बिहार का यह शख्स नौकरी छोड़कर मोती की खेती करके अपना जीवन संवार रहा और लाखों कमा रहा है

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Nitil Bharadwaj
Nitil Bhardwaj from Bihar quit his job to return to his village and started the Bhardwaj Pearl Farm and earning with Pearl farming.

Champaran: बिहार के पटना में हम देखते है, इसके आसपास के लगभग सभी क्षेत्रों मे आम तौर पर किसान मक्का, दाल, चावल दाल, तथा अनाज उगाते हैं। युवा भी इस क्षेत्र मे कदम रख रहे हैं। परंतु 28 साल के एक युवा ने इससे हटके अलग ही कारनामा कर दिखाया है।

बिहार के चंपारण जिले मे स्थित मुरारे गाँव के युवा जिनका नाम नितिल भारद्वाज (Nitil Bharadwaj) है, उन्होंने मोती की खेती (Pearl Farming) करके लाखों की कमाई की हैं। जी हां मोती की खेती। आपको बता दे नितिल एक पारंपरिक किसान फॅमिली से ताल्लुक हैं। यह दिल्ली में बहुराष्ट्रीय कंपनी में जॉब किया करते थे।

2017 में उन्होंने कंप्यूटर प्रोफेशनल के तोर पर जॉब प्रारंभ किया था। जिसमें वह प्रत्येक महीने 30,000 रुपये की कमाई कर लेते थे। उसी समय नितिल के पिता ने समाचारों पर मोती की खेती का लेख पढ़ा तथा उससे संबंधित चीजों को जाना। उन्होंने यह जानने की कोशिश की आखिर कैसे यह बिजनेस लाभदायक हो सकता है।

बिहार के युवक ने मोती की खेती शुरू कर अच्छी खासी कमाई की

नितिल के पिता जी ने नितिल के साथ मे मोती की खेती (Moti Ki Kheti) से संबंधित आइडिया को शेयर किया। उन्हें यह आइडिया बहुत ही आकर्षक लगा। उन्होंने सोचा कि यह बिजनेस बहुत अनोखा है और इस दिशा में लोगों द्वारा ज्यादा ध्यान भी नहीं दिया गया है।

पिता की बात सुनकर नितिल ने अपनी छुट्टी के समय मे इस बिजनेस से सम्बन्धित चीजों पर गंभीर रूप से विचार किया। इस पर विचार करने के बाद मे इस बिजनेस को आगे बढ़ाने का उन्होंने फैसला किया।

मध्य प्रदेश मे नितिल ने बोमोरिया पर्ल नामक फार्म (Bamoriya pearl farm) में प्रशिक्षण लेने की शुरुआत कर दी। नितिल ने कुछ महीनों तक उस फार्म में मैनेजमेंट के साथ में काम भी किया।

ट्रेनिंग के बाद नितिल अपने गांव लौटे, उन्होंने गाव में ही खेती शुरू की

फार्म से जरूरी ट्रेनिंग लेने के बाद मे नितिल ने अपने गाँव आने का Decision लिया यहा आकर नितिल ने मोती की खेती प्रारंभ कर दी। गाव वह केवल अपना बिजनेस स्टार्ट करने के लिए लौटे थे। जब पहला प्रयास नितिल ने किया तो वह उसमें उसी समय कामयाब हो गए।

पहली बार में ही नितिल ने इस मोती की खेती में 75,000 रुपये की कमाई कर ली। केवल इतना ही नहीं नितिल ने इसके जरिए छह प्रवासी जो श्रमिक थे, उनको रोजगार भी प्रदान किया था। नितिल ने अपने गांव में ही भारद्वाज पर्ल नाम से फार्म (Bhardwaj Pearl Farm) शुरू किया, जहां वह ट्रेनिंग दिया करते है।

इस बिजनेस में सरकार से भी अब मदद मिलती है

नितिल इस विषय मे कहते हैं मोती की खेती की जो ट्रेनिंग थी, उसके दौरान ही वह समझ गए थे कि फुल टाइम एम्प्लॉयमेंट में वह अपना परिवार अच्छे से नहीं चला पाएंगे।

नितिल कभी भी मैनस्ट्रीम खेती में भी इंटर करना नहीं चाहते थे। यही सोचकर उन्होंने नए विकल्प को चुना। 2018 में नितिल ने अपनी जॉब को छोड़ दिया। फिर गाँव मे आकर एक एकड़ जमीन मे तालाब खोदकर मोती की खेती की।

शुरुआत में थोड़े सीप लेकर शुरू किया बिजनेस

नितिल बताते हैं कि सन 2019 में खेत में बनाए तालाब में उन्होंने 400 सीप लगाए थे। आपको जानकारी के लिए बता दे कि आम तौर पर एक एकड़ जमीन पर तालाब में 25,000 से लेकर 30,000 तक सीप लगा सकते हैं।

नितिल बताते हैं शुरुआत में उन्होंने मोती की खेती में केवल 25,000 रुपये ही निवेश किये। उन्होंने 8 से 10 महीने सीप तालाब में उगाया। उनको 75,000 रुपये प्राप्त हुए थे।

अब नितिल लाखों की कमाई मोती की खेती से करते है

अब खबर है कि 25,000 मोती उन्होने खेत में लगाए है, जिससे उन्हें 30 लाख रुपये की कमाई की उम्मीद है। नितिल ने बताया कि अब तक उन्होंने 3.6 लाख रुपये कमा लिए हैं। इस खेती के अलावा नितिल अपने सीप की खेती के तालाब में जलीय कृषि अर्थात मछली की खेती करते है।

आपको जानकारी के लिए बता दे कि प्रत्येक सीप को उगाने में 40 रुपये का खर्च नितिल को आता है। एक सीप में 2 मोती परिपक्वता के बाद पैदा होते है। जोकि 120 रुपये में बिकता है।

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