि कोटि हार्दिक शुभकामनाएं।💐 pic.twitter.com/21CL8L5cuN— Krishna Kant Sharma (@Krishna15576583) April 28, 2018
पहली बार प्री देने के बाद तपस्या को निराशा का सामना करना पड़ा क्योंकि UPSC के प्री एग्जाम में वह फेल हो गई थी। परंतु उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। दुनिया में जितने भी सफल इंसान हैं।
Questioning traditions & rituals needs a strong determination!
2018 batch IAS officer Tapasya Parihar of Madhya Pradesh cadre stopped commodification of women by saying no to ritual of 'Kanyadaan' during her wedding to IFS Garvit Gangwar.
Read story: https://t.co/nusTcChk7Y pic.twitter.com/pKWXan6iHS
— Bureaucrats India (@BureaucratsInd) December 22, 2021
उनकी सफलता का एक ही राज रहा है कि उन्होंने असफल होने के बाद पुनः प्रयास किया इसी तरह तपस्या ने भी अपनी मेहनत को और अधिक करते हुए 2017 में न केवल आईएएस का एग्जाम (IAS Exam) क्वालीफाई किया, बल्कि पूरे भारत में 23 वी रैंक हासिल करके अपने पूरे परिवार गांव और शहर का नाम रोशन किया।
अभी हाल ही में रचाई शादी अब हैं श्रीमती गंगवाल
2021 में अपने ही एक साथी जो कि आई एफ एस अफसर हैं, गर्वित गंगवाल से विवाह कर अब श्रीमती तपस्या अर्पित गंगवाल बन गई हैं। हमारी तरफ से विवाहिता तपस्या को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं प्रेषित करते हैं।



