अब ट्रेनों में गार्ड नहीं होंगे, रेल को हरी झंडी दिखने के लिए रेल मंत्रालय का नया प्लान यह रहा

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Indian Railway Gaurd
Indian Railway File Photo.

Delhi: हमेशा ही रेल्‍वे विभाग (Indian Railway) कुछ ना कुछ परिवर्तन रेल्‍वे के नियमो मे करता रहता है। हम जानते है कि रेल में देश की करोड़ो की आबादी सफर करती है। हर रोज सफर करने वाले इसके लगभग सभी नियमों से परिचित रहते है। लेकिन कभी अचानक ही कुछ ऐसे नियम जारी हो जाते है, जिनके बारे में पेसेंजर को ज्‍यादा जानकारी नहीं होती है।

अभी हाल ही में रेल्‍वे विभाग ने एक और नया नियम जारी किया है। जिसके विषय में जानकारी रखना आपके लिये बहुत ही ज्‍यादा आवश्‍यक है। रेलवे में गार्ड होता है यह हमने देखा है। जोकि अलग अलग प्रकार के कार्य करते है। लेकिन अब से ट्रेन में गार्ड (Train Gaurd) देखने आपको नहीं मिलेंगे। आखिर ऐसा क्‍यों होगा आइये जानते है।

अब नही होगा ट्रेन में गार्ड

आप यह ना सोचे कि रेलवे में गार्ड का पद नहीं होगा। अगर ऐसा होगा तो ट्रेन को हरी झंडी (Green Flag Signal) कौन दिखायेगा, ट्रेन का मैनेजमेंट कौन देखेगा। दरअसल रेलवे ने जो गार्ड का पदनाम है, उसे चेंज करने का डिसिजन लिया है। दरअसल पहले जो गार्ड होते थे, उनके नाम को परिवर्तित करके ट्रेन मैनेजर नाम रखा जा रहा है।

Railway Train

ऐसा इसलिए किया जा रहा है, क्‍योंकि रेल्‍वे के कर्मचारियों ने काफी दिनों पहले ही एक विरोध दर्ज कराया था। उनका कहना था कि पुराने समय से यह गार्ड का जो पदनाम रखा गया है। उसे चेज करके टे्रन मैनेजर कर दिया जाये। इसलिये यह कदम रेल विभाग के द्वारा उठाया जा रहा है।

कर्मचारियों की थी मॉंग जिसे किया गया पूरा

इस संबंध मे रेल विभाग ने हर जोन के जो जीएम होते है, उन्‍हें सूचना लिखित में दे दिया है। जिसे तुरंत ही लागू कर देने के निर्देश भी दिये गये है। यह मांग वैसे तो काफी समय से कर्मचारियों की थी। जिसपर आज अमल किया गया है।

Railway Hand Held Terminal
Indian Railway Latest News Update.

रेल्‍वे विभाग ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर इसकी जानकारी दी। इस नाम को बदलने के लिये कर्मचारी 2004 से प्रयास कर रहे थे। पदनाम बदलने का कारण यह था कि गार्ड कि जो पोस्‍ट होती है। उसमें सिर्फ कर्मचारी सिग्नल देने का काम नहीं करता। बल्‍कि वह तो पूरी ट्रेन का मेनेजमेंट देखता है।

उसका काम सिर्फ टॉर्च या फिर झंडी दिखाना नही होता है। बल्‍कि वह एक ट्रेन मेनेजर की तरह कार्य करता है इसलिए इस पद का नाम बदलने की मॉंग कर्मचारियों द्वारा इतने सालों से की जा रही थी।

कार्य में नही होगा कोई परिवर्तन

हालांकि पदनाम बदल देने से ऐसा नही है कि गुड्स गार्ड का कार्य चेंज हो जायेगा। उनका काम वही रहेगा। बस नाम मे परिवर्तन होगा। एक गार्ड ट्रेन में सभी मुसाफिर के जरूरत का ध्‍यान रखता है। इसके साथ ही वह पार्सल का निष्‍पादन भी करता है।

Indian Railway
Indian Railway Train file photo

ट्रेन को देखना यात्री की सुरक्षा करना यह सब जिम्‍मेदारी रेल विभाग में गार्ड (Train Gaurd) को दी जाती है। उनके काम को देखते हुये रेल विभाग ने माना कि इस पदनाम को बदल देना चाहिए। हालांकि सिर्फ गुड्स गार्ड ही नहीं बल्‍कि ऐसे बहुत से पद है, जिनके नामों में परिवर्तन किया गया है।

जो नाम परिवर्तित किये गये है वह इस प्रकार है

असिस्‍टेंट गार्ड का पदनाम बदल कर असिस्‍टेंट पैसेंजर ट्रेन मैनेजर रखा गया है। वही गुड्स गार्ड का नाम बदलकर गुड्स ट्रेन मैनेजर रख दिया गया है। सीनियर गुड्स गार्ड को अब सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर पदनाम से जाना जायेगा। सीनियर पैसेंजर गार्ड को अब से सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर नाम से पुकारा जायेगा।

वही मेल एक्‍सप्रेस गार्ड का बदलकर मेल एक्‍सप्रेस ट्रेन मैनेजर रख दिया गया है। यह रेल विभाग द्वारा उठाया गया काफी अच्‍छा कदम है, क्‍योंकि गार्ड शब्‍द उनके कार्य के हिसाब से अलग था। यह शब्‍द उनके कार्य को अच्‍छे से प्रदर्शित करेगा।

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