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Indore: हम सब कभी ना कभी तो बीमार होते ही है, कभी हमे बुखार आता है, तो कभी कोई बडी बीमारी घेर लेती हैं। जिससे हमें कई बार डाक्टर के चक्कर लगाना पड़ता है और कई प्रकार की दवा खानी पड़ती है, ताकि हम जल्दी ठीक हो जाए।
डॉक्टर की सलाह से लेनी चाहिए दवाईया
कोई इन्सान जब भी बीमार पड़ता है। तो उसे दवा की आवश्यकता तो पड़ती ही है। जब कोई भी व्यक्ति डाक्टर के पास जाते हैं, तो डाक्टर उन्हें कोई ना कोई दवाइयाँ लिख कर देते हैं। उस दवाई को लोग मेडिकल मे जाकर खरीद लेते हैं।
कभी-कभी तो ऎसा भी होता है कि हमे कुछ साधारण सा बुखार लगता है और हम मेडिकल मे जाकर स्वयं ही अंदाजे से या किसी व्यक्ति के कहने पर ही दवाई ख़रीद लेते है। कई बार हमे दवाइयों के बारे में कुछ नालेज नहीं होता है और हम गलत दवाई खा लेते है। गलत दवाई लेने पर हमे साईड इफेक्ट होता है। जिससे हमे भारी दिक्कत उठानी पड़ती है।
क्या होता है लाल धारी का मतलब
दवाई के पैकेट पर बहुत से अलग अलग निशान छपे होते हैं। इन अलग अलग कई निशानों का मतलब क्या होता है। हमारा इस बात पर कभी ध्यान ही नहीं जाता। अगर आप कभी बीमार हुए हो और दवाई खरीदी हो तो आपको जो मेडीसीन के पैकेट या पत्ते मिलते हैं।
उन पर लाल धारियां या लाल कलर की लाइन (Medicine Strip Red Line) बनी हुई रहती है। यह अक्सर अपने भी देखा ही होगा। आख़िर बनी लाल लाइनों का क्या मतलब है। क्यों बनी होती है यह लाइन। आज हम इस पोस्ट के जरिए आपको इसकी जानकारी देगे।
डाक्टर की सलाह के बिना दवाई लेने से पड़ता है बुरा असर
आजकल के लोग अपने कामों में इतने बिज़ी हों गए हैं कि उन्हे कुछ सुध ही नहीं होती कि वह क्या करे। उनकी सबसे बुरी आदत यह हो गई कि उन्हे अपने कामों के बीच थोड़ी सी भी थकावट हो या परेशानी हो तो अपनी मर्जी से ही कोई एंटीबायोटिक या दवाइयां ले लेते हैं।
Medicines with the Red Line on their strips should be consumed only with the doctor's prescription. pic.twitter.com/5J2Tu2jDBB
— Ministry of Health (@MoHFW_INDIA) April 18, 2016
उन्हे लगता है अगर डाक्टर के पास भी जाए। तो वह भी तो यही दवाई लिखकर देगे और हमें यही लेना पड़ेगा। लेकिन ऐसा नहीं होता है कभी कभी अपनी मर्ज़ी से ही दवाई (Medicine) लेने पर हमें इसका बुरा असर दिखाई देता है। इससे हमको अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है और वो दवा जो डाक्टर के सलाह के बिना ली जाती हैं। उसका बहुत बुरा असर होता है।
पैकेटों पर लाल धारिया क्यों बनी होती है
इससे यह स्पष्ट होता है की हमें जब भी साधारण सा भी बुखार आता है। तब डाक्टर के परमिशन के बिना कोई भी दवाई खाना सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है। डाक्टर की सलाह या परमिशन के लिए ही कुछ दवाइयों के पैकेट या पत्तो पर लाल Colour के निशान (धारियां) होती हैं। आपको बता दे कुछ पैकेट और पते पर लाल लाइन व लाल धारिया इसलिए बनाई जाती हैं, ताकि डाक्टर के सलाह के बिना आप उस दवा को नहीं खाए।
स्वयं ही नहीं बने अपने डाक्टर
आजकल लोग गूगल की सहायता से ही सब कुछ सर्च कर लेते हैं। यहां तक कि अपनी दवाई को भी सर्च करके या किसी की सलाह पर ले लेते है। पर उन्हे इन दवाओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रहती है। जिससे ऐसी दवा लेने से उनकी सेहत पर बहुत हानिकारक प्रभाव होता है।
@MoHFW_INDIA @PIB_India better is if they aren't allowed to be SOLD without a prescription! pic.twitter.com/253vJXYS2i
— Germandia (@Germandia) April 18, 2016
आपकी हालत सुधरने के बजाय बिगड़ने लगती है। इसलिए अच्छा है कि आप अपना स्वयं का इलाज न करके डॉकटर की अच्छी सलाह ले। क्योंकि दवाइयों की सारी सही जानकारी एक डाक्टर को ही होती हैं।



