इस शहर के किसान को पक्षियों से इतना प्रेम की उनके दाने के लिए आधा एकड़ जमीन में फसल उगाता है

0
2027
Muthu Murugan
Coimbatore farmer Muthu Murugan who dedicated half an acre just to feed birds. He Grows Half an Acre of Millets Just For Hungry Birds.

Photo Credits: ANI

Coimbatore: हम सभी जानते है कि हर व्यक्ति को अपना पेट भरने के लिए कोई ना कोई व्यवसाय करना ही पड़ता हैं। कृषि भी एक तरह का व्यवसाय होता है। हर किसान को खेती करने के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती हैं। परन्तु आपने कही ना कही यह सुना होगा कि किसान बहुत अधिक दयालु प्रवृत्ति का होता है।

यदि कोई किसान किसी व्यक्ति को भूख से तड़पते देख लेता है, तो उसकी मदद अवश्य ही करता है। कई बार तो हमे यह देखने को भी मिलता है कि जब कई पक्षी किसान के आस पास घूमते दिखाई देते हैं, तो वह अपने खेती में उगाई अनाज के दाने भी उन पक्षियों को डाल देते है।

अपने कभी यह नहीं देखा होगा और ना सुना होगा कि कोई किसान ऐसा हो जो हमारे आस पास के पशु पक्षियों की भूख मिटाने के लिए ही अपनी खेती में फसल उगाये। लेकिन आज हम अपनी इस पोस्ट के जरिए एक ऐसे ही दयालू किसान (Farmer) के विषय मे बताने जा रहे हैं।

पक्षियों को खाना खिलाने के उद्देश्य से फसल उगाते है कोयंबटूर के किसान

जी हा, आज हम बात कर रहे हैं एक किसान की जो कि पक्षियों का पेट भरने के लिए ही हर साल अपनी जमीन के आधे एकड़ जमीन पर फसल लगाते है। जिससे पक्षियों को भर पेट खाना प्राप्त हो सकें।

Farmers Farm in India

जानकारी के अनुसार यह दयालू किसान कोयंबटूर (Coimbatore) के निवासी हैं। जो पक्षियों को खाना खिलाने के उद्देश्य से ही अपनी जमीन के आधा एकड़ भाग में बाजरे की फसल ओर दूसरी अन्य फसल लगाते हैं। मिली जानकारी के अनुसार इस किसान कि उम्र 62 साल है। जिनका नाम मुर्गन (Muthu Murugan) है। यह किसान ऐसे ही अच्छे अच्छे काम पिछले काई सालो से करते आ रहे हैं।

पहले करते थे मैडो पर पक्षियों के लिए खाना तैयार

खेती करने की खास बात मुर्गन में यह है, की वह कभी भी खेती करते समय किसी भी पेस्टीसाइड कीटनाशी दवाइयों का उपयोग नहीं करते है। यह किसान बताते है, कि पहले पक्षियो के खाने के लिए मेडो पर वह खेती करके फसल उगाते थे। पर अब वे ऐसा नहीं करते हैं।

अब वह पक्षियों के लिए अपनी महत्वूर्ण जमीन का आधा एकड़ भाग उन पक्षियों के भरोसे ही कर चुके हैं। वह उस जमीन का आधे एकड़ भाग पर हर साल फसल उगाते है। मुर्गन यह बताते हुए कहते हैं, कि इन पक्षियों में उन्होने यह बात नोटिस किया है, कि पक्षियों को खाना सही ठंग से नहीं मिलने के कारण वह यहा वहां भटकते रहते हैं।

वह कहते है कि उन्होंने इस बात पर भी पूरा ध्यान दिया कि जब मैड पर वह फसल उगते थे। तो पूरे पक्षियों को खाने के लिए इधर उधर नहीं भटकना पड़ता था। बल्कि पूरे ही पक्षी उनकी उगाई फसल खाने आ जाता करते थे।

पर्यावरण का ध्यान रखते हुए खेती करते है मुर्गन

उन्होने पक्षियों को अच्छे से खाना देने के लिए अपनी जमीन के आधे एकड़ में अच्छी तरीके से फसल उगाई। मूर्गुन की बात करे तो वह एक ऐसे किसान है, जो पूरी तरीके से अपने पर्यावरण का ध्यान रखते हैं। वह समय समय पर वृक्षारोपन भी करते रहते हैं। वह यह बताते है कि उन्होंने आधा एकड़ जमीन में इस तरह की फसल उगाई है, जिससे पक्षियों को अच्छे से खाना मिल जाता है।

पक्षियों को नुकसान ना हो इसलिए पेस्टीसाइड का उपयोग बंद किया

आपको बता दें कि, मुरूगन पर्यावरण का ख्याल रखने वाले किसान है। वह समय समय पर वृक्षारोपण भी करते हैं। वह कहते हैं उन्होंने फसलों की अच्छी पैदावार के लिए पहले पेस्टीसाइड का उपयोग भी किया था।

परंतु कई कमजोर पक्षियों को इस पेस्टीसाइड के उपयोग से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ था। इसलिए पक्षियों को हानि होने के कारण वह रसायनिक दवाओं का उपयोग अब नहीं करते हैं। उस समय से ही किसान मूर्गुन पक्षियों के लिए प्राकृतिक खेती करते है। ताकि पक्षी स्वस्थ रह सके और उन्हें खाने के लिए यहा वहा ना भटकना पड़े।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here