
Dehradun: उत्तराखंड ऐसा राज्य है जिसे टूरिस्ट के लिये सबसे परफेक्ट माना जाता है। क्योंकि इस जगह में प्रकृति का वह खजाना मौजूद है। जिसे अन्य राज्य में ढूँढ पाना लोगों के लिये मुश्किल है। इस जगह में जहॉं बर्फ की चादर से ढके पहाड है तो वही झीलों की खूबसूरती भी है।
आज हम आपको इस राज्य के झीलो के विषय में बताएंगे। राज्य उत्तराखंड में बहुत सी ऐसी झील है। जो की समुद्र तल से काफी ज्यादा ऊँचाई पर है। हम जिन झीलो के बारे में आपको बताने वाले है, उनके विषय में शायद आपने नहीं सुना होगा। लेकिन आज इस पोस्ट से आप इसके विषय में जान पाएंगे तो आइये जानते है इस लिस्ट में शामिल झीलों के बारे में।
केदार ताल झील (Kedartal Lake)
केदारताल झील उच्च हिमालय (Himalaya) में स्थित है। यह अपनी अलौकिक प्राकृतिक खूबसूरती अद्भुद संरचना के लिये प्रसिद्ध है। इस झील का जल नीला है। इस झील के नीला होने के विषय में धार्मिक मान्यता भी प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि जब समुद्र मंथन हुआ था, उस समय जो विष निकला था, उसे पीने के बाद में महादेव जी ने अपने कंठ की अग्नि को इस झील का पानी पीकर ही बुझाया था।
Kedartal also known as Shiva’s lake, Kedartal is a glacial lake situated at an altitude of 15,580 ft in the Garhwal region of the Himalayas. One of the most beautiful lakes amongst the highest lakes in India. pic.twitter.com/zZVc35KIDS
— Sanchi (@ItsmeSanchita) June 29, 2021
लोगो के द्वारा इस झील को अक्षराओ का ताल कहकर पुकारा जाता है। केदारताल झील की खूबसूरती अलौकिक है। इस झील से थलयासागर चोटी को बहुत ही अच्छे से देखा जा सकता है। केदारताल झील गंगोत्री से 30 किलोमीटर के डिस्टेंस पर हिम शेखरो में स्थित है।
रूपकुंड लेक (Roopkund Lake)
रूपकुंड लेक राज्य उत्तराखंड में स्थित जिले चमोली में है। इस झील की ऊँचाई समुद्र तल से लगभग 5000 मीटर की है। यह झील 130 फीट चौडी है। इस झील में सालभर बर्फ जमी रहती है। गर्म दिनों मे लेकिन कभी कभी इस झील की बर्फ पिघलती है।
जब यह झील बर्फ के पिघलने से बहने लगती है, तो इस झील में बहुत सी हड्डिया तथा खोपडिया तैरती हुई दिखाई देती है। यह दृश्य बहुत ही भयभीत करने वाला होता है। इस झील को इस कारण ही कंकाल झील (Roopkund Skeleton lake) कहकर भी लोग पुकारते है।
Lake of Skeletons -Chamoli, Uttarakhand
The Skeleton Lake of Roopkund is located in the Himalayas at an altitude of 5,029 m in the Uttarakhand state. Mystery Lake is famous for the hundreds of human skeletons found at the edge of the lake and also a popular trekking destination. pic.twitter.com/OWsoKmXw8l
— Duryodan ❂ 🇮🇳 (@duryodan_) February 27, 2021
यह झील वीरान जगह पर है, इस झील में लगभग 500 मानव कंकाल है। इस जगह को पर्यटन के लिये काफी पसंद किया जाता है। आज तक इन मानव कंकाल के विषय मे स्पष्ट जानकारी नहीं मिली है। किसी को यह नहीं मालूम की यह झील रूपकुंड से कंकाल झील कब बन गई।
हेमकुंड झील (Hemkunt Lake)
इस झील को बहुत पवित्र माना जाता है। यह झील पूरे साल में 8 महीने जमी रहती है तथा 4 महीने इसका पानी बहता रहता है। इस झील के संबंध मे भी कुछ मान्यता है। कहा जाता है कि सिखों के जो दसवे गुरू थे जिनका नाम गुरू गोविंद सिंह जी था।
This surreal scene is from Hemkund Lake or the 'Lake of Snow’, in the Chamoli district of Uttarakhand. Situated near the Hemkunt Sahib Gurudwara, this is one of the most sacred and stunning lakes in the country.
