भारत में दुनिया का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बन रहा, इस सड़क की भव्यता आपको चौका देगी,जाने डिटेल

0
34523
Delhi-Mumbai Expressway
Delhi-Mumbai expressway updates in Hindi. Delhi Mumbai expressway route map and Some stunning views will make you happy.

Delhi: सड़क निर्माण कि बात करें तो हम देख रहे है, कि हमारे देश में हर दिन हाईवे (Highway) के निर्माण हो रहे है। जिससे हर दिन देश में नया कीर्तिमान स्‍थापित होता जा रहा है। आज गॉंव से शहर की कनेक्‍टिविटी हो या फिर शहर की ही दूसरे बड़े शहर से कनेक्‍टिविटी इसका कार्य बहुत ही तेजी से हो रहा है।

दुनिया का सबसे लंबा एक्‍सप्रेसवे

ऐसे में यह भी खबर आ रही है कि राज्‍य दिल्‍ली तथा मुंबई में इस संसार का सबसे ज्‍यादा लंबा एक्‍सप्रेसवे बनने (Largest Expressway) जा रहा है। जी हॉं यह खबर सच है कि राज्‍य दिल्‍ली तथा मुंबई को जोड़ने के लिये दुनिया के सबसे लंबे एक्‍सप्रेसवे का निर्माण हो रहा है। कनेक्‍टिविटी की बात करे, तो यह एक्‍सप्रेसवे राज्‍य मध्‍यप्रदेश, गुजरात, हरियाणा, राजस्‍थान, महाराष्‍ट्र तथा दिल्‍ली से होकर जायेगा।

इन शहरों की होगी कनेक्‍टिविटी

यह एक्‍सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) फरीदाबाद, दिल्‍ली तथा सोहना खंड को जोड़ेगा, साथ ही यह मुंबई के जवाहरलाल पोर्ट तथा जेवर पोर्ट को आपस में छोटे से संपर्क के माध्‍यम से जोड़ेगा।

इस एक्‍सप्रेसवे का जब निर्माण हो जायेगा तो भोपाल, उज्‍जेन, अहमदाबाद, बडोदरा, सूरत, उदयपुर, अजमेर, कोटा, किशनगढ़, जयपुर तथा इंदौर शहर की कनेक्‍टिविटी काफी बेहतर हो जायेगी। आपको बता दे कि इस एक्‍सप्रेसवे का लगभग 70 प्रतिशत का निर्माण पूरा हो चुका है।

वन्‍यजीवों को ओवरपास की सुविधा देगा एक्‍सप्रेसवे

इस एक्‍सप्रेसवे का निर्माण अभी 8 लेन में किया जा रहा है। लेकिन ऐसी खबर है कि इसे आगे और चार लेन का बढ़ाकर 12 लेन करने का भी प्रस्ताव है। इस एक्‍सप्रेसवे के लिये 21 मीटर की मीडियन बनाया जा रहा है।

जब ट्रेफिक का प्रेशर आयेगा तो इस मीडियन को घटा कर बहुत ही आसानी से एक्‍सप्रेस वे को चोडा कर दिया जायेगा। इस हाइवे के निर्माण के बाद में बहुत से नये कीर्तिमान स्‍थापित होंगे। कहा जा रहा है कि यह एक्‍सप्रेसवे एशिया में ऐसा पहला हाईवे होगा, जो ग्रीन ओवरपास की सुविधा वन्‍यजीवों को देगा।

एक्‍सप्रेसवे के निर्माण के बाद यह होंगे फायदे

इस एक्‍सप्रेसवे के निर्माण के बाद में बहुत सी चीजों की सुविधा मिल जायेगी। सबसे पहले तो मायानगरी मुंबई ओर दिल्‍ली के बीच का सफर सिर्फ 12 घंटे का ही रह जायेगा। जो कि अभी लगने वाले समय का पूरा आधा होगा।

अभी दिल्‍ली ओर मुबंई के बीच का सफर 24 घंटे में होता है। लेकिन जब यह एक्‍सप्रेसवे बनेगा तो गाडि़या पूरे 120 किलोमीटर की स्‍पीड से इस पर दोडेगी। जब यह एक्‍सप्रेसवे बनेगा तो फ्यूल की खपत पर भी इसका सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा।

ऐसा अनुमान है कि इसके निर्माण के बाद में 32 करोड़ लीटर के फ्यूल खपत में कमी होगी। वही एक्‍सप्रेसवे के बनने के बाद में नुकसानदायक गैस कार्बन डाय ऑक्‍साइड के उत्‍सर्जन पर पूरे 85 करोड़ किलोग्राम कमी होगी। इतनी कार्बन डाय आक्‍साइड बचाना पूरे 4 करोड़ पेड़ लगाने के समान होता है।

इतनी चीजों की होगी आवश्‍यकता

इस एक्‍सप्रेसवे कि विशेषताओं कि आगे बात करे तो यह एक्‍सप्रेसवे पूरे एशिया में पहला तथा पूरे विश्‍व में ऐसा दूसरे नंबर का एक्‍सप्रेसवे है। जिसने वन्‍यजीवों को ओवरपास मुहैया कराया है।

इस एक्‍सप्रेसवे के बनने में इस्‍तेमाल होने वाले मटेरियल की बात करे तो इसमें 12 लाख टन का स्‍टील, 35 करोड़ क्‍यूबिक मिट्टी, 80 लाख टन की सीमेंट उपयोग होगी। वही खर्चे की बात करें तो पूरे एक लाख करोड़ रूपये इस एक्‍सप्रेसवे के निर्माण में खर्च होंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here