शख्स ने नौकरी के बदले व्यापार को चुना, अपने आईडिया और टैलेंट के दम पर करोड़ों की कंपनी खड़ी कर दी

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handicraft art business
Rajastan man Kewalram refuses job and start his own business in handicraft art. His business gave 40000 women employment as well.

Barmer: जीवन में कठोर संघर्षों के बाद कामयाबी मिलती है। व्यक्ति सफलता के लिए पैदा होने के बाद 3 साल की उम्र से लग जाता है कहते हैं एक अच्छा जीवन जीने के लिए पैसा ही सब कुछ होता है। इस बात को नकारा नहीं जा सकता की पैसों से खुशियां नहीं खरीदी जा सकती, परंतु उन पैसों से अच्छा खाना और अच्छा रहन-सहन का तरीका खरीदा जा सकता है, जो हमारी खुशियों की वजह होती है।

पैसा कमाना मुश्किल नहीं है, यदि व्यक्ति में एक अच्छा कौशल है, तो व्यक्ति अपने कौशल से लोगों को अपना मुरीद बना सकता है और यदि व्यक्ति के पास कौशल नहीं है, तो व्यक्ति को 5 Rs कमाना भी कठिन लगेगा।

आज हम एक ऐसे ही व्यक्ति की बात करेंगे, जिसने अपने स्किल से करोड़ों की कंपनी खड़ी कर दी। शुरुआत में उसने कई कंपनियों में काम किया, परंतु काम के हिसाब से उसे पैसा नहीं मिल रहा था, इसीलिए उसने जॉब छोड़ कर व्यापार को चुना, आइए जाने उस व्यक्ति की कहानी के बारे में।

राजस्थान के केवलराम की कहानी

Barmer: सफलता की दास्तान में हम आपको राजस्थान के एक ऐसे व्यक्ति के बारे में बता रहे है, जिसने अपने साथ-साथ अपने जैसे कई महिला और पुरुष को रोजगार दिया, जो आज किसी पर निर्भर नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर होकर अपना जीवन जी रहे हैं।

राजस्थान (Rajasthan) अपनी संस्कृति और कला से पहचाना जाता है, हम जानते हैं कि राजस्थान की महिलाएं और पुरुष हस्तशिल्प कला (Handicraft Art) में काफी मंजी हुई खिलाडी होती है। वहां का व्यक्ति या तो बड़ी-बड़ी नौकरियां करता है या फिर बड़े-बड़े व्यापार में अपना हाथ जमाता है।

राजस्थान राजा और रानियों की कहानी का एकमात्र वर्तमान उदाहरण है, जहां पर आज भी पुराने समय के महल और परंपराएं देखी जा सकती हैं, इसीलिए राजस्थान को राजा रानियों का शहर भी कहा जाता है।

गुजरात के साथ राजस्थान भी है व्यापारियों की नगरी

भारत के राजस्थान राज्य के बाड़मेर इलाके से संबंध रखने वाले केबल राम हस्तशिल्प कला के बादशाह है उन्होंने करीब 40000 महिलाओं को रोजगार दिया है, साथ ही वहां के लोगों ने कई तरह के व्यापार प्रारंभ किए हैं, जिससे आज गुजरात के साथ-साथ राजस्थान को भी व्यापारिक नगरी कहा जाता है।

भारत का गुजरात (Gujarat) राज्य बड़े बड़े कारोबारियों और व्यापारियों के लिए प्रसिद्ध है। व्यापार के मामले में गुजरात को पूरे भारत देश में सबसे आगे रखा है, परंतु राजस्थान अब कला और संस्कृति के साथ-साथ कारोबार में भी काफी आगे हैं। केवल राम 15 वर्ष की उम्र से हस्तशिल्प कला सीख रहे थे।

उसके बाद उन्हें कई बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में नौकरियों के लिए प्रस्ताव आए। बड़ी-बड़ी कंपनियों में काम करने गए भी, परंतु उनके मन मुताबिक उन्हें तनख्वाह नहीं मिल रही थी। जिसके चलते उन्होंने नौकरी छोड़ व्यापार करने का फैसला लिया।

अपनी कला को एक बेहतर मौका दिया केवलराम ने

केवल राम (Kewal Ram) ने 15 वर्ष की उम्र से हस्तकला सीखने के बाद कई सालों तक बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरी की परंतु उनका वेतन स्थिर था, 25000 RS से कभी ज्यादा नहीं मिला। इसीलिए केवल राम ने नौकरी छोड़ व्यापार की शुरुआत की वे अपनी हस्तकला से निपुण थेा।

उन्होंने इस कला को ही अपना हथियार बना कर अपना व्यापार शुरु किया तरह-तरह के डिजाइन बनाकर भी मार्केट में बेचने लगे शुरुआती काम छोटा था। परंतु धीरे-धीरे उनके काम में बढ़ोतरी हुई और आज भी करोड़ों की कंपनी के मालिक हैं। वर्ष 2017 में उन्होंने व्यापार शुरू किया था। वर्तमान में उनके व्यापार को करीब 5 वर्ष पूर्ण हो चुके 5 वर्षों में उन्होंने कंपनी को वो मुकाम दिया है, जिसका कोई अंदाजा भी नहीं लगा सकते।

वर्तमान में 50 से 60 गांव में भेजते हैं रो मैटेरियल

आपको बता दें केवलराम अपने व्यापार में लोगों तक हस्त कला से संबंधित रॉ मैटेरियल को सप्लाई करते 15 साल की उम्र से काम करते-करते वे काफी ज्यादा अनुभवी हो गए। इसके बाद जब उन्होंने अपना काम शुरू किया तो वे कुछ ही समय में अपनी कंपनी का कच्चा माल 4 से 5 गांव में सप्लाई करने लगे।

जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे उनका काम बढ़ता चला गया और एक समय ऐसा आया कि 4-5 नहीं बल्कि 50 से 60 गांव में वे काफी ज्यादा प्रसिद्ध हो गए। उनका कच्चा माल अपने शहर की 50-60 गांव में सप्लाई होने लगा। इस तरह उनका काम दिन-ब-दिन बढ़ता चला गया और वर्तमान स्थिति में उनकी कंपनी 1 वर्ष का 500000 से 600000 RS का मुनाफा कमाती है।

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