जिसे बचपन में रोटी तक मिलना मुश्किल था, उसने बड़ा व्यवसाई बनके अरबों की कंपनी खड़ी कर दी

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King Mahendra
Aristo Pharma Company Owner Mahendra Prasad Success Story. King Mahendra struggle journey who became big businessman and politician.

Jehanabad: बिहार के एक व्‍यक्‍ति जिनको बचपन में रोटी तक बड़ी मुश्‍किल से नसीब होती थी। आज वह अरबो कि कंपनी और संपत्ति पीछे छोड़कर इस दुनिया से चले गये। आज उनके पास 3000 करोड़ कि अचल और 4000 करोड़ कि चल संपत्ति है। कैसे एक साधारण व्‍यक्‍ति ने इतनी संपत्‍त‍ि बनाई।

आज हम बात कर रहें है अरिस्‍टो फार्मा कंपनी (Aristo Pharma Company) के मालिक की। जिनका नाम किंग महेन्‍द्र (Mahendra Prasad) है। एक सफल बिजनेस मेन और रा‍जनीतिज्ञ किंग महेन्‍द्र का बचपन बहुत ही गरीबी में बीता। सारा जीवन उन्हें संघर्ष करना पड़ा।

उनका जन्‍म 1940 को जहानाबाद (Jehanabad) जिले में स्थित छोटे गॉंव गोविंद गंज मे हुआ था। उन्‍होनें बिहार की ही राजधानी पटना से अपना स्‍नातक किया था। उन्‍होंने अर्थशास्‍त्र मे स्‍नातक किया। इसे करने के बाद उन्‍होंने थोड़े समय तक नौकरी भी कि थी।

महेंद्र ने शुरू कि अरिस्‍टो फार्मा कंपनी

महेन्‍द्र के पिताजी एक छोटे आम किसान थे। उनका नाम वासुदेव सिंह था। महेन्‍द्र की बचपन कि स्थिति बेहद ही खराब थी। उनके घर कि स्थिति इतनी खराब थी कि कभी कभी तो उनके घर में खाना तक नही होता था।

अपनी शिक्षा ग्रहण करने के बाद किंग महेन्‍द्र ने कुछ समय तक एक फार्मा कंपनी (Pharma Company) में शहर मुंबई में जॉब की थी। फिर उन्‍होंनें इस कंपनी कि जॉब छोड़कर अरिस्‍टो फार्मा नाम से एक कंपनी कि शुरूआत कर दी।

अपनी मेहनत से 7000 करोड़ कि संपत्ति बनाई

इसके बाद किंग महेन्‍द्र के जीवन ने ऐसी करवट ली कि वह एक अरबपति बन (Became Billionaire) गये। उन्‍होंने अरिस्‍टो फार्मा नाम से कंपनी शुरू कि। इस कंपनी को शुरू करने के बाद किंग महेन्‍द्र कभी भी पीछे नहीं मुड़े।

आज उनके पास संपत्‍त‍ि कि बाद करें तो 4000 करोड़ कि चल तथा 3000 करोड़ कि अचल संपत्ति है। जोकि वह अपने परिवार के लिये छोड़कर जा चुके है। किंग महेन्‍द्र जी का करोबार सिर्फ इंडिया में ही नहीं विदेश मे भी फैला है। हालांकि उनकी संपत्ति के कई विवाद काफी थे। जिनके मामले अब खतम हो चुके है।

बिजनेस के साथ साथ राजनीति में भी सक्रिय थे

महेन्‍द्र राजनीति से भी जुड़े हुये थे। उन्‍होंने कंपनी शुरू करने के बाद राजनीति में कदम रखा। 1980 में उन्‍होंने जहानाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा। जहॉं से वह सांसद चुने गये। उन्‍होंने कांग्रेस कि और से टिकट ली थी। जिसमें वह विजयी हुये। फिर इसके बाद वह 1985 में राज्‍यसभा से सदस्‍य बने। किंग महेंद्र अपने जीवन में कांग्रेस, जेडीयू और आरजेडी जैसी मशहूर पार्टियों से चुनाव लड़े थे।

दिसबंर 2021 में दुनिया को कहा अ‍लविदा

हालांकि किंग महेन्‍द्र अब इस दुनिया में नही है। पर उनकी याद और उनकी बनाई संपत्ति उनके परिवार के लिये सहारा बनी हुई है। उनकी मृत्‍यू दिसंबर 2021 में हो गई। अपनी मृत्‍यू के बाद किंग महेन्‍द्र अपनी 7000 करोड़ कि संपत्ति छोड़कर चले गये। आपको बता दे कि किंग महेन्‍द्र जी ने सिर्फ अरिस्‍टो ही नही बल्‍कि मैप्रा नाम से भी एक कंपनी शुरू कि थी।

हथियारो का था शौक, अमीर सांसदों में थे शुमार

उनके शौक कि बात करें तो किंग महेन्‍द्र को हथियारों का बहुत शौक था। उनके पास राइफल, रिवाल्‍वर इत्‍यादि कई हथियार थे। जब राज्यसभा में वह बिहार से प्रतिनिधि चुनकर आये थे। तब वह सबसे अमीर सांसदों में शुमार थे। उनकी कंपनी अरिस्‍टो फार्मा टॉप टेन देश कि कंपनियों में शामिल है।

कई दूसरे देशो में भी फैला है कारोबार

महेन्‍द्र जी का करोबार सिर्फ इंडिया मे नही बल्‍कि अफ्रीका, वियतनाम, म्‍यानमार, श्रीलंका तथा कई यूरोपीय देश में भी फैला है। वह बिहार राज्‍य के सबसे मशहूर और अमीर व्‍यक्‍तियों में गिने जाते थे। उन्‍होंने मुंबई आकर कई साल मेहनत कि तब जाकर वह अरबो कि संपत्ति बना पाये।

वह बेरोजगारी से परेशान होकर और अपने परिवार कि खस्‍ता हालत देखकर ही मुंबई भागकर आये थे। यहॉं आने के बाद उन्‍होंने मेहनत की। तब जाकर वह अरबो कि संपत्ति बनाने में कामयाब हो पाये।

बिहार के होनहार व्‍यक्‍ति किंग महेन्‍द्र (King Mahendra) कि गिनती देश भारत के सबसे रईस सांसदो में हुआ करती थी। दुखद बात यह है कि आज वह इतनी सफलता हासिल करने के बाद इस दुनिया में नही है।

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