राजस्थान की यह बेटी 21 साल की उम्र में जज साहब बन गई, इस सफलता की कहानी प्रेरणादाई है

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Vaidani Singh Judge
Jodhpurs daughter Vaidani Singh became Judge. Vaidani Singh Became a Judge at the age of 21 only. Its very Inspiring story.

Jodhpur: वैसे तो हर युवा चाहता है कि वह अपनी जिंदगी में एक सफल व्यक्ति बने 3 साल की उम्र से लेकर 25 साल की उम्र तक व्यक्ति पढ़ाई करता है और अपना भविष्य निर्धारित करता है 25 साल की उम्र तक व्यक्ति की केवल पढ़ाई ही चलती है।

उसके बाद ही वह जान पाता है कि आगे उसे जॉब करनी है या फिर व्यापार करना है। परंतु कुछ बच्चे ऐसे भी होते हैं, जो समय से पहले ही सफल हो जाते हैं और एक अच्छा खासा मुकाम हासिल कर लेते हैं।

इन्हीं में से एक है, वेदानी सिंह (Vaidani Singh) जिसने अपनी सूझबूझ और समझ के साथ मात्र 21 वर्ष की उम्र में जज (Judge) बन के अन्य युवाओं को प्रेरित किया है। वेदानी सिंह राजस्थान की शेरनी है। वैदानी बचपन से ही काफी होशियार और पढ़ाई के प्रति लगन सार रही हैं।

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उन्होंने काफी पहले ही अपना गोल निश्चित कर लिया था और उस पर कार्य करती रहे। उन्होंने अपनी सफलता की कहानी उनके जैसे कई नौजवान युवाओं को प्रेरित करने के लिए हमारे साथ शेयर की तो आइए जाने वेदानि सिंह की सफलता की कहानी।

वैदानी सिंह का परिचय

राजस्थान (Rajasthan) राज्य के जोधपुर (Jodhpur) की निवासी वैदानी सिंह काफी सुलझी हुई बेटी है। और उनका ननिहाल राजस्थान के हैं नागौर जिले के कुचामन सिटी में है। आपको बता दें वेदानी सिंह काफी कम उम्र की पहली महिला जज है जिन्होंने अपने पहले ही अटेंप में सफलता प्राप्त कर ली।

वे बताती हैं कि इस क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना उनका आज का नहीं बल्कि बचपन का सपना था इसीलिए वह आज बेहद खुश हैं अपनी इस सफलता से। उन्होंने अपनी सफलता के बारे में एक इंटरव्यू में संपूर्ण जानकारी दी जब वे जज बन कर पहली बार अपने नाना नानी के घर याने नागौर पहुंची।

वेदानी सिंह का एजुकेशन

सबसे पहले इंटरव्यू में वेदानी ने अपने एजुकेशन के बारे में बताएं और उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पढ़ाई का किस्सा काफी दिलचस्प है। क्योंकि विदानी एक काफी टैलेंटेड लड़की है, इसलिए उन्होंने मैथ साइंस सब्जेक्ट से अपने 12 वी की पढ़ाई पूरी की।

इसके बाद उन्होंने बिहार के पटना शहर से लॉ की पढ़ाई की। यह सब्जेक्ट दोनों ही काफी डिफरेंट है मैथ साइंस एक ऐसा सब्जेक्ट है जिसमें फार्मूला पर काम होता है और लो पूरी तरह थ्योरी बेस्ड था। उसके बाद भी वेदानी ने सत प्रतिशत से अपनी डिग्री पूरी की और अपने लक्ष्य याने जज बनने के सपने की तरफ बढ़ गई।

मेहनत और माता पिता के साथ से मिली सफलता

वेदानी ने कहा कि मेहनत सफलता की सीढ़ी है। आगे भी कहती हैं कि आज उन्होंने जो मुकाम हासिल किया उस सब के हकदार उनके माता पिता और उसके दादाजी हैं आज उनकी बदौलत ही वह अपने सपने को पूरा कर सकी।

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा खूब तरक्की करें और आगे बढ़े ऐसा ही कुछ वेदानी के माता-पिता की सोच थी वे चाहते थे कि उनकी बेटी अपने सपने को बिना किसी रूकावट के पूरा करें इसलिए उन्होंने उसे हर कदम पर सपोर्ट किया। आज उनकी ही मेहनत का फल है, जो वेदानी एक जज बनकर उनके सामने आए और माता पिता के साथ पूरे राजस्थान का नाम रोशन किया।

सबसे कम उम्र की महिला जज हैं वेदानी

वेदानी सिंह की सफलता कोई आम सफलता नहीं है बल्कि उन्होंने अपनी सफलता से राजस्थान में एक नया रिकॉर्ड दर्ज किया है। आपको जानकर खुशी होगी कि बेदानी अपने जिले की पहली ऐसी महिला हैं, जिन्होंने इतनी कम उम्र में महज 21 वर्ष की उम्र में जज बनी।

उनकी सफलता ने चारों तरफ खुशियां ही खुशियां बिखेर रखी है, उनका परिवार और उनका ननिहाल उनकी सफलता का जश्न मना रहा है। पहली बार जब वेदानी अपने ननिहाल पहुंची तो उनके नाना नानी और सब लोगों ने मिलकर उन्हें उनकी सफलता पर शुभकामनाएं दी और काफी अच्छे से स्वागत भी किया।

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