यह माँ इस मजबूरी की वजह से बैलगाड़ी को अपने हाथों से 30 किलोमीटर दूर तक खींचती हैं: Viral Video

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2008
Woman Viral Video
This women struggle to live a life. Raigarh Madhya Pradesh woman is pulling Bailagadi 30 KM. woman video goes viral.

Raigarh: सोशल मीडिया पर अनोखा कुछ वायरल हो जाना जैसे एक आम सी रोजमर्रा की बात हो गई है। जहॉं सोशल मीडिया पर कुछ फनी वीडियों वायरल होते, तो कुछ ऐसे वीडियो तथा तस्‍वीर भी होती है जो हमें कुछ सिखा कर चले जाते है। कुछ ऐसा ही एक महिला का वीडियो (Video) इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।

इस वीडियों में एक महिला एक बैलगाड़ी (Bullock Cart) को अपने हाथ से खींचते हुये दिखती है। इस बैलगाड़ी को खींचते हुये यह महिला उसे पूरे 30 किलोमीटर लेकर जाती है। इस बैलगाड़ी मे एक बच्‍चा भी बैठा दिखाई देता है। आखिर क्‍यों यह महिला बैलगाड़ी अपने हाथ से खींच रही है। आइये जानते है।

महिला का बैलगाड़ी को खींचने का वीडियो हो रहा वायरल

गरीबी इंसान से वह सब करा लेती है, जो एक धनी व्‍यक्‍ति करने का कभी नहीं सोच सकता। जो जज्‍बा, बहादुरी तथा ताकत एक गरीब में झलकती है, वह और किसी में नहीं। आज की हमारी कहानी एक गरीब मॉं की है। जो अपने बच्‍चे के भविष्‍य के लिये संघर्ष करती हुई इस वायरल वीडियों मे साफ दिखती है।

बैलगाड़ी (Bailagadi) आप सभी ने देखी होगी। इसे बैल की सहायता से खींचा जाता है। लेकिन इस वीडियों मे महिला स्‍वयं ही इसे हाइवे पर खींचती हुई दिख रही है। इस बैलगाड़ी में सामान और एक बच्‍चा बैठा हुआ भी दिखाई देता है।

एक मॉ की क्‍या अहमियत होती है, हमारी जिंदगी मे यह किसी से छिपा नही है। एक मॉं भले ही खुद कष्‍ट सहन करती है, लेकिन कभी भी अपने बच्‍चे पर ऑंच नही आने देती। इस बात का ही उदाहरण यह वीडियो दे रहा है।

मध्‍यप्रदेश के राजगढ़ की है महिला

दरअसल यह वायरल वीडियो मध्‍यप्रदेश (Madhya Pradesh) के राजगढ़ (Raigarh) जिले का है। यह महिला जो इस वीडियो में दिख रही हे वह राजगढ़ से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पचोर नामक स्‍थान में यह बैलगाड़ी लेकर आ चुकी थी। उसे देखकर 2 बाइक सवार ने महिला को रोका तथा उससे यह करने का कारण पूछा।

महिला (Woman) ने अपने विषय में जानकारी देते हुये कहा कि उसका घर नही है। वह ऐसे ही बैलगाडी के सहारे अलग अलग अपना सामान बांध कर जाती है। वह कहती है कि इस बैलगाड़ी को ऐसे ही खींचते हुये आगे उसे 30 किलोमीटर जाना है। जिसमे से 15 किलोमीटर की दूरी वह तय कर चुकी है तथा 15 किलोमीटर की दूरी उसका तय करना बाकी है।

महिला कहती है कि वह सारंगपुर जा रही है। जब महिला ने यह सब बताया, तो बाइक सवार को उस महिला पर दया आ गई। उन्‍होंने उसकी मदद करने की ठान ली। उन बाइक सवारो ने महिला की बैलगाड़ी को अपनी बाइक मे बांधा तथा उस महिला को जहां वह जाना चाहती थी वहां तक पहुँचाया।

पति का हो चुका है देहांत

जब बाइक सवार ने महिला से उसके विषय मे पूछा तो महिला ने बताया कि उसका नाम लक्ष्‍मी (Laxmi) है और अभी हाल ही में 2 साल पहले ही उसके पति मृत्‍यू को प्राप्‍त हो गये है। पति के मर जाने के बाद घर को चला पाना अपने बच्‍चे की शिक्षा पूरी कर पाना उसके लिये बहुत ही मुश्‍किल हो गया है।

अच्‍छे से जीवन जीना और बच्‍चे की ख्‍वाहिश पूरी करना तो दूर की बात है, महिला का अपने घर मे 2 वक्‍त का अनाज जुटा पाना भी मुश्‍किल हो रहा है। महिला ने बताया कि उसके 4 बच्‍चे है। इन 4 बच्‍चे के साथ वह रहती है।

पेट पालने के लिये महिला खींच रही है बैलगाडी

उसका खुद का घर नही है। उसने बताया कि वह बैलगाडी इसलिये खींच रही है, ता‍कि वह 2 वक्‍त की रोटी कमा सके। उसने बताया कि वह और उसके बच्‍चे पेट भरने (To Feed) के लिये मजदूरी का काम करते है।

वह कहती है कि पेट पालने के लिये ही वह इस बैलगाड़ी को खींच रही है। वैसे तो हमारे देश मे सरकार कई सारी योजनाये विधवा तथा बुजुर्गो के लिये लेकर आती है। लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि इस महिला को किसी भी तरह कि विधवा पेंशन तथा सरकार की किसी भी स्‍कीम का फायदा नही मिलता है।

जिससे यह साबित होता है कि भले ही सरकार की तरफ से कितनी भी योजनाएं शुरू कर दी जाये। लेकिन अभी भी जरूरतमंद बहुत सा ऐसा वर्ग है, जो इन योजनाओ का लाभ पाने मे काफी पीछे रह गया है। जिस पर सरकार को काम करने की आवश्‍यकता है। ताकि हर जरूरतमंत व्‍यक्‍ति लाभान्‍वित हो सके।

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