
Mumbai: हिंदी फिल्म इंडस्ट्री की मंजी हुई कलाकार और टॉक शो की होस्ट तबस्सुम (Tabassum) अब हमारे बीच में नहीं रही। 18 नवंबर वर्ष 2022 में 78 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया। तबस्सुम ने अपने कला से चारों तरफ अपने रंग बिखेरे हुए थे, वे बहुत अच्छी होस्ट थी और बहुत अच्छी कलाकार भी।
आपको बता दें वर्ष 1944 में उनका जन्म हुआ था, उनके पिता आयोध्यानाथ सचदेव थे और उनकी माता असगरी बेगम है। फिल्म इंडस्ट्री (Film Industry) की इस हीरोइन ने सबसे पहले टॉक शो फूल खिले हैं गुलशन गुलशन में काम किया था।
इसके बाद से उनका करियर बनना शुरू हुआ और वह समय के साथ-साथ मशहूर होती चली गई। उनके इस तरह चले जाने से उनके फैंस काफी दुखी हैं। तो आइए इस लेख के माध्यम से किरण बाला उर्फ तबस्सुम के जीवन सफर के बारे में जाने उन्होंने किस तरह यह मुकाम हासिल किया यदि आप भी जाना चाहते हैं, तो इस लेख को एक बार जरूर पढ़ें।
कार्डियक अरेस्ट ने लेली जान किरण बाला की
रिपोर्ट से पता चला है कि किरण वाला की मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट था। उनके बेटे होशांग ने भी इस बात की पुष्टि की है की 18 नवंबर की रात 8:40 में उनका निधन हो गया उन्हें हिंदू धर्म के मुताबिक पंचतत्व में विलीन किया गया है।
आपको बता दे उनके पिता आयोध्यानाथ सचदेव एक स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार थे और उनकी माता असगरी बेगम भी स्वतंत्रता सेनानी और पत्रकार के साथ-साथ एक लेखिका भी थी, जो उस समय अंग्रेजो के खिलाफ अखवार में खबर लेखन का काम करती थी। वे अपने समय के पत्रकार हुआ करते थे उन्होंने दिल्ली के समाचार पत्र तेज में पत्रकार के रूप में काम किया है उसके बाद उन्हें मुंबई भेज दिया गया था। तबस्सुम चार भाई बहन है।
बाल कलाकार से शुरू किया अपने करियर
आपको बता दें तबस्सुम एक बाल कलाकार है, उन्होंने 1947 से ही कलाकारी का काम शुरू कर दिया था याने 4 वर्ष की उम्र से उन्होंने इस इंडस्ट्री में कदम रख दिया था। उन्होंने शिक्षा में अंजुमन-ए-इस्लाम, गर्ल्स, हाई स्कूल, मुंबई से कक्षा 10 तक की शिक्षा प्राप्त की उसके बाद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश से आर्ट विषय से स्नातक की शिक्षा पूरी की।
आपको बता दें जब तबस्सुम 4 वर्ष की थी, तब उन्हें रेडियो शो के एक प्रोग्राम फुलवारी में एक होस्ट की तरह काम करती थी जिसमें वे बच्चों से बात करती और उनके साथ गाना गाती और कविताएं पढ़ती थी।
वे रेडियो शो से काफी ज्यादा प्रसिद्ध होने लगी थी। साथ ही उन्होंने 3 साल की उम्र से एक्टिंग की दुनिया में भी कदम रख दिया था। 3 वर्ष की उम्र में याने वर्ष 1946 में उन्होंने अपनी पहली फिल्म नरगिस साइन की थी जो 1947 में रिलीज हुई थी तब से लोग उन्हें बेबी नरगिस के नाम से जानने लगे थे।
1 मार्च को मनाती थी वह अपनी शादी की सालगिरह
जैसा कि आप जानते हैं कि तबस्सुम के पिता हिंदू थे और उनकी माता मुस्लिम तो इसीलिए उनके पिता के द्वारा बेटी का नाम तबस्सुम दिया गया और माता मुस्लिम थी। जिन्होंने उनके पिता का धर्म याद रखते हुए उनका नाम किरण वाला रखा। इसके बाद तबस्सुम ने भी शादी एक हिंदू कलाकार जो रामायण में जिन्होंने राम की भूमिका निभाई थी, जिनका नाम अरुण गोविल है, उनसे शादी रचाई।
तब्बसुम जी एक बहुत ही ख़ुश मिज़ाज और एक बेहतरीन अदाकारा होने साथ साथ टेलीविजन की एक बहुत ही बड़ी हस्ती थीं।उनके दूरदर्शन के मशहूर प्रोग्राम “फूल खिले हैं गुलशन गुलशन” में मुझे भाग लेने का मौक़ा मिला था।उनकी बेबाक़ हंसी मैं कभी नहीं भूल पाऊंगा।उनके जाने का बेहद दुख है। #Tabassum pic.twitter.com/5vvUPo7n4G
— Anupam Kher (@AnupamPKher) November 19, 2022
जिसके बाद वे हर वर्ष 1 मार्च को अपनी शादी की सालगिरह के रूप में मनाया करती थी, उनका एक बेटा भी है, जिसका नाम होशांग है। अरुण गोविल भी एक मंझे हुए अभिनेता है और एक बहुत अच्छे निर्देशक भी।
किरण बाला के द्वारा की गई प्रसिद्ध फिल्में और शो
किरण बाला (Kiran Bala) ने तो बचपन से ही फिल्म की दुनिया में कदम रख दिया था। उनकी शुरुआत एक रेडियो शो से हुई थी। उसके बाद उन्होंने पहली फिल्म नरगिस बनाई। इसके बाद उनका सफर शुरू होता है उन्होंने एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दी और कई शो भी किए।
Actress Tabassum In 1960s#RIP pic.twitter.com/LwwParMaZb
— indianhistorypics (@IndiaHistorypic) November 19, 2022
उनका पहला टॉक शो ‘फूल खिले हैं गुलशन गुलशन’ था। इसके बाद उन्होंने पहली फिल्म 1947 में नरगिस की इसके बाद उन्होंने मेरा सुहाग, मंझधार, बड़ी बहन, सरगम, छोटी भाभी और दीदार जेसी कई सुपरहिट फिल्म बनाई। उन्होंने फिल्म ‘बैजु बावरा’ में मीना कुमारी के बचपन का किरदार निभाया था।



