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Delhi: भारत सरकार के द्वारा भारत के नागरिकों के लिए एक विशिष्ट पहचान पत्र 28 जनवरी वर्ष 2009 को जारी किया गया। इस कार्ड पर 12 अंकों की संख्या दर्ज होती है, जो व्यक्ति की संपूर्ण जानकारी को रिप्रेजेंट करती है। आधार कार्ड एक व्यक्ति के अहम दस्तावेज में से एक है।
आधार कार्ड को 13 वर्ष पूर्व चालू किया गया था आज की स्थिति में आधार कार्ड छोटे-छोटे काम से लेकर बड़े-बड़े कामों में भी इस्तेमाल किया जाता है। आधार कार्ड की मुख्य बात यह है कि आधार कार्ड को बैंक के खाता नंबर से लिंक किया गया है, जिससे आधार कार्ड (Aadhar Card) कोई मामूली दस्तावेज नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के जीवन भर की पूंजी को एक कार्ड में एकत्रित करके रखने वाला दस्तावेज बन गया है।
बिना आधार कार्ड के व्यक्ति के बड़े से बड़े और छोटे से छोटे काम भी रुक जाते हैं। जैसा कि हमने आपको बताया कि आधार कार्ड एक जरूरी दस्तावेज है, जो बैंक खाते की जानकारी जैसी बड़ी जानकारी रखता है।
ऐसे में व्यक्ति के साथ साइबर क्राइम से संबंधित कई सारे फ्रॉड होने की संभावना बढ़ जाती है। इसीलिए आधार कार्ड को सिक्योर करना अति आवश्यक है। आप अपने आधार को सिक्योर करके साइबर क्राइम की आए दिन होने वाली घटनाओं से बच सकते हैं। लोग आपके आधार कार्ड का गलत तरीके से प्रयोग नहीं करेंगे।
अपनी बायोमैट्रिक्स जानकारी को करें लॉक
आधार कार्ड में एक व्यक्ति की पर्सनल जानकारी भी शामिल होती हैं, इसीलिए सभी व्यक्तियों को अपने आधार कार्ड में दर्ज पर्सनल जानकारियों को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान देना होता है। आज के समय में क्राइम का एक नया रूप आ गया है। लोग रास्ते पर चलकर छीना झपटी करके चोरी और डकैती करके काम नहीं करते बल्कि टेक्निक्स का उपयोग करके क्राइम को अंजाम देते हैं।
इन सब में मुख्य भूमिका बैंक फ्रॉड से संबंधित होता है। और हम इस बात से बहुत अच्छी तरह वाकिफ हैं कि आधार कार्ड हमारे बैंक खाते से लिंक होता है इसीलिए हमें फ्रॉड से बचने के लिए अपने आधार को बहुत ही ज्यादा सुरक्षित रखना होता। यूआईडीएआई एजेंसी के द्वारा आधार कार्ड की संपूर्ण जानकारी को एकत्रित कर आधार कार्ड जारी किया जाता है।
यूआईडीएआई एजेंसी के माध्यम से हम अपने आधार कार्ड को भी सुरक्षित कर सकते हैं, जिसमें हमारी संपूर्ण पर्सनल जानकारी लॉक हो जाती है और किसी अन्य व्यक्तियों तक आसानी से नहीं पहुंचती इस सुविधा का एक खास बात यह भी है कि आप जब चाहे तब अपनी जानकारी को अनलॉक भी करा सकते हैं। जब आपको जरूरत पड़े तो आप इसे काफी आसानी से अनलॉक कर सकते हैं।
फ्रॉड के बढ़ते मामलों को ध्यान रखकर दी गई है सुविधा
आपको जानकर हैरानी होगी कि व्यक्ति घर बैठे बैठे ही तबाह हो सकता है। क्योंकि फ्रॉड अपने गुप्त जगह पर बैठे-बैठे ही कई व्यक्तियों के साथ फ्रॉड कर लेता है इसका कारण यह है कि समय बदल रहा है। व्यक्ति आधुनिक चीजों को अपना रहे हैं। व्यक्तियों का लेनदेन आधुनिक माध्यम से हो रहा है, इसमें व्यक्तियों को सुविधा तो मिल रही है, परंतु उनके साथ आए दिन फ्रॉड भी हो रहा है।
पिछले 13 वर्षों में आधार कार्ड एक जरूरी दस्तावेज बन गया है इसी लिए क्राइम की दुनिया के लोगो ने भी आधार कार्ड के माध्यम से व्यक्ति के साथ क्राइम करने का रास्ता खोज लिया है। हर छोटे-बड़े कामों में आधार कार्ड के वेरिफिकेशन की जरूरत होती है। इसी दौरान आधार कार्ड के बायोमैट्रिक्स ऑथेंटिकेशन का गलत तरीके से प्रयोग होने की संभावना बढ़ जाती है।
इस प्रकार कर सकते हैं बायोमेट्रिक डाटा लॉक
यदि आप ऑनलाइन घर बैठे बैठे अपने आधार कार्ड के बायोमैट्रिक्स डाटा को लॉक करना चाहते हैं तो इन चरणों का इस्तेमाल कर सकते हैं आधार कार्ड को लॉक करने के लिए सबसे पहले आधार कार्ड की मुख्य वेबसाइट यूआइडीएआइ को सर्च इंजन पर सर्च करें।
इसके बाद आपकी स्क्रीन पर आधार साइट का होम पेज ओपन होगा उसमें से आपको माय आधार ऑप्शन को क्लिक करना है क्लिक करते ही आपके सामने आधार सेवा पर लॉक अनलॉक बायोमैट्रिक विकल्प खुलेगा आपको उस पर क्लिक करना है।
इसके बाद एक नया पेज ओपन होगा, जिस पर बॉक्स बने होंगे बॉक्स को नीचे करके आपको लॉक अनलॉक बायोमैट्रिक विकल्प दिखेगा आप उस पर क्लिक करें। इसके बाद आपको आपकी स्क्रीन पर शो हो रहे बॉक्सेस में आधार कार्ड का नंबर और स्क्रीन पर लिखा हुआ कैप्चर टाइप करना है।
सबमिट करते ही आधार में रजिस्टर्ड नंबर पर ओटीपी (OTP) आएगा। इसके बाद आपको ओटीपी डालना है और इनेबल लॉकिंग फीचर पर क्लिक करना है। इतना करने के बाद आपका आधार की बायोमैट्रिक्स जानकारी लॉक हो जाएंगी इससे आपका आधार सुरक्षित होगा।
आधार कार्ड की जानकारी हो जाएगी लॉक
आप के इतना करने पर आपका आधार पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है कोई भी फ्रॉड इसका गलत इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। आप जब भी चाहे तब आधार कार्ड की जानकारी को अनलॉक कराकर उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।



