बिहार की बेटी कुछ इस तरह भाभा परमाणु अनुसंधान में विकिरण सुरक्षा अधिकारी के लिए चुनी गई

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Monika Bhabha
Bihar daughter selected for Bhabha Radiation Safety Officer in atomic research. Daughter of Bihar Monika struggle and success story.

Mumbai: आज के समय में लड़का लडकी एक समान का नारा दिया जाता है। लडकीयां हर फील्ड मे अपना नाम आगे बढ़ा रही है। बिहार (Bihar) में रहने वाली मोनिका (Monika) ने एक बार फिर लड़कियों की काबलियत को साबित किया है। बिहार की इस बेटी ने, ना केवल बिहार की लड़कियों का बल्कि हर उन लड़कियों का मार्गदर्शन किया है जो इस फील्ड में आगे जाना चाहती है।

आइए जानते है किस फील्ड में सफलता मिली है मोनिका को

भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (Bhabha Atomic Research Centre) जो की मुंबई (Mumbai) में स्थित है, इस केंद्र में मोनिका को नाभिकीय औषधि, विक्रम सुरक्षा अधिकारी के रूप में चुना गया है। मोनिका को इस कामयाबी के लिए सभी बिहार में लोग बधाई दे रहे है। बिहार की इस होसियार बेटी ने अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि पूरे बिहार के लोगो का नाम रौशन कर दिया है। जिससे देश का नाम भी रोशन हो रहा है।

बिहार के माधोपुरा ग्राम से मुम्बई तक का मोनिका का सफर

पढ़ाई में हमेशा अव्वल नंबर से पास होने वाली इस लडकी ने साइंस सब्जेक्ट से 12th की पढ़ाई की। इन्होंने साइंस सब्जेक्ट इसलिए लिया क्युकि इनके पिताजी एक डॉक्टर है, ओर मोनिका अपने पापा के कहने पर इस फील्ड मे आगे बढ़ गई।

मेडिकल फील्ड कभी भी मोनिका का सपना नही था। वो तो शुरू से ही साइंटिस्ट बनना चाहती थीं। 12th की पढाई मोनिका ने साइंस स्ट्रीम स्कूल से पास की। उसके बाद संत स्टीफेंस कॉलेज दिल्ली से फिजिक्स ऑनर्स सब्जेक्ट से स्नातक (Graduation) की पढाई 2019 में पूरा किया।

न्यूक्लियर मेडिसिन की आगे की पढाई टाटा मेमोरियल अस्पताल से पूरी की। मोनिका ने पापा की बात मानकर मेडिकल फील्ड की पढाई के साथ साथ अपने वैज्ञानिक बनने की इच्छा को भी जाग्रत रखा और उसकी भी तैयारी करती रही।

डॉक्टरेट की डिग्री हासिल कर करना चाहती है कैंसर रोगियों का इलाज

कड़ी मेहनत के बाद आखिर कार अपने सपने को पूरा किया, और भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र मे नाभिकीय मेडिसन में सुरक्षा अधिकारी (Bhabha Radiation Safety Officer) के रूप मे मोनिका ने सिलेक्शन लिया। मोनिका ने सबसे पहले प्रवेश परीक्षा को उत्तीर्ण किया। इसे पास करने कर बाद 3 सितंबर को भाभा अटॉमिक रिसर्च सेंटर मे उनका इंटरव्यू हुआ।

इंटरव्यू में मोनिका को सफलता प्राप्त हुई। फिर उसके बाद मोनिका का चयन भाभा परमाणु अनुसंधान जोकि मुंबई में है। वहा पर नाभिकीय औषधि के विक्रम सुरक्षा अधिकारी पद पर हो गया। मोनिका अपने माता पिता को सफलता का श्रेय देते हुए बताती है, कि उनकी सोच पढ़ाई के प्रति प्रारंभ से ही सकारात्मक रही।

यही सोच मोनिका को आगे बढ़ाने में सहायक बना आपको बता दे कि मोनिका आगे चलकर न्यूक्लियर मेडिसिन के फील्ड मे आगे बढ़कर डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त करना चाहती है और कैंसर रोगियों के लिए उपचार तथा अनुसंधान करना चाहती है।

भाभा परमाणु केंद्र देश का ऐतिहासिक और सफल परीक्षण केंद्र

हम जानते है की भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र हमारे देश भारत के लिए परमाणु परीक्षण के उपकरण का उत्पादन करता है। इस संस्थान ने पहले भी देश के लिए विभिन्न ऐतिहासिक तथा सफल परीक्षण किए हैं। केंसर के रोगियों का इलाज नाभिकीय औषधि के अंतर्गत करना और लोगों को जागरूक करना यह कार्य भाभा अनुसंधान केंद्र मुंबई का एक बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है।

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