
Dehradun: दोस्तों यदि आप घूमने के शौकीन हैं और आने वाले समय में अपनी छुट्टियां प्लान कर रहे हैं। किसी प्राकृतिक स्थल को घूमने का ऐसे में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून (Dehradun) एक अच्छा विकल्प हो सकता है। आज देहरादून को कौन नहीं जानता प्राकृतिक सुंदरताओं से भरपूर यह ऐसा शहर है, जिसके चारों तरफ घूमने को बहुत कुछ है।
कहते हैं इस शहर के आसपास की वादियां कुछ इस प्रकार है कि आप रास्ते में खड़े होकर के भी अगर पहाड़ों को निहार आएंगे तो आपको ऐसा महसूस होगा। किसी खास स्पॉट पर खड़े होकर के आप उस जगह का आनंद ले रहे हैं।
देहरादून एक ऐसा शहर है, जहां पहुंचना भी बहुत आसान है, दिल्ली से लगभग 230 किलोमीटर दूर स्थित इस शहर पर जाने के लिए ट्रेन और रोड ट्रांसपोर्ट के ढेरों ऑप्शंस मौजूद है। यहां रुकने के लिए एक से बढ़कर एक होटल्स आप को मिलते हैं, साथ ही यहां का फूड भी बहुत फेमस है। आप अपने टेस्ट के अनुसार यहां के ट्रेडिशनल फूड एवं कॉन्टिनेंटल फूड दोनों का मजा ले सकते हैं।
आज हम आपको शेयर करने वाले देहरादून के ही वह खास स्पॉट्स जिन्हें अपनी चेक लिस्ट में जरूर डालें। जब भी आप छुट्टियां मनाने देहरादून जाएं, इन स्पॉट्स को देखना ना भूलें, यह सारे स्पॉट्स देहरादून के आसपास ही लोकेटेड है और आप आसानी से इन्हें एक्सप्लोर कर सकते हैं।
कैंपटी फॉल (Kempty Falls)
देहरादून से सटे हुए मसूरी से 15 किलोमीटर दूर यह खूबसूरत फॉल सिचुएटेड है, जिसे केंपटी फॉल के नाम से जानते हैं। यह झरना वास्तव में पहाड़ में सैकड़ों मीटर ऊंचाई से निकल कर के पहाड़ों में बहुत नीचे तक जाता है और यही इसकी खूबसूरती का कारण है, जिस वजह से पर्यटक खींचे चले आते हैं।
Kempty Falls pic.twitter.com/9t3OafHEL6
— Sanchi (@ItsmeSanchita) November 3, 2022
वास्तव में यह जगह तो बहुत पुरानी है, परंतु लगभग 150 साल पहले एक अंग्रेज अधिकारी ने इसकी सुंदरता को समझते हुए अपने और अपने दोस्तों के साथ टी पार्टी इंजॉय करने के उद्देश्य से केंपटी फॉल को रीडिवेलप किया था।
~ Kempty Falls pic.twitter.com/qTrqGdpF8B
— Sapna (@sapnajoshi122) December 11, 2020
केंपटी फॉल के झरने को काफी ऊपर से नीचे गिरते हुए देख कर के इस एंजॉय कर सकते हैं। साथ ही यहां आस-पास मौजूद खाने पीने की होटल्स में बैठ कर के आप एक अच्छी पिकनिक का मजा ले सकते हैं। इसका पानी बर्फ की तरह ठंडा होता है, तो यदि आप नहाने का सोच रहे हैं, तो निश्चय ही आप ठंड से कंपकपाने वाले हैं।
चकराता (Chakrata)
प्राकृतिक वादियों के बीच स्थित चकराता एक ऐसा घने जंगलों का स्थान है, जहां पहुंचने के बाद आप अपने आप को थोड़ा देर के लिए भूल से जाएंगे। जंगलों से आती हुई शुद्ध हवा और चकराता की वादियों का मिलाप आपको यूं महसूस करवाएगा कि आप जैसे किसी जन्नत में आ चुके हैं।
चकराता के आसपास ओके पेड़ एवं शंकुधारी पेड़ों के घने जंगल हैं। आप यहां पर कैंपिंग का आनंद ले सकते हैं और साथ ही अगर ट्रेकिंग के शौकीन है, तो आप यहां से ऊपरी पहाड़ियों में ट्रेकिंग करने भी जा सकते हैं। चकराता देहरादून से लगभग 90 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
कलसी (Kalsi)
देहरादून से चकराता जाते हुए रास्ते में कलसी नामक यह गांव (Kalsi Village) पड़ता है, जो यमुना नदी के तट पर बसा है। इस गांव की महत्वता बहुत ही ऐतिहासिक है। यहां पर सदियों से कई ऐसी जातियां रह रही है, जिन्हे भूटिया जाति, मुंदर जाती या खील्स के नाम से जाना जाता है।
Travellers dream destinations should not be any foreign destinations as we all have our own heaven on earth
Yes One of the dream destination is Chakrata – Uttarakhand
Chakrata can be reached From Dehradun via Mussoorie or Vikasnagar passing through kalsi Gate#IncredibleIndia pic.twitter.com/B5KfJeF0jR
— Desi Thug (@desi_thug1) January 21, 2020
इनकी की सभ्यता, भोजन, संगीत एवं उनके त्यौहार आपको एक अलग ही अनुभव करवाएंगे। यदि आप ऐतिहासिक महत्व के स्थान घूमने का शौक रखते हैं यह स्थान आपको एक सुखद अनुभूति कराएगा।
धनौल्टी (Dhanaulti)
देहरादून बस स्टैंड से धनोल्टी की दूरी 65 किलोमीटर के करीब होती है, यहां अक्सर लोग पिकनिक मनाने के लिए पहुंचा करते हैं, क्योंकि जहां एक ओर बहुत सारी फिजिकल एक्टिविटीज जैसे रॉक क्लाइंबिंग, ट्रेकिंग, स्काईवॉक, जिप लाइनिंग करने को मिलती है।
Stayed at Eco Bamboo Huts in Dhanaulti, Dehradun.
Wonderful initiative of Forest department for financial benifit of locals and providing a cheap beautiful stay for all with देवदार की भीनी भीनी खुशबू pic.twitter.com/2UblWZlXqJ— Gaurav Sharma, IFS (@GauravS_IFS) September 16, 2022
साथ ही कुछ ऐतिहासिक स्पॉट्स जैसे दशावतार मंदिर, सुरकंडा देवी मंदिर, देवगढ़ का किला शामिल है, जो आपको परिवार के साथ बेहतरीन समय का एहसास करवाएंगे। बर्फ का लुत्फ उठाना है, तो आपको जनवरी में आना होगा, जब यहां चारों और सफेद चादर बिछी होती है बर्फ के रूप में।



