कानपूर के बढ़ई ने 8 महीनों की मेहनत से लकड़ी से हनुमान चालीसा तैयार किया, PM मोदी भी कायल हुये

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Sandeep Soni Art
Sandeep Soni, a carpenter in Kanpur, has sculpted 3 couplets and 40 shlokas of Hanuman Chalisa on a wooden board using scrap.

Kanpur: दुनिया में एक से बढ़कर एक लोग हैं जिसके अंदर कला कूट-कूट कर भरी हुई है। आज का समय कला का है यदि आपके अंदर कला है, तो आप किसी के आगे नहीं झुक सकते। हर चीज में हुनर की जरूरत होती है। अब वह समय नहीं कि इंसान दिन रात कठिन परिश्रम करके मात्र अपने जीवन को चलाने जितना पैसा कमा सके।

आज का समय स्मार्ट वर्क का है व्यक्ति कम मेहनत और दिमाग के इस्तेमाल के साथ अपने अंदर की कला को पहचान कर कार्य करता है, तो लाखों रुपए वह काफी आसानी से कमा लेता है। व्यक्ति का टैलेंट ही उसकी पहचान होती है। आज देखा जाए तो हर क्षेत्र में व्यक्ति का टैलेंट दिखाई दे रहा है। टीवी पर आने वाले रियलिटी शो लोगों की कला को और निखारते है।

व्यक्ति चाहे तो कुछ भी कर सकता है। आज की पोस्ट में हम एक ऐसे व्यक्ति की बात करेंगे, जिसने अपने हाथों की कला को एक लकड़ी के बोर्ड पर दिखाया। उनकी इस कला में उन्हें दौलत के साथ-साथ ढेर सारी शोहरत भी दी तो आइए जानते है उस व्यक्ति के बारे में विस्तार से।

कौन है वह व्यक्ति

देश के उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) राज्य के कानपुर (Kanpur) जिले के निवासी संदीप सोनी (Sandeep Soni) अपनी कला से जाने जाते है। संदीप सोनी एक बढ़ई का काम करते हैं। वैसे तो लकड़ी के फर्नीचर और तरह-तरह की चीज हर वो व्यक्ति बनाता है, जो इस काम को जनता है। परंतु संदीप सोनी ने इस काम में कुछ अलग ही महारत हासिल की हुई।

उनकी इस कला ने देश के बड़े-बड़े व्यक्तियों को भी अपना अनुयायी बनाया हुआ है। आपको बता दें संदीप सोनी अपनी कला के माध्यम से ना केवल पैसा कमाते हैं, बल्कि उन्होंने देश में अपना अच्छा खासा नाम भी बनाया हुआ है।

संदीप सोनी अपनी बढ़ई की कला को रिप्रेजेंट करते हुए लकड़ी पर हनुमान चालीसा और हिंदू ग्रंथ भगवत गीता जैसी चीजों को अपने हाथों की कला से लकड़ी पर लिखते है। उन्होंने पिछले 8 महीनों में हनुमान चालीसा को एक लकड़ी के बोर्ड पर लिखा और वह चाहते हैं कि वह अपने शुभ हाथों से इस हनुमान चालीसा (Sandeep Soni) को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उपहार स्वरूप भेंट करें।

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को श्रीमद्भागवत गीता दी थी उपहार में

संदीप सोनी के द्वारा लकड़ी के गद्दे पर स्क्रैप की सहायता से संपूर्ण हनुमान चालीसा लिखी गई जोकि काफी समय लेने वाला काम है। इसके पहले भी संदीप सोनी ने श्रीमंत भागवत गीता भी इन्हीं लकड़ी के गत्ते पर स्क्रैप से लिखी है।

संदीप सोनी बढ़ई के द्वारा लिखी गई श्रीमद्भागवत गीता (Bhagavad Gita) का वजन करीब 42 किलो है और इसमें 37 लकड़ी के कार्डबोर्ड का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें स्क्रैप से 18 अध्याय और 706 श्लोक लिखे गए हैं। इस श्रीमद् भागवत कथा को इस कलाकार बढ़ाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट की। PM नरेंद्र मोदी ने इनके कला को जानकर उनसे स्वयं मिलने के लिए आमंत्रित किया।

संदीप सोनी अपनी कला से सभी राजनेताओं को खुश कर रहे हैं इसके साथ ही संदीप ने हमारे पूर्व राष्ट्रपति श्रीमान रामनाथ कोविंद को भी कुछ इसी तरह हिंदू ग्रंथ लिख कर दिए। संदीप ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी को राम रक्षा स्तोत्र लकड़ी पर लिख कर तोहफा दिया। इस कलाकार (Artist) से पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद जी ने काफी उत्साह और प्रेम जताया।

8 महीने जितना लंबा समय लगा

उत्तर प्रदेश के इस बढ़ाई ने अपनी कला से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को श्रीमंत भागवत गीता, हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति श्रीमान रामनाथ गोविंद जी को राम रक्षा स्त्रोत और अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्रीमान योगी आदित्यनाथ जी को हनुमान चालीसा आदि ग्रंथ लकड़ी के गत्ते का इस्तेमाल करके बनाया और उन्हें उपहार में दिया।

उन्होंने अपनी हनुमान चालीसा में 40 श्लोक और तीन दोहो को शामिल किया है। इस काम के लिए उन्होंने अपने 8 महीने दिए। संदीप सोनी आगे भी अपनी कला का प्रदर्शन इसी प्रकार करते रहेंगे, वे अपनी कला से अपना नाम बनाना चाहते हैं।

संदीप ने मीडिया के सामने मोदी जी से मिलने की इच्छा जताई

Social Media इस वक्त का सबसे सक्रिय हथियार है, छोटे से छोटे खबर वायरल होने में समय नहीं लगता। संदीप की खबर भी कुछ इसी तरह वायरल हुई, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने बनाए इस हनुमान चालीसा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही।

इस खबर को वायरल होने में ज्यादा समय नहीं लगा और बहुत जल्दी ये खबर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भी पहुंची, जब उन्होंने देखा तो संदीप से मिलने की बात कही कुछ ही दिनों बाद संदीप सोनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले और उन्हें अपने द्वारा निर्मित हिंदू धर्म ग्रंथ प्रधान मंत्री जी को सौंपा।

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