बिहार के यह टीचर फीस के रूप में केवल 1 रुपया लेते हैं, 545 छात्रों को इंजीनियर बना चुके हैं

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RK Sir Bihar
Bihar Teacher RK Sir charge only 1 Rupee for teaching students. He made Engineers to 545 students.

Patna: गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरा, गुरुर साक्षात परम ब्रम्ह तस्मै श्री गुरुवे नमः। अर्थात गुरु का दर्जा हमारे देश में सबसे ऊपर माना गया है। एक व्यक्ति के जीवन में उसका पहला गुरु उसकी मां होती है, जो उसे चलना और बोलना सिखाती है और दूसरा गुरु उसका शिक्षक होता है, जो उसे उसका जीवन का रास्ता दिखाता है हमारे देश में गुरु का स्थान पूजनीय है।

एक व्यक्ति के जीवन में उसकी सफलता के पीछे किसी ना किसी व्यक्ति का हाथ होता है, जिसे वे गुरु नाम देते हैं। गुरु व्यक्ति के सफलता के पथ के लिए उसे सही मार्ग प्रदर्शित करता है। गुरु और शिष्य की जोड़ी में गुरु द्रोणाचार्य और दानवीर कर्ण की जोड़ी सर्वोपरि है।

आज के समय में शिक्षा व्यवसाय बन गया है परंतु एक शिक्षक के मन में हमेशा से अपने छात्र के प्रति करुणा की भावना होती है। शिक्षक हमेशा अपने छात्रों को सफल देखना चाहते हैं और उनके अच्छी सफलता ही उनके लिए गुरु दक्षिणा के समान होती है। देश में ऐसे कई उदाहरण देखे हैं जिन्होंने एक गुरु का फर्ज काफी अच्छी तरह निभाया और एक मिसाल पेश की आज की कहानी भी कुछ इसी प्रकार है तो आइए जानते हैं।

बिहार के आर के सर की कहानी

हमारे देश में कई ऐसे शिक्षक हैं जो अपने कर्मों से पहचाने जाते हैं। ये शिक्षक हमेशा छात्रों के बीच एक मिसाल बन के आए हैं। इन्हीं में बिहार राज्य के आर के सर भी शामिल है। तो आइए जानते हैं आरके सर के बारे में आरके सर बिहार राज्य के निवासी हैं और ये सर बिहार में काफी फेमस है।

बिहार के साथ-साथ भारत में भी इनका नाम चलता है इनका फेमस होने का कारण है कि वे अपने शिष्यों को शिक्षा देते हैं परंतु गुरु दक्षिणा के रूप में केवल 1 Ru लेते हैं। आरके सर अपने छात्रों से फीस के रूप में कोई मोटी रकम नहीं वसूलते इनकी यह एक खासियत है।

शिक्षक बनने की थी ख्वाहिश

बिहार राज्य के आर के सर (RK Sir) शुरू से ही एक शिक्षक (Teacher) बनने की ख्वाहिश रखते थे। वह मैथ्स के काफी अच्छे ज्ञाता है और वह अपने गांव में ही बच्चों को ट्यूशन देते हैं उन बच्चों को ट्यूशन देते हैं जो बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज और मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने की ख्वाहिश रखते हैं। परंतु वह मोटी फीस देने के लिए सक्षम नहीं है।

आरके सर ने अभी तक ऐसे कई बच्चों को पढ़ाया है और उन्हें अच्छा डॉक्टर और इंजीनियर बनने में भी मदद किया है, लेकिन इनकी एक खासियत है, जो औरों से इन्हें प्रथक करती है, आरके सर अपने छात्रों से केवल 1 Ru फीस लेते हैं और अच्छे से अच्छे शिक्षा देते हैं। यही कारण है कि आज आर के सर पूरे भारत में प्रसिद्ध हो रहे।

गरीब बच्चों के लिए शुरू की थी संस्था

आपको जानकर खुशी होगी कि आरके सर केवल गरीब बच्चों के लिए काम करना चाहते थे। परंतु वक्त बीतता गया और उन्होंने गरीबों और अमीरों की दीवार तोड़ दी और सभी बच्चों को एक सा समझ के शिक्षित करने लगे वह सभी बच्चों से मात्र 1 रुपया लेते हैं।

एक रिपोर्ट के अनुसार पता चला है कि आर के सर की कोचिंग क्लास में केवल बिहार ही नहीं, बल्कि भारत के अन्य राज्यों से भी बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते हैं। सभी बच्चे उन्हें अपना आदर्श मानते हैं और उनका मानना है कि आर के सर के द्वारा पढ़ाया गया पाठ उनके जहन में काफी जल्दी और अच्छी तरह समझ आता है, क्योंकि सर का पढ़ाने का अंदाज काफी अलग है।

545 बच्चे सर के साथ पढ़कर बने इंजीनियर

आपको बता दें आर के सर से शिक्षित 545 बच्चे इंजीनियर बने हैं बे बच्चे उनके ही गांव और बिहार के आसपास के गांव के बच्चे हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने खुशी से बताया कि उनके इंस्टिट्यूट में 545 बच्चे ऐसे हैं जो देश के बड़े-बड़े इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला ले चुके हैं।

आरके सर ने अपने इंटरव्यू के दौरान बताया कि बच्चों से वह 1 Ru तब लेते हैं, जब भी किसी बड़े कॉलेज में दाखिला ले लेते हैं। देश में प्रसिद्ध होने वाले आरके सर छात्रों के भी काफी फेवरेट टीचर है। गुरु की महिमा अद्भुत होती है इस बात को साबित किया आर के सर ने।

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