Credit- @trulyytejaswini #chamoli #uttarakhand pic.twitter.com/GO6T3wpRKS— Uttarakhand Tourism (@UTDBofficial) July 12, 2022
उन्होंने इस झील में किनारे पर ही तप किया था। यही कारण है कि इस झील को पवित्र तथा धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण माना गया है। इस जगह पर मेधासा के साथ में बहुत से अन्य प्रचारको द्वारा भी तप किया गया था यह मान्यता भी प्रचलित है।
देवताल झील (Deotaal Lake)
देवताल झील उत्तराखंड (Uttrakhand) की ऐसी झील है जिससे ऐसी मान्यताएं जुड़ी है कि लोग इस झील के महत्व को सबसे अधिक मानते है। इस झील को देवताल इसलिए कहते है क्योंकि ऐसी मान्यता है कि यह झील देवताओं की झील है।
इसके अलावा देवताल चमोलीके माणा गाँवसे 65kmदूर लगभग चीन सीमा पर स्तिथ है,इस झील को सरस्वती नदीका उद्गम भी कहा जाताहै
तथा देवसाडी ताल उत्तरकाशी मैं स्तिथहै
अन्य द्रोण ताल काशीपुर मैं शहरके मध्यही स्तिथहै,किवंदतीके अनुसार इस सरोवरका निर्माण पाण्डवो ने गुरु द्रोणाचार्यके लिए करवायाथा pic.twitter.com/q9E9xvR9Zp— मैं उत्तराखंड हूँ.. 🇮🇳 (@gauravp648) July 10, 2021
कहा जाता है यह वही झील है, जिसमें सभी देवता गढ़ स्नान किया करते थे। यह झील उत्तराखंड के जिले गढवाल में है। यह जीरों पॉइंट से लगभग 3 किलोमीटर के डिस्टेंस में है। देवताल झील भी हमेशा चारो और से बर्फ से घिरी रहती है।
सातताल लेक (Sattal Lake)
इस लेक को सातताल इसलिए कहा जाता है, क्योंकि इस झील में कहा जाता है कि 7 झीलों का समूह है। सात झीलो का समूह हमें सुनने मे काफी ज्यादा आकर्षक तथा मनोरम लगता है। आपको बता दे कि इस झील का दृश्य अब हमारी कल्पना से बिल्कुल परे है। क्योंकि इन सात झील में उपस्थित पानी पूरी तरह से सूख चुका है। पर यह जगह अभी भी आकर्षक है। क्योंकि यहॉं पर हर दिन बहुत से पक्षी आते है, जिनकी आवाज हमें मंत्रमुग्ध कर जाती है।
Sattal Lake during Monsoon #Uttarakhand #IncredibleIndia pic.twitter.com/kQf6Xyh6uh
— Neha Gupta (@nehaguptaphoto) August 6, 2021
यह झील नैनीताल से लगभग 23 किलोमीटर के डिस्टेंस पर है। इस झील का कंपेरिजन इंग्लैंड में स्थित वैस्टमोरलैण्ड से किया जाता है। सातताल झील के पास में अमेरिकी मिशनरी जिनका नाम स्टैनले जॉनस है उनका आश्रम है। यहॉं पर पन्ना, गरूड, राम, लक्ष्मण, सीता इत्यादि नामो की झील उपस्थित है।



