एक माँ की हिम्मत देखिये, बच्चे को जन्म देने के डेढ़ घंटे बाद एंबुलेंस में बैठकर परीक्षा देकर मिसाल दी

0
2037
Women give exam
Women give exam after 1 hour of Delivery. An Indian Woman takes exams at ambulance a hour after giving birth.

Muzaffarpur: आज हम एक ऐसी महिला के बारे में जानकारी देने वाले हैं, जो अपने बच्चे के सुरक्षित भविष्य के लिए अपनी तकलीफो और परेशानियों को भी पीछे छोड़ दिया और बच्चे को जन्म देने के डेढ़ घंटे बाद परीक्षा देने के लिए पहुंच गई और वहां पर परीक्षा देने के लिए सभी स्टाफ से रिक्वेस्ट की जिसके फलस्वरूप सभी ने उसके स्वास्थ्य को देखते हुए एंबुलेंस में ही पेपर देने के लिए कहा।

मंजू कुमारी का पढ़ाई के प्रति जुनून

रंजू कुमारी (Ranju Kumari) अपने भविष्य और कैरियर के प्रति बहुत ही अधिक जागरूक महिला है। वह अपनी पढ़ाई को जारी रखते हुए एक बेहतर भविष्य की कामना अपने और अपने परिवार के लिए मन में संजोकर रखे हुए थी और वह इसी तारतम्य में b.Ed का एग्जाम दे रही थी, क्योंकि वह शादीशुदा थी और अपने सारे फर्ज को निभाते हुए अपनी पढ़ाई को जारी रखे हुए थी।

इसी बीच वह महिला गर्भवती (Pregnant) हो गई अपनी पढ़ाई को जारी रखा और जिस दिन उसको प्रसव पीड़ा हुई उसी दिन उसके b.Ed का चौथा पेपर होना था, इसलिए उसने बच्चे को जन्म देने की डेढ़ घंटे बाद अपना पेपर देने की इच्छा जाहिर की डॉक्टरों ने उसके हौसलों को समझा और उसके स्वास्थ्य की स्थिति को देखते हुए पेपर देने के लिए मना किया।

उसने सभी को अच्छे तरीके से समझाया और पेपर देने के लिए राजी किया। अपने बच्चे की बेहतर भविष्य और कैरियर के लिए इस महिला ने जो भी संघर्ष पूर्ण कार्य किया और अपने बुलंद हौसले को दिखाया। उससे आम जनता सुनकर हैरान हो गई और उसके हौसले को सलाम किया।

परीक्षा केंद्र एमडीडीएम कॉलेज मुजफ्फरपुर

रंजू कुमारी अपने बेहतर भविष्य के लिए b.Ed का एग्जाम दे रही थी और अपनी प्रेगनेंसी को जारी रखते हुए भी उसने अपनी पढ़ाई को नहीं छोड़ा और अचानक नवे महीने में शनिवार के दिन जब उसे प्रसव पीड़ा हुई, तो उनके परिवार वालों ने पास ही के लोकल हॉस्पिटल में उसे एडमिट करवाया और उसने प्रसव पीड़ा को झेलते हुए एक सुंदर बालक को जन्म दिया, चूंकि उसके एग्जाम (Exam) चल रहे थे।

जिस दिन उसका प्रसव हुआ, उसी दिन उसका b.Ed का चौथा पेपर होना था, जिसमें उसका परीक्षा केंद्र मुजफ्फरपुर के एमडीडीएम कॉलेज मैं था, जो निवास ग्रह से कुछ ही दूरी पर था। परंतु उसने बच्चे को जन्म देने के डेढ़ घंटे बाद पेपर देने की इच्छा जाहिर की, क्योंकि वह अपना वर्ष खराब नहीं करना चाहती थी।

मीडिया में आई खबरों के मुताबिक़, रंजू कुमारी से बातचीत के दौरान यह बात निकलकर सामने आई की वह अपने बच्चे के बेहतर पालन पोषण और उसके भविष्य के लिए यह कदम उठाना उसके लिए बेहद जरूरी था और आज वह बहुत ही खुश है और उसने अपना मंगलवार को b.Ed का पांचवा पेपर भी दे दिया, इस प्रकार उसकी परीक्षा कंप्लीट हो गई।

रंजू कुमारी का हौसला अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत

इस प्रकार आपने पूरी पोस्ट में यह महसूस किया होगा की रंजू कुमारी ने कितनी मेहनत और संघर्षों द्वारा अपने लक्ष्य को प्राप्त किया। उनका यह हौसला अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है।

यदि हम किसी भी लक्ष्य को मन में ठान ले और उसे पूरी लगन से पूरा करने का विचार बनाएं, तो हम कभी पीछे नहीं रह सकते सफलता और असफलता हमारी मेहनत और लगन पर ही निर्भर होती है।

आज रंजू कुमारी का बच्चे के जन्म के डेढ़ घंटे बाद b.Ed का पेपर देना और उसमें सफल होना अन्य लोगों के लिए प्रेरणा बन गया है, क्योंकि कोई भी आम महिला इस तरह का कदम उठाने में हिचकिचा जाती है। यह खबर कुछ साल पुरानी है, परन्तु अनेक लोगो के लिए प्रेरणादायक है। यह खबर मीडिया में साल 2016 में आई थी।

महिलाओं के जीवन में आते हैं कई सारे पढाव

जरूरी नहीं होता कि एक पुरुष ही हर चीजों में आगे हो। महिलाएं भी इस समाज का एक हिस्सा है और वह वर्तमान समय में पुरुषों से कई कदम आगे हैं। इसीलिए उन्हें भी हर चीज का मौका मिलना बेहद जरूरी है।

एक महिला की जीवन में एक समस्या सबसे मुख्य है वह है परिवार का सपोर्ट हर महिलाओं को अपने परिवार से सपोर्ट नहीं मिलता कुछ परिवार सोचते हैं कि लड़की है शादी करो और गंगा नहाओ, परंतु महिलाए किसी के सिर का बोझ नहीं होती, बल्कि अगर अपना नजरिया बदल कर देखा जाए, तो आज की बेटियां और प्राचीन काल की बेटियां भी अपने माता-पिता की बुढ़ापे का सहारा होती है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